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Hindi Sex Story

Us Raat Ek Ajnabi Bana Mera Pati – Hindi Sex story

नमस्ते मेरा नाम प्रकाश है पर आप सब मुझे पायल बुला सकते है। वो इसलिए क्योकि की मैं जन्म से एक मर्द हूँ पर दिल, दिमाग और आत्मा से एक औरत हूँ। मेरी उम्र २९ साल है। ये बात उस रात की है जब मैं रात को घर पर अकेली थी और मेरे अंदर की औरत किसी मर्द के प्यार को तपड़ रही थी। मुझे आवाज़ और बॉडी भी भगवन ने औरत जैसी ही दी है और मुझे सबसे ज्यादा पसंद है मेरे छाती के दो उभर, यानि मेरे स्तन जो हलके से निकले होए है। मानो एक औरत के ही हो। मैं जब कभी घर पर अकेली होती तो अपने आप को एक औरत बना कर बहुत खुश होती थी। पहले में नहा लेती, फिर बॉडी पर पाउडर, क्रीम और परफ्यूम लगाती और फिर ब्रा पहन लेती, फिर पेंटी, फिर पेटीकोट, स्लीवलेस ब्लाउज, साड़ी, माथे पर बिंदी, हाथो में चुडिया, होठो पर लिपस्टिक, कानो में बाली, नाक में नथुनिया, और पैरो में पायल और ये सब पहन कर अपने आप को आइने में देख कर मेरी आत्मा खिल उठती थी। उस रात मैं फिर से अकेली थी घर पर, त्यार तो होई लेकिन मेरे अंदर इच्छा जागी मुझे कोई मर्द तो चाइये जो मुझे औरत बना कर प्यार दे। मुझे भोगे, मेरे बदन से खेले, उससे प्यार करे, मेरी सांसो की गर्मी शांत करे और मेरे जिस्म की आग को भुजा दे ! मुझे इसके लिए बहार जाना था.. रात के अँधेरे में बहार जाना था मुझे.. मेने तुरंत अपने आपक को नार्मल कपड़ो में ड्रेस किया और निचे जा कर अपनी कार स्टार्ट करके बहार रोड पर निकल पड़ी.. अपने प्यार को ढूंढने.. मैं निकल पड़ी पर समझ नहीं आ रहा था कहा जाऊ और तभी मेरी नज़र पड़ी नज़दीक के एक सिनेमा हॉल पर जहा अक्सर एडल्ट मूवीज लगती थी.. मैं वहां चली गयी। रात का शो खत्म होने वाला था सो सभी देख कर निकलने वाले थे.. शो खत्म हुआ और लोग निकलने लगे और मैं बेसब्री से अपने होने वाले रात के पति को ढूंढ रही थी। उस भीड़ में, बहुत कम लोग निकले वह से और अलग अलग दिशा में चलने लगे, फिर एक आदमी दिखा,  छोटे कद था और धीरे धीरे चल रहा था। मेने कार स्टार्ट की और उसके पास से गुजरी और उससे देखा। उसकी उम्र करीब ४० से ४५ की होगी पर मुझे पसंद आ गया.. मेने कार थोड़ी दूर जहा कोई नही था वही पार्क कर दी और गिलास निचे कर लिए जैसे जैसे वो नज़दीक आ रहा था मेरी दिल झोर झोर से धड़क रहा था। वो नज़दीक आये तो मेने कार से आवज़ दी उनको.. सुनिए !!! वो रुक कर कार के पास आ गए और अंदर मुह कर के मुझे बोले – हाँ बोलो क्या है ?? मैं थोड़ी घबरा गयी थी पर अपनी आवाज़ एक दम पतली करके मेने उनसे पूछा। यहाँ आस पास कोई मेडिकल स्टोर है क्या ??? बहुत अर्जेंट है ??? वो बोले – क्यों क्या हुआ ? यहाँ तो कोई नहीं है। मैं रोन्दू सा मुह बना कर बोली – हाय दइया, अब क्या करू ?? अरे पर क्या हुआ बोलो तो ??? – वो बोले मेने उनकी तरफ देखा और कहा – मेरे चेस्ट में हल्का हल्का दर्द सा है, मुझे दवाई चाहिए थी कब से ढूंढ रहा हु पर कोई मेडिकल स्टोर नही मिल रहा है.. अब क्या करू ??? फिर मेने उनकी तरफ देख कर पूछा.. सुनिए अगर आप मेरे साथ ढूंढ दे तो बहुत मेहरबानी होगी आपकी.. प्लीज ! हाँ क्यों नहीं, चलो मैं आता हु साथ में.. क्या बेठ जाऊ कार में ?? हाँ आइये ना प्लीज ! और वो बैठे गए कार में मेरे बगल में, मेने गिलास (शीशा) उप्पर किया ए.सी ओन किया और चल पड़ी.. थोड़ी दूर गए तो उन्होंने मुझे पूछा कोई घाव हुआ है तुम्हे जो दर्द हो रहा है.. मेने ना में सर हिलाया.. तो फिर ?? पूछा उन्होंने.. मेने कहा आप देखो अगर आपको समझ आये तो ?? हाँ दिखाओ !!! boobs playing girl मेने अपनी कमीज़ के बटन खोले उप्पर की तीन और अपनी स्तन को निकल कर बहार कर दिया.. ओह्ह.. ये क्या ?? तुम लड़की हो क्या ? वो एक दम से बोले। मेने कहा – ना मैं लड़की नहीं हूँ पर बनने के लिए ऑपरेशन करवाने वाला हूँ.. उसी की दवाई चल रही है और ये दर्द हुआ तो दवाई ढूंढ रहा था.. वो बस मेरी तरफ देख रहे थे और मैं थोड़ा घबरा गयी.. फिर वो बोले – घर वालो को पता है ये ??
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मेने कहा अभी नही पर कुछ समय बाद बता दूंगी.. अभी ना.. उह सॉरी आई मैं बता दूंगा.. फिर उन्होंने मेरी तरफ देखा और पूछा – क्या में एक बार टच करू इससे ??? मैं उनकी तरफ देखने लगी और उन्हें लगा मुझे बुरा लगा है। तो वो बोले – सॉरी में तो युही पूछ रहा था.. मेने कार को रोक कर उससे साइड में पार्क किया उन्हें लगा मुझे बुरा लगा है तो उन्होंने मुझे सॉरी बोला और उतरने लगे.. मेने उनका हाथ पकड़ा और अपने स्तन पर रख दिया.. ओह्ह्ह कितना कड़क हाथ था उनका और एक दम गरम भी और वह उनका मु खुला रह गया मेरे स्तन पर हाथ रख कर.. “ऊह्ह एक दम औरत जैसा है तुम्हारा ये ” वो बोले और हलके हलके दबाने लगे भी लगे। मेने कहा – अच्छा जी ?? वैसे क्या बोलते है इससे आप ??? वो बोले – पपु !!! और तुम ? मेने कहा – वही.. पुपु.. वाह आप तो बहुत अच्छा दबा रहे है !! और वो मुस्कराने लगे और ममेरे दूसरे स्तन को देखने लगे.. ये भी ??? मेने पूछा उनसे.. तो बोले हा… मेने दूसरा स्तन भी निकल दिया और वो दोनों को दबने लगे.. मैं तो जोश में आ गयी और अपने होठ दबा दबा कर उनकी तरफ देख कर आहे भरने लगी.. और वो भी गरम होने लगे.. . मेने उनको सेक्सी आवाज़ में पूछा.. चूसने का मन है क्या जी ??? नेकी और पूछ पूछ – वो बोले और नज़दीक आने लगे स्तनों, मेरे पुपु को चूसने के लिए.. पर मेने रोक दिया उनके लिप्स पर अपनी ऊँगली रख दी.. वो बोले – क्या होआ चूसने दे ना। ना यहाँ खुले में नै, कोई देख गया टी ओटक्लिफ हो जाएगी। तो फिर कहा जाये ?? मेरे घर !!! आइये ना वह कोई नै है आज.. बोले लेकिन मेरे को वापस यहाँ तक ले आएगा..?? मेने कहा..  ले आएगा नै..  ले आउंगी.. समझे.. चलिए ना ले आउंगी.. ओके फिर चल ” वो बोले। मैं खुशी से पागल हो रही थी, सब कुछ सपना सा लग रहा था, मनो ये सब एक सपना है.. मैं कमबयब हो गयी थी एक रात के पति को पाने में, सच कहु आज से पहले घर आने की इतनी जल्दी मुझे कभी नहीं हुयी थी ! लेकिन घर आ गया मेरा, हम दोनों उतरे और में उनको घर के अंदर लायी और दरवाजा बंद कर दिया.. मैं सीधे उनको उप्पर अपने कमरे में ले गयी। मेने उनको बिस्तर पर बिठाया और कहा आप आराम से बेठिये में ए .सी चला देती हु और पानी लती हु, में निचे आई और गिलास में पानी और दूसरे गिलास में कोल्ड्रिंक ले कर ऊपर आई…मेने मुस्कुरा कर उनको पानी और ड्रिंक दिया, उन्होंने पहले पानी पिया और फिर दूसरा गिलास ले लिया, मेने वही गिलास साइड में रखा। मैं वही कड़ी रही, और उन्होंने ड्रिंक्स भी पि लिया तो में दोनों गिलास निचे रखने चली गयी और फिर से उप्पर आई और उनके पास खड़ी रह गयी.. फिर उन्होंने मुझे पूछा – तू अकेली रहती है यहाँ ?? नहीं, परिवार है मेरा, पर सब बहार गए है ४ दिन के लिए सो आज अकेली हु !!! – मेने जवाब दिया.. अच्छा है.. चल कपडे उत्तर ले आज बिस्तर में फटाफट करते है – वो बोले मेने उनसे कहा – मेरी एक रिक्वेस्ट है मानिए तो ठीक। हाँ बोल ना – वो बोले मैं इस रात को थोड़ा हसीन बन सकती हु, उसके लिए आपको पहले थोड़ा तयार होना पड़ेगा और फिर मुझे भी.. हाँ तो बोल क्या करू ?? मेने कहा आइये मेरे साथ। में उन्होंने बाथरूम में ले गयी और कहा, ये लीजये टॉवल और आप नह लो, फ्रेश हो जाऊ, रेलज़ हो जाओगे तो सेक्स में मज़ा भी आएगा.. वो बोले सही बात,  और टॉवल ले कर नहाने चले गए, और में बहार कमरे में आ कर, अपना कंप्यूटर चालू करके उसमें पोर्न क्लिप्स लगा दी। मैं हाथ में ब्रा, पेंटी, ब्लाउज, पेटीकोट, और विग, चुडिया मेक उप का सामान ले कर बाथरूम के बहार इंतज़ार करने लगी। वो नहा कर निकले टॉवल लपेट कर, तो मेने उन्हें मेरे कंप्यूटर के सामने बिठा दिया जिस में पोर्न मूवीज चल रही थी और उनको कहा आप मज़े करिये में थोड़ी देर में आती हूँ। फिर मैं बाथरूम गयी, में नह कर तयार होना शुरू किया, पहले पूरी बॉडी पर क्रीम लगायी, फिर पोवदेर, फिर पेंटी पहनी, फिर ब्रा, पेटीकोट, स्लीवलेस ब्लाउज, साड़ी, फिर मेने चुडिया पहनी, लिपस्टिक लाग्या, और पैरो में पायल पहनी, और बड़ी सी लाल बिंदी लगायी, सर पर कंधो तक लम्बी विग दाल ली।
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मेरे गोर बदन पर काली ब्लाउज और साड़ी और भी लखिल रही थी और उप्पर से मेरी लाल लिपस्टिक और लाल बिंदी मुझे और भी मादक बना रही थी, मेने साड़ी को मेरी नाभि के निचे बंधा था, इसलिए मेरी प्यारी से नाभि देख रही थी.. अब मैं तयार थी उनके पास जाने को, अपने आप को आइने मैं देखा, सच खुद का रेप करने का मन हो रहा था मेरा, हा हा हा हा हा…..दिल झोर से धड़क रहा था की कैसे जाऊ उनके सामने, हिम्मत की और दरवाजा खोल कर मैं बहार निकली। बहार निकली तो देखो वो अपने लिंग को हाथ में ले कर हिला रहे थे और मुझे देख कर अचानक से खड़े हो गए कुर्सी से, और उनका मु खुला खुला रह गया…और मैं वही बिस्तर के पास आ कर कड़ी हो गयी, नज़र निचे करके शरमाते होए खडी थी उनके सामने, सब कुछ एक सपना लग रहा था, सपना.. वो तो मुझे आँखे फाड़ कर देख रहे थे, फिर बोले – तू वही लड़का है क्या ?? जो मेरे साथ था अभी ?? मेने शरमाते होए हाँ में सर हिलाया। वो मेरे पास आये और मुझे छू कर देखा.. मैं बोली – मैं वही हु जी। फिर उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर उससे चुम लिया और मेने ठंडी आह भरी, फिर उन्होंने मुझे अपने करीब लिया मेने आपको रोक दिया और कहा आपके लिए कुछ लाती हु। फिर में निचे रसोई घर गयी और आपके लिए एक गिलास दूध बना कर लायी। मैं हाथ में गिलास लिए अंदर आती हु और देखती हु आप बैठे है बिस्तर पर टॉवल लपेट कर,  आप मुझे देख कर आते है अंदर ले कर दरवाजा बंद कर लेते है. और आप मुझे हाथो से पकड़ कर बिस्तर तक ले जाते है। आप मुझे बिस्तर पर बिठाते है और मेरे निचे होए फेस को अपने हाथो से उप्पर करते है और मेने आँखे बंद राखी है आप ने मुझे कहा आँखे खोलने को मेने गिलास आगे कर दिया और आँख धीरे से खोल कर और एक दम धीरे और प्यारी से आवाज़ मैं कहा “पहले दूध पि लीजीए ना” फिर वो दूध का गिलास लेते है.. और पिने लगते है Mien उनको टोकती हु जी पूरा नही.. थोड़ा सा मेरे लिए.. फिर वो गिलास साइड पर रख देते है और मुझे कहते है “ये आधा गिलास थोड़ी बाद पिलाऊँगा.. अभी नहीं.. और फिर वो मुझे गले लगा लेते है कसके गले वो सबसे पहले मेरा माथा चूमते है। और फिर मेरी आँखों को.. एक एक करके.. फिर वो मेरे गालो को चूमने लगे, मेरी गर्दन को,  और फिर अचानक से मेरे होठो को अपने होठो से हलके से पकड़ कर उन्हें चूसने लगते है, , और में आँखे बंद करके अपने आप को उनके पूरी तरह सोम्प दिया। फिर मुझे खड़ा कर के… मेरे साड़ी के दुप्पटे को गिरा दिया.. और फिर मेरे कमर से लिपद गए वो। और फिर में उनको बल्लो को शैलती रही …फिर उन्होंने मेरी नाभि को अपने होठो से चुम लिया,  और अपनी जीब से उससे चक कर मुझे और एक्ससित कर दिया .और माइन हलकी से सिसकिया ले लगी। उम्माह्ह.. हाय दइया जी.. धीरे धीरे करिये ना.. फिर मेने उनको कसके के गले लगा लिया,  और वो अपना फेस मेरे स्तनों के बीच ले आये,  वो उन्हें अपने चेहरे से दबा रहे थे,  फिर वो धीरे से मुझसे पूछा.. दूदू है इन में ?? और मैं शर्मा कर कहा – धत.. आप भी न,  अभी कहा से आएगा दूध। तो उन्होंने कहा – फिर कब आएगा ?? मेने शर्म से चेहरे को हाथो से धक लिया. फिर उन्होंने कहा – मुझे चेक तो करने दो इस माइन दूध नै आता क्युओं ??? और उन्होंने मेरे हाथो को हटा दिया,  फिर मेने आँखे बंद कर ली। उन्होंने मुझे और करीब ला कर, मेरे ब्लाउज के उप्पर से मेरे स्तनों को चूमने लगे और सारा कमरा मेरी सिसकियो से गूंज उठा.. उइमाआआआआ आह.. हाय दइया.. फिर वो  मेरे ब्लाउज के एक साइड को हाथो से मसलने लगे .उससे हलके हलके दबाने लगे.. और फिर थोड़ी देर बाद दोनों हाथो से…  फिर उन्होंने मेरे ब्लाउज के बटन्स खोल दिए। फिर वो मेरे दिल पर एक चुमी ले कर उसे शांत करने की कोशिश करते है पर वो तो और भी झोर झोर से धड़कने लगता है.. फिर वो कहते है “मुझे इसे शांत करना आता है “!!
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उन्होंने धीरे धीरे ब्लाउज के सारे बटन खोल दिए और ब्लाउज निकाल दी मेरी। और मुझे उठा कर बिस्तर पर सुला दिया. फिर उन्होंने ने मेरी ब्रा निकाल दी,  मेने शर्म से उनको अपने हाथो से धक लिया और उन्होंने अपने हाथो से मेरे हाथो को मेरे स्तनों से हटा diya, और फिर मेरे स्तनों को भूखी और प्यार भरी नज़रो से देखने लगे। फिर वो मेरा टॉप निकाल देते है और मेरे उप्पर आ जाते है उनका मु मेरे निप्पल के पास आता है, और वो हलके हलके उन्हें हाथो से दबाने लगते है, वो मेरी निप्पल को हाथो से पकड़ कर हलके हलके दबा लेते है,  और मैं बस आँख बंद किये सिसकिया लेती रहती हु। फिर वो.. निप्पल के पास गरम साँसों से हवा करते है .और माइन उइमाआआ करती हु .वो हलके से निप्पल को में भर कर.. हलके हलके से चूसने लगते है और दूसरे हाथ से दूसरे निप्पल को दबाते रेह्ते है। वो थोड़ी देर बाद दूसरे निप्पल को चूसने लगते है और पहले वाले को दबाने लगते फिर वो मेरा पूरा स्तन अपने मु में ले लेते है और झोर जोर से दबा दबा कर चूसने लगते है.. और फिर दोनों को १० से 15 min तक चूसने के बाद मेरी तरफ देखैत हैं और मेरी आँखे बेहोशी से खुल नहीं रही। फिर वो मेरे फेस को हाथो से पकड़ कर होठो को चुम कर बोललते है ” जान इनमे तो दूध नहीं है अभी ? अब वो मेरी पेटीकोट उतार लेते और पेंटी भी. फिर वो मेरी नाभि पर अपने होठ रखते है और उसी में अपनी जीब दाल कर उस्सका स्वाद लेने लगते है. और मैं यहाँ जोश में होश खो बैठती हूँ, वो तो बस मेरी नाभि को चाटे जा रहे है, और मैं सिसकय पर सिसकिया लेती जा रही हु,  और फिर वो मेरे पेट को चुम लेते है। वो थोड़ी डियर तक मेरे नाभि और पेट को चाटे और चूमते रेह्ते है .फिर वो मुझे उठा लेते है.. और मैं उनको सुला देती हु। पीठ के सहारे। फिर मैं उनके पैरो के पास जा कर …पहले उन्हें सहलाती हूँ,  और फिर पैर के अंघूटe को मु मैं ले कर चूस लेती हु और फिर दूसरे पैर के अंगूठे को भी .फिर उनके पैर के तलवे को चाटने लगाती हु और सभी ऊँगली को बारी बारी मु में ले कर चूस लेती हु। फिर धीरे धीरे चूमते होए ऊपर उनके झांगो तक आयति हूँ. और वह चाटने और किश करने लगती हूँ.. फिर उनकी पैरो को फैला कर उनके लिंग के बॉलs के निचे अपना मु ले जाती हु और वह हलकी हलकी गरम साँसे छोड़ती हु.. फिर वह अपनी जीब से उस जगह को चाट लेती हूँ। फिर मैं उनके बॉल्स को उठा कर उनको निच्चे से किस करती हूँ और उन्हें मु में भर कर.. हलके हलके चूस लेती हु .और वो मुझे बहुत प्यार से बोलते है “चूस लो बस चूस जान” !  लेकिन मैं उनके बॉल्स को मु में भर कर हलके हलके चुस्ती रहती हूँ.. और फिर उनके लिंग को हाथ में ले कर सहलाने लगती हूँ। अब मैं थोड़ा और उप्पर आकर उनके लिंग को अपने माथे से लगा कर उसका आशीर्वाद लेती हु .ताकि उससे खुस कर सकु और फिर लिंग को सहला कर उसस्की foreskin निच्चे कर देती हु.. लिंग को निच्चे से ऊपर तक चाट लेती हु और फोरस्किन निच्चे करने के बाद उनके लिंग से पानी जो चिपका होआ था उसे चूसने के लिए लिंग को हलके से अपने होठो के बीच दबा कर चूसने लगी और उससे सुख दिया। फिर मैं उनके लिंग के मुख को फिर से मु में ले कर अपनी थूक लगा कर उससे फिर गिला किया .मेरा मु खोल और उसमे उन्होंने ने अपनी थूक गिरा कर मुझसे कहा “ले अब फिर से गिला कर इससे और मैं शर्मा कर फिर से उसी तरह लिंग के पास आई. और फिर लिंग के मुख को मु में भर कर. हलके हलके चूस कर उनको मज़े देने लगी। अब मैं धीरे धीरे उनके लिंग को अपने मु माइन अंदर ले रही थी.. और वो आह आह कर रहे थे. अब मैं लिंग को अपने मु में अंदर बहार करने लगी और उनको मुख मैथुन का मज़ा देने लगी उम्म्म्हह… उम्म्ह्हह्ह… आह हे भगवन वो तो एक दम गरम था। ऊउई.. माँ.. आह्ह्ह्ह… उम्म्म्हह्ह.. सारा कमरा हमारी सिस्कारियों से गूंज रहा था। अब मैं झोर झोर से चूसने लगी .और होठो को भी सिकुड़ लिया मेने .ताकि लिंग पर सही पकड़ बानी रहे.. और अंदर हो सके उतना गले तक लेने लगी। उनको अच्छा लगेने लगा.. उम्म्हह्हा.. आह्ह्ह्ह… हाई दइया उन्होंने ने तो सारा वीर्य मुझे पिला दिया.. आम्म्म्म.. Editor: Sunita Prusty Publisher: Bhauja.com

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