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प्रमोशन के लिए बीवी की चुत दान – Promotion Ke Liye Biwi Ki Chut Dan

हेलो मैं हूँ सुनीता और आप सभी देवर और देवरानी मेरे इसी सेक्स स्टोरी भरी ब्लॉग पे कहानी पढ़ने केलिए आपको शान्यबाद तो देर नकरते हुए हम सीधे कहानी पे चलते हे, किउंकि आजकी ये कहानी मजेदार हे, पत्नी की पराये मर्द से चुदाई के मिला पति को प्रमोशन ये कहानी है एक पति की जो आधा पागल था(पतला, लंबा, छोटे बालो वाला, गोरा). एक बेटे की जो बिगड़ा हुआ था (काला, मोटा, लंबा, तोतला) और एक औरत कविता की जो सावित्री के पल्लू के अंदर रंडी बाज़ी करती थी (गोरी, ऊची चुचि, कटीला बदन, लाल चुद, सुरीली आवाज़, लंबे बाल नरम नरम बदन). कविता जैसी औरते समाज मैं कम होती है लेकिन होती है. ऐसी औरोतो की सेक्स करने के लिए पागल रहती है.सभी कैरेक्टर रियल है, बस फ़र्क यही है की तीनो कैरेक्टर एक घर मैं एक साथ दिखना मुश्किल है.अगर आप कभी सिटी के बॅक्वर्ड एरिया मैं जाओगे तो आपको ऐसे लोग ज़रूर मिलेंगे.आप को तो सिचुयेशन समझ मैं आ गयी होगी.अब स्टोरी पर आते है….पति (रवि) एक दिन गुस्से मैं घर आता है. बेटा ( मुन्ना) पी.सी पर गेम्स खेल रहा होता है, और माँ (कविता) किचन मैं खाना बना रही होती है. पति का पारा चढ़ा हुआ होता है, वो कविता को गुस्से से पुकारता है, “रंडी , बाहर आजा, आज मैं तुझे नही छोड़ूँगा, तुने मेरी इज़्ज़त का कचरा कर दिया है, साली कुत्तों की औलाद, बाहर आ”. कविता बाहर आकर कहती है, “डार्लिंग, क्या हुआ क्यों चिल्ला रहे हो”. और पति के हाथ मैं डंडा देख कर चौक जाती है. मुन्ना बाप का हाथ पकड़ कर कहता है, “बापू मत मारो माँ को”. बाप बेटे को धकेल कर कहता है, “आज मैं इस रंडी को छोड़ूँगा नही, . महोल्ले मैं मेरी नाक कटा दी है, सड़क पर लोग मुझे देख कर हँसते है”. कविता कहती है, “मैने किया क्या है? आप बताओ”. पति ये सवाल सुनकर और बौखला जाता है, डंडा ज़मीन पर पटक कर, कविता के बाल खीचता हे और जमीन पर गिरा देता हे .कविता रोते हुए डंडा दूर फेक देती है. बेटा बाप के पास जाकर कहता है क्या हुआ पापा, माँ ने और कोई नई ग़लती कर दी क्या.रवि नीचे बैठ जाता है और रोते हुए अपना माथा फोड़ते हुए कहता है, मैने क्या पाप किया था की ऐसी पत्नी मुझे मिली. रवि अपनी पेन्ट से मोबाइल निकालता है और बेटे के हाथ मैं दे देता है, और कहता है, “इस में जो MMS हे उसे खोल कर देख”. बेटा विडियो मैं देखता है तो एक विडियो देखता है. बेटा ओपन करता है. MMS मैं एक औरत दो आदमी के साथ सेक्स कर रही थी, फेस छिपा हुआ था पर आवाज़ तो माँ की ही थी. बेटा कहता है, “बापू इस में जो औरत है वो माँ है आप कैसे बोल सकते हो?”.रवि गुस्से में कहता है, “मुझे कैसे पता !!!”. उठकर पागलो की तरह अपनी पत्नी को देखता है, और एक ज़ोरदार गाल पर मारता है. बेटा के मुहँ से माँ !! निकली. बेटे का माँ के प्रती फिक्र देख, वो कहता है, “जानना चाहता है मुझे कैसे पता”. वो ज़ोर से कविता के बाल खीचता है कविता चिलाती है. रवि कहता है, “आवाज़ सुनी, वही आवाज़ इस MMS मैं है ध्यान से सुन”. बेटा कुछ नही कहता. रवि फिर जोश मैं कविता को अपनी गोद मैं पेट के बल सुला देता है और कविता की साड़ी को ऊपर कर देता है और चड्डी नीचे कर देता है. मुन्ना के सामने कविता की गांड पर मस्सा दिखाकर कहता है, “देख ये है तेरी माँ की पहचान”.बेटा कुछ नही बोलता, चुप हो जाता है.रवि कहता है, और देखना चाहता है?. मुन्ना की आँखों मैं सवाल था और क्या. रवि कविता की गांड और चुद फैला कर दिखा कर कहता है, “देख तेरी माँ की असली तस्वीर, देख !!!, गांड का छेद देख कितना बड़ा है, चुद का रंग देख लगता है की चुद मैं रोज़ कोई ना कोई हल जोतने आता है. इस MMS मैं औरत के गांड पर जो तिल है वो ही तिल तेरी माँ की गांड पर है, ध्यान से देख” रवि कहते कहते चुद और गांड को दोनो हाथो से. फैला कर दिखा रहा था.कविता रोते रोते कहती है, “बस कीजिए, में आपके सामने हाथ जोड़ती हूँ , मेरे बेटे के सामने मुझे और ज़लील मत कीजिए”. रवि कहता है, “तुम्हारे बेटे ने अभी देखा ही क्या है, अब इसे जानना चाहिए की ये किस किस के और कितने लंड के पानी से बना हुआ है”.मुन्ना कहता है, “माँ क्या ये सच है?”. कविता वैसे हो पेट के बल, रवि की गोद मैं थी और रवि कविता की गांड और चुद को फैला कर मुन्ना को दिखा रहा था.कविता रोते रोते अपनी दास्तान बताने लगी. जेसे जेसे कविता बोल रही थी चुद और गांड के लिप्स भी हिल रहे थे और सांस ले रहे थे.बाप बेटे का ध्यान उसी पर था, “कविता हाँ बेटा मैं आज तुझे सब बताती हू,. मैं जब 16 साल की थी तब से रंडी बाजी करती थी, घर से 3-4 बार भाग चुकी थी, मेरे बाप ने मुझे बहुत बार छोड़ा था, पर वो मेरा भला भी चाहते थे इसलिए मेरी शादी भले इंसान से कर दी पर सेक्स की भूख बढ़ती गयी, और बढ़ती गयी…हमारे महोल्ले मैं बनवारी चाचा मुझे रोज़ चोदने घर आते थे, जब तो स्कूल जाता, तब उनके एक दो दोस्त मुझे घर पर मिलते थे….मुझे डर था की घर की इज़्ज़त ख़तरे मैं ना पड़े इसलिए मैं उनके घर और कई लोगो के घर कामवाली बनकर काम करने जाती… पर असल कामवाली के काम कभी किये नही…वो लोग मुझे रेस्टोरेंट मैं खाना खिलाते मूवी दिखाते…साड़ी खरीद के देते, बड़ा मज़ा आता था….एक दिन तुम्हारे पापा ने मुझे रंगे हाथ पकड़ लिया, मैं नंगी दो लोगो के साथ थ्रीसम कर रही थी तब….. क्या था तुम्हारे पापा ने मेरा खर्चा पानी बंद कर दिया..घर मैं ही क़ैद कर दिया…पर मैने हार नही मानी .महोल्ले के अकरम चाचा, तेरा अमीर दोस्त घनश्याम और 3,4 लोगो के साथ हफ्ते मैं एक बार तो सेक्स करती हूँ ….मेरी भूख इतनी बढ़ गयी है की एक टाइम पर 2 लोग लगते है…तेरे बाप मैं दम नही है 2 मिनिट मैं ही लंड ढीला पड़ जाता है… आंखिर तुम ही कहो की मैं क्या करती….एक दिन तुम्हारे बापू के दो दोस्त घर आए थे,, उनको ऐसा नज़ारा दिखाया की घर का रास्ता नही भूले…ये MMS उनका और मेरा है इसी बेड पर लिया है, मुझे नही पता था की बात यहाँ तक पहुचं जाएगी”.रवि निराशाजनक आवाज़ मैं बोला, “तुमने मेरे प्यार के साथ खेला है, इज़्ज़त के साथ खेला है, पता है ये MMS मुझे किसने दिया है पता है?”.
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कविता रवि की गोद से नीचे उतरती है और रवि को सवालो भरी नज़र से देखती रही. बेटे ने पूछा किसने दिया है बापू……रवि बोला मेरे बॉस ने… दोनो हैरान हो गये.रवि बोला आज के बाद तुम किसी पराये मर्द के साथ रिश्ता नहीं बनाओंगी वादा करो”. कविता स्ट्रॉंग आवाज़ मैं आँसू पोछते हुए कहती है,” मैं वादा करती हूँ”. रवि कहता है, “लेकिन!, आज तुम्हे मेरी जॉब को बचाना होगा, मेरा बॉस और उसकी बीवी आज खाने पर आ रहे है, दोनो बहुत चुदक्कड़ है, मेरा जॉब बचा लो”. कविता अपने पति के आँसू पोछती है और कहती है, “मैं आपसे प्यार करती हू, सब कुछ आप पर निर्चावर कर सकती हूँ , मुझे माफ़ कर दो, पर मैं क्या करती अपने मन पर काबू नही है”. रवि बोला, आज के बाद तुम सिर्फ़ मेरी हो मेरी रहोगी”.कविता कहती है, “मैं हमेशा आपकी ही रहूंगी”. दोनो एक दुसरे को देखते है और किस करना स्टार्ट कर देते है.मुन्ना दोनो को देख वापस पी.सी पर गेम खेलने चल जाता है. कविता बोलती है, “हटो जी, मुझे बहुत काम है, घर की सफाई करनी है, आपके लिए नाश्ता बना देती हूँ”.रवि कहता है “सॉरी!”. कविता कहती है, “इट्स ऑल राईट , लव यू “. फिर दोनो काम पर लग जाते है, कविता शाम की तेयारी करती है और रवि साफ सफाई करता है.शाम को 7 बजे बॉस और वाइफ आती है. सब मिलकर हॉल मैं शरबत पीते है और यहाँ वाहा की बाते करते है. बॉस कविता को गंदी नज़र से देखता है, और जुबान से गंदे इशारे करता है, कविता इसका जवाब स्माइल से देती है. रवि अपने बच्चे को बेडरूम मैं भेज देता है. बात करते करते रवि बोलता है, बॉस अपनी वाइफ (नेहा) को कहता है, “तुझे मैं एक मस्त विडियो क्लिप दिखाता हूँ “.और मोबाइल हाथ मैं पकड़ा देता है, नेहा कहती है, “ओह …..ये क्या दो को एक साथ….आपके ऑफिस मैं जो पार्वती है उसकी है ना?”. बॉस ने कहा नो. नेहा क्लिप देख कर बोली, ” आवाज़ कुछ पहचानी लग रही है”. बॉस और रवि हँसने लगे. रवि कहता है बॉस, खाना हो ज़ाये? . बॉस कहता है, “हाँ टाइम पर खाना ज़रूरी है नही तो ऑफीस मैं प्रोब्लम हो जाती है”. कविता खाना परोसती है. सब डाइनिंग टेबल पर खाना खाना स्टार्ट करते है. फर्स्ट नीवाला डालते ही बॉस खुश हो जाता है और कहता है की खाना बहुत अच्छा है. कविता थैंक्स कहती है. बॉस कहता है, इसका इनाम तुम्हे मैं ज़रूर दूँगा”. कविता थैंक्स कहती है. मुन्ना अंदर बेडरूम मैं ही पढ़ते पढ़ते खाना खा लेता है.खाना खाने के बाद बॉस और नेहा बहुत तारीफ करते है. बॉस कहता है, “रवि बहुत मेंहनती है, बहुत लगन से काम करता है, अगर तुम्हे कुछ सीखना हो ऑफिस का तो रवि के पास आया करो”. नेहा कहती है, “आपने कहा तो भरोसे का आदमी ही होगा, इसको तो देखना पड़ेगा क्या क्या सिखाता है”. बॉस बोला, “तुम बहुत शरारती हो”. रवि कहता है, “बॉस आप ड्रिंक लेंगे?”. नेहा बीच मैं कहती है आज सोमवार है,”हम नही ले सकते”. रवि कहता है, “सर, सॉरी भूल गया था, फिर क्या करे आप बताओ”. बॉस कहता है चलो बाहर एक राउंड मारकर आते है. सब बाहर पार्क मैं गये. वाहा पर बहुत सारे कपल बैठे थे, एक दूसरे से चिपके और एक दूसरे मैं फंसे हुए. नेहा रवि को पूछती है कुछ ऑफिस की बात हो ज़ाये. रवि कहता है हाँ क्यो नही. वो दोनो आगे निकल जाते है. बॉस और कविता पीछे रह जाते है. बॉस कविता को कहता हें की खाना अच्छा था, कविता कहती है इनाम क्या मिलेगा?. बॉस कहता है जो माँगो वो दूँगा. कविता बॉस को प्यार भरी नज़र और सेक्सी स्माइल देती है. बॉस समझ जाता है और कविता का हाथ पकड़कर झाड़ियो मैं घुस कर दोनो चूमन छाती करते है.वाहा नेहा रवि को बताओ बताओ पूछती है, की MMS किसका था. रवि मुस्कुराकर कहता है कविता का है, नेहा के बदन मैं आजीब सा करंट दौड़ जाता है. नेहा कहती है, मेरे साथ वोंहि करो जो कविता के साथ किया. रवि कहता है, बॉस को पूछना पड़ेगा, नेहा कहती है, “अभी मेरी चुद मैं खुजली हो रही है, यही पर खुजली करके दो, इट्स मी ऑर्डर”. और नेहा रवि को खीचं कर झाड़ी मैं ले जाती है. रवि नेहा की साड़ी उठाकर चड्डी नीचे करता है और चुद को कुत्ते की तरह चाटने लगता है. 45 मिनिट के बाद बॉस रवि को फोन करता है और चारो फिर से मिल जाते है और घर लौटते है. मुन्ना पढ़ाई ख़त्म करके टी.वी देख रहा होता है और बॉस को फिर से देख हैरान हो जाता है. बॉस कहता है, “रवि, अंदर चलेंगे, बेडरूम मैं”. रवि को ऐतराज़ था पर वो कुछ नही बोल पाया. रवि मुन्ना को कहता है की हॉल मैं ही सो ज़ाये बॉस की तबीयत ठीक नही है वो बेडरूम मैं सो ज़ाएँगे. बॉस का लंड टाइट था, नेहा की चुद गीली थी. दोनो कविता और रवि को बिस्तर मैं खीचं लाते है. रवि कहता है, “विंडो एंड डोर क्लोज़ कर लेता हू”. बॉस और नेहा मना कर देते है. उन्हे खुले मैं और लाइट में सेक्स करना पसंद था. रवि का घर ग्राउंड फ्लोर पर था और बाहर के लोगो को आसानी से अंदर का नज़ारा दिख जाता था. रवि का टेन्शन से लंड फिर ढीला हो गया पर वो क्या करता, बदनामी मंज़ूर थी. बॉस और रवि ने सेक्स का प्रोग्राम स्टार्ट किया. नेहा रवि से नॉटी बाते करके हंसी जा रही थी.रवि को इस बात की टेन्शन थी की मुन्ना सुन लेगा, पर इस पर भी वो क्या करता?. वो लोग 69 पोज़िशन मैं काफ़ी देर बने रहे, एक दूसरे के गांड मैं पेन या पेन्सिल डाल कर गेम की तरह खेलते रहे, लंड और चुद चटवाते रहे. फिर नेहा और कविता दोनो एक दूसरे के बगल मैं घोड़ी बने खड़े हो गये. नेक्स्ट गेम मैं कविता की गांड मैं उंगली डाली और पूछा की किसकी उंगली है.कविता का जवाब सही था. नेक्स्ट नेहा के साथ भी ऐसा ही किया.गेम यू ही काफ़ी देर चलता रहा. कभी चुद मैं लंड, कभी चुद चाटना, कभी गांड पर तमाशा, कभी, एक की उंगली गांड मैं और एक की उंगली चुद मैं. चारो हँसते हँसते सेक्स गेम खेल रहे थे. मुन्ना को पता था की अंदर सेक्स चल रहा है पर वो हॉल मैं टीवी पर बी.एफ देखने मैं मग्न था. रात काफ़ी हो रही थी, सब ने डिसाइड किया की चुदाई करके सो जाते है.
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बॉस और नेहा बेड पर सो गये और कविता बॉस के लंड पर बैठ गयी, रवि नेहा के उपर चड़ गया. कविता रवि से बोली, “काफ़ी दिनों बाद मज़ा आया है, इनको कभी कभी ऐसे ही बुलाया करो”. रवि को कविता की बात पर गुस्सा आया पर सारा गुस्सा पीकर वो बोला, “बॉस, आप को कभी कभी भूख़ लगे तो मेरे घर आइए, मेरी बीवी हमेशा रेडी रहती है”. बॉस बोला, “साले, ये क्या बोलने की बात है,ऑफिस से तुम्हे ड्रॉप करने के बाद तेरी बीवी को ले जाया करूँगा”.रवि बोला , आप की खुशी मैं मेरा प्रमोशन है”. ये सुनकर चारो हँसने लगे.नेहा चिल्लाने लगी, “डीपर, हार्डर…ओहो हाँ “. रवि ये सुन कर रेस के घुड़सवार की तरह दौड़ने लगा. कविता बड़े आराम से सेक्स कर रही थी, उसे पता था की लंड को कैसे कंट्रोल करते है. नेहा रवि को कस कर पकड़कर स्मोच करने लगी और रवि ज़ोर से झटके देने लगा. 5 मिनिट मैं ही, रवि झड़ गया. नेहा, ने पूछा क्या हुआ?. रवि ने सिर झुका लिया. बॉस देखकर हँसने लगा और कविता भी. नेहा को इतना गुस्सा आया की उसने अपने पति से कहा की उसे तुरंत यहाँ से जाना है. कविता और बॉस सेक्स करते करते समझा रहे थे. नेहा ने नही सुनी. बॉस ने रवि को कहाँ देख, तेरा प्रमोशन तब होगा व्हेन आई ऐम हैप्पी, और मैं हैप्पी तब हो सकता हूँ जब मेरी वाइफ का मूड अच्छा हो, रवि तुम कुछ करो वरना तुम्हारा प्रमोशन ख़तरे मैं है समझो. रवि टेन्शन मैं आ गया और लंड हिलाने लगा, पर खड़ा नही हो रहा था. रवि बोला, “एक ही रास्ता है, मुन्ना!” कविता झटके देना बंद करके बोली, क्या पागल तो नही हुए हो? नेहा बोली चलेगा, “लेकर आओ उसे मेरी चुद को अभी चाहिए जल्दी!!!”. बॉस कहता है, जल्दी जाओ. रवि नंगा भागकर हॉल मैं गया, बेटे को समझा दिया. मुन्ना ने फिर एंट्री की अपनी माँ के साइड मैं आ गया, माँ बॉस के उपर थी और वो नेहा के उपर. बॉस अब कविता के उपर आ गया. रवि साइड मैं स्टूल पर बैठकर अपने घरवालो की चुदाई देख रहा था. मुन्ना ने अपने बाप की इज़्ज़त रखी, लगातार, झटके मारता गया, नेहा के आँखों मैं आँसू आ गये, पर वो नही रुका, थोड़ा और थोड़ा और करके झटके मारता गया.रवि नेहा और कविता के बोबे दबाने और चाटने का काम करने लगा.ऑलमोस्ट 30 मिनिट के बाद कविता ने बॉस का लंड मूहँ मैं लिया और कुछ ही देर मैं बॉस झड़ गया मुन्ना शॉट लगाते लगाते बोबे चूसने लगा…..नेहा की आँखे आधी खुली थी आधी बंद थी. नेहा को लग रह था जैसे वो सेक्स करते करते बेहोश ही हो जायेगी..वो दर्द से चिल्ला रही थी और बीच बीच मैं मून कर रही थी.बॉस और सब की नज़र मुन्ना और नेहा पर थी. नेहा नही नही बोल रही थी, बॉस एक और एक और बोल रहा था, मुन्ना एक के बाद एक शॉट लगा रहा था. कविता मुन्ना की गोलियो को सहला रही थी. नेहा के बोबे लाल हो गये थे और चुद से इतना पानी निकला की बेड गीला दिख रहा था.मुन्ना ने फिर नेहा को उल्टा करने लगा. नेहा नहीं नहीं बोल रही थी, पर मदहोशी मैं नेहा उल्टी हो गई और मुन्ना ने उसकी गांड को उपर करके घोड़ी बना दिया (सिर नीचे). नेहा की चुद और खुल गयी, मुन्ना और नज़दीक आ गया.जैसे ही मुन्ना शॉट मारने लगा नेहा ज़ोर से चिल्लाई और रोने लगी…बॉस को अच्छा लग रहा था सब को मज़ा आ रहा था. ये देख कर रवि का लंड फिर से खड़ा हो गया रवि का लंड उसकी पत्नी ने पकड़ रखा था और मुन्ना और नेहा का शो देखते देखते रवि के लंड का रस पि गई. रवि अपने लंड से दुबारा रस निकला देख हैरान था.मुन्ना एक , एक करके शॉट लगाता गया और नेहा एक के बाद एक झटके लेती गयी. हर बार अम्मा .., अम्मा .. चिल्ला रही थी. नेहा का बुरा हाल था. 5 मिनिट बाद, आख़िर मुन्ना ने आँखरी शॉट लगाया और लंड को निकाल लिया. नेहा को सीधा किया और उसके मूहँ मैं लंड भर दिया. एक दो मिनिट नेहा के मूहँ मैं हिलने के बाद लंड का बहुत सारा पानी नेहा के मूहँ मैं आ गया. नेहा इतनी थकी प्यासी थी की मुन्ना का चिप पी गई. बॉस ने कभी अपनी वाइफ को लंड का पानी पीते नही देखा था. वो बहुत खुश था.अगले दिन सुबह उठ कर सब ने बेड पर ही ब्रेकफास्ट किया, संडास करके वापस बेड पर आ गये. सबको लग रहा था की नेहा आज सेक्स नही करेगी, लेकिन वो घोड़ी की तरह रेडी थी और चुद खुजाते जा रही थी.
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काफ़ी देर तक सेक्स गेम्स खेला और चुदाई करके सो गये.शाम को फिर से चुदाई करके बॉस और नेहा अपने घर भाग गये. उसी दिन रवि को छुट्टी मिल गयी. उसी दिन शाम को रवि कविता से बोला, “कविता मुझे माफ़ कर दो, जो वादा मैने तुमसे करवाया था वो मैं वापस लेता हू. बॉस तुम्हे छोड़ने यहाँ आता रहेगा”. कविता बोली, “मैं तुम्हारी पत्नी हूँ , चाहे किसी के भी साथ शारीरिक संबंद्ध बनाऊ , हमारा रिश्ता नही बदलने वाला और नही टूटने वाला, तुम चिंता मत करो, मैं तुम्हारे साथ हूँ”.कविता रवि से एक वादा मांगती है, “रवि कहता है, कैसा वादा”. कविता कहती है, “वादा करो की मैं अगर किसी पराये मर्द से सेक्स करू पैसे के लिए या खुद की खुशी के लिए या तुम्हारी प्रमोशन के लिए तो तुम कोई ऐतराज़ नही जताओगे, बल्कि, तुम मुझे सपोर्ट करोगे”. रवि कविता की आखोँ मैं देख कर कहता है, “तुम चाहे जिससे भी चुदवाओ मैं माना नही करूँगा; अगर मैं घर आया और तुम किसी और के साथ दिखी तो भी मैं कुछ नही बोलूँगा; चाहे जीतने भी आदमी आए-जाए, घर मैं लंड के वीर्य से गंदगी हो, मैं कुछ नही बोलूँगा; तुम दिन भर बाहर रहो मैं मना नही करूँगा; घर मैं मेरे दोस्तो रिस्तेदारो के साथ तुम सेक्स करो मैं मना नही करूँगा, दरवाजा खोलकर सेक्स करो, बालकनी मैं सेक्स करो मैं मना नही करूँगा, चिल्ला चिल्ला कर सेक्स करो मना नही करूँगा, रात मैं सड़क पर अजनबी के साथ सेक्स करो मना नही करूँगा, महोल्ले के सारे बच्चे तेरी चुद मैं उंगली करने आए, मैं माना नही करूँगा, महोल्ले के बुड़ो के लंड चूसो मुझे कोई प्रोबलम नही……तुम बुस, मुझे छोड़ कर मत जाना और मेरे घर का और बेटे का ख्याल रखना.”इतना कहकर दोनो ने एक दूसरे को किस करने लगे और हॉल मैं नंगे हो गये. उनका बेटा मुन्ना सामने आकर बोला, “बापू, अम्मा, क्या मैं इस परिवार का हिस्सा नही हूँ ? अम्मा ने कितने सारे पराये मर्दो के साथ सेक्स करके मुझे पैदा किया होगा पर हूँ तो मैं आपकी की चुद ना!”, कविता मुस्कुराते हुए बोली, “मेरे राजा, आजा, इतना दुखी क्यो होता है मैं तुझसे भी प्यार करती हूँ……आजा, आजा तेरा भी ले लेती हूँ , जल्दी से कपड़े निकाल”. तीनो नंगे होकर सेक्स करने लगे.कविता के मूहँ मैं मुन्ना का लंड और चुद मैं रवि का लंड. फिर कविता ने दोनो का एक साथ मूहँ मैं लिया. फिर एक साथ चुद मैं घुसाने की कोशिश की, फिर मुन्ना का चुद मैं रखा और रवि का मूहँ मैं लिया. रवि ने कविता को मूहँ मैं चोदा, और मुन्ना ने चुद मैं. दोनो का पानी अपने उपर कर संतुष्ट हो गई.उस दिन के बाद ये परिवार सुखी सुखी रहने लगा.कविता ने महोल्ले के लोगो से संबंध नही तोड़ा और वो भी घर मैं कभी कभी फोन करके आते थे..रवि को इस बात के अब चिड़ नही होती थी क्यो की कविता की इसी नेचर की वजह से वो बड़ी पोस्ट पर आ गया…मुन्ना भी अपनी गर्लफ्रेंड को घर मैं लाकर चोदता .

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