Now registration is open for all

Archives

विकी की जबान आंटी की चूत के दाने पर थी, जैसे ही वो उसे टच करता था आंटी को पुरे बदन में जैसे की करंट लगता था. वो मचल जाती थी और जितेन्द्र के लौड़े को और भी सेक्सी तरीके से चूसने लगती थी. जीतेन्द्र के तो होश ही उड़े हुए थे बेचारे के, पहली बार इतनी अच्छी तरह से उसका लंड कोई चूस जो रहा था. विकी ने अब अपनी एक ऊँगली आंटी की चूत में डाला और वो ऊँगली से ही आंटी की चुदाई करने लगा. आंटी सिसकियाँ ले रही थी और विकी ने अब एक की जगह …
प्रिय पाठको, को मैंने पिछली कहानी में बताया था कैसे मैं नीलम रानी के साथ एक गेम में हार गया था, जिसके फलस्वरूप मुझे नीलम रानी से उसके स्टाइल में चुदना था।

मैं और नीलम रानी एक होटल में रुके थे जहाँ उसके ठरकी जीजा विक्रम ने अपनी पत्नी अनु रानी को अपने सामने ही मुझसे चुदवाया था और फिर मैंने और उसने एक साथ अनु रानी की चूत और गाण्ड मारी थी, पहले उसने गाण्ड ली और मैंने चूत, फिर मैंने गाण्ड मारी और उसने चूत ली।
उस दिन नीलम रानी की तबीयत खराब होने के कारण वो चुदाई

हैलो दोस्तो, मेरा नाम दीपेश है मैं संगरूर पंजाब का रहने वाला हूँ पर चंडीगढ़ में नौकरी करता हूँ।
वहीं मैंने एक कमरे का फ्लैट किराए पर लिया हुआ है।

दोस्तो, मैंने नई-नई नौकरी करना आरम्भ की थी, वहाँ पर करीब 25 लोगों का स्टाफ था, जिसमें करीब 5 महिलायें और 20 पुरुष काम करते थे, मैं पुरुषों में सबसे कम उम्र का था, मेरी उम्र 22 साल है।
वैसे कॉलेज के वक़्त मेरी कई गर्ल-फ्रेंड्स थीं। मैं बहुत बार चुदाई भी कर चुका था, पर पिछले करीब 6 महीने से मेरा लण्ड सूखा पड़ा था और उसको चूत के

ନମସ୍କାର ମୋର ଯୌନ ପ୍ରେମୀ ବନ୍ଧୁ ଗଣ | ଆଶା କରେ ଆପଣ ମାନଙ୍କର ଯୌନ ଜୀବନ ସୁଖ ଆଉ ମଜା ରେ  ବିତୁଥିବ | ମୋ ନାମ୍ ହେଲା ସୀମା ବୟଶ ୩୧ ମୋର ସ୍ବାମୀ ଜଣେ ବିଜିନେସ୍ ମେନ୍ , ଆମ ବାହାଘର ପରେ ଆମେ ଅନେକ ଯୌନ ଆନନ୍ଦ କରିଛୁ, ସେ ମୋତେ ବହୁତ୍ ଯୌନ ସୁଖ ଦିଅନ୍ତି , ନାନା ରକମ୍ ର କୌଶଳ ରେ ରେ ମୋ ସହ ରତି କ୍ରୀଡା କରନ୍ତି , ମୁଁ ଭି ତାଙ୍କର ସେଇ ଖେଳକୁ ତିଳ ତିଳ କରି ଉପଭୋଗ କରେ , ମାନେ କହିବାକୁ ଗଲେ ମୁଁ ମୋ ସ୍ବାମୀ ଉପରେ ପୁରା ସନ୍ତୁଷ୍ଟ ଅଟେ , ଯାହା କି ଗୋଟେ ବିବାହିତ ମହିଳା ପାଇଁ ଯଥେଷ୍ଟ  | ମୋ ସ୍ବାମୀ ନିତି ବିଭିନ୍ନ ଟାଇପ୍ ରେ ମୋ ସହ ସେକ୍ସ୍ କରନ୍ତି, ଯାହା ମୁଁ
प्रेषक : राज शर्मा

अन्तर्वासना के सभी पाठको और सर्वप्रिय गुरु जी को मेरा नमस्कार…..
मेरा नाम राज है, जयपुर में रहता हूँ, उम्र 22 साल है!
यह मेरी पहली कहानी है लेकिन है सच्ची ! यह घटना एक साल पहले मेरे साथ हुई थी। मैं इसमे कुछ गंदी भाषा का प्रयोग भी कर रहा हूं लेकिन सिर्फ़ रोचक बनाने के लिये। यह सिर्फ़ मुझे और मेरी भाभी को ही पता है और अब आप को।
मेरे भैया की शादी दो साल पहले ही हुई है। भाभी का नाम अर्चना जैन है। भाभी बहुत ही सेक्सी ,गोरी, स्लिम है। उनका

शाम को साढ़े तीन बजे अमित का फ़ोन आया, कहने लगा- भाभी ! तैयार रहना, मैं थोड़ी देर में आ रहा हूँ आपको लेने।

मैंने उसे कहा- दीदी और जीजू भी चलेंगे हमारे साथ, तुम एक घण्टे से पहले मत आना क्योंकि इतना समय तो लग ही जाएगा तैयार होने में!
इस पर अमित बोला- नहीं ! आप अकेले ही आएँगी मेरे साथ !
मेरे मन में शंका हुई, कहीं फ़िर कोई शरारत या कुछ और तो नहीं सोच रहा है अमित ! मुझे डर भी लग रहा था क्योंकि अमित ने मुझे जीजू के साथ देख लिया था। अगर

जीजू और देवर संग होली
मैं अपने मम्मी-पापा के साथ सोनीपत में रहती हूँ। मेरी एक बड़ी बहन माला जिसकी शादी को अभी आठ महीने ही हुए हैं दिल्ली में है। जीजू रोहित का कपड़े का एक्सपोर्ट बिजनेस है।

मेरा रिश्ता भी दिल्ली में तय हो चुका है और मेरे होने वाले पति सुमित बंगलौर में सॉफ्ट वेयर इंजीनियर है। मेरे पापा का सोनीपत में बिज़नेस है।
अप्रैल में मेरी शादी निश्चित हुई है। शादी की खरीदारी के लिए मैं मम्मी के साथ दिल्ली आई हुई हूँ दीदी-जीजू के पास। जीजू बहुत मस्त हैं, दीदी को पांचवां महीना चल रहा

ଏମିତି ବିନା ଶୋଷ ମେଣ୍ଟେଇ ଅମର  ୧୫/୨୦ ଦିନ ବିତିଗଲା |ଦିନେ ମୋର ଇଣ୍ଟରନେଟ ର ଦରକାର ପଡିଲା ମୁଁ ଗଲି ତାଙ୍କ  ଷ୍ଟୁଡିଓକୁ, ଜିତୁ ଭାଇ ଆଉ  ତାଙ୍କ ସାଙ୍ଗ ବସିଥିଲେ କମ୍ପୁଟର ଆଗରେ |ଜିତୁ ଭାଇକୁ ଦେଖି ମୋ ଦେହରେ ଛନକା ପଶିଗଲା …ଫୋନ୍ ସେକ୍ସ୍ ପରେ ଅମେ ପ୍ରଥମ ଥର ଦୁହେ ଦୁହିଁ କୁ ମୁହାଁ ମୁହି ଦେଖୁଥିଲୁ |

ମୁ ଲାଜରେ ମୁହଁ ତଳକୁ କରି ରହିଥାଏ, ଜିତୁ ଭାଇ କହିଲା ଆରେ କଣ ହେଲା ଏମିତି ଲାଜ କଣ କରୁଚୁ? ଅସେ କଣ କାମ ଅଛି , ମୁଁ କହିଲି ହଁ  ଇଣ୍ଟରନେଟ ରେ ଟିକେ କାମ ଥିଲା |ତାପରେ ମୁଁ ତାଙ୍କ ପାଖରେ ଯାଇ ବସିଲି, ସେ ପୁଣି ଗୋଟେ ସେକ୍ସ୍ ସାଇଟ୍ ଖୋଲି ବସିଥାନ୍ତି | ସେ ବନ୍ଦ କରୁନଥାନ୍ତି, ମୁଁ ତାଙ୍କୁ ଚାହିଁ ରହିଥାଏ, ସେ କହିଲେ ଲାଜ କଣ

लेखक :कबीर शर्मा

मैंने हिम्मत क़रके भाभी से कह दिया- भाभी, मुझे आप बहुत अच्छी लगती हो !
भाभी मेरी तरफ देखने लगी !

मैं डरा हुआ था, मैंने पहले किसी को ऐसी बात नहीं कही थी, मेरी धड़कन बहुत तेज हो गई थी कि कहीं भाभी घर पर न बता दें?
भाभी ने मेरा हाथ पकड़ लिया, भाभी मुझसे लिपट गई और बोली- मैं भी तुम्हें पसंद करती हूँ पर कह नहीं पाई।
भाभी की चूचियाँ मेरी छाती से लग रही थी, मैंने अपना हाथ उनकी चूची पर रख दिया और धीरे-धीरे दबाने लगा तो भाभी गर्म होने लगी

लेखक : कबीर शर्मा
मेरा नाम कबीर है, मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ। अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है अगर कोई गलती हो तो माफ़ कर देना।

मेरी उम्र 20 साल है, कद 5’7′ है, वजन 68 किलो, जिम जाने वाला अच्छा दिखता हूँ। मैं जब 17 साल का था तब मुझे पता चला कि कालबोय क्या होता है, तभी से ही मैंने सोच लिया था कि मुझे कालबोय बनना है।
मेरे पड़ोस में मेरे ताऊ का लड़का रहता है जिसकी पहली बीवी मर चुकी थी, भाई की दूसरी शादी 5 साल पहले हुई थी, तब मुझे सेक्स