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Hindi Sex Story

Chudai Pati Ke Boss Ka Swagat






प्रेषक : अनीता
हैल्लो दोस्तों मेरा नाम अनीता है और में 40 साल की हूँ और में एक स्कूल में टीचर हूँ। दोस्तों मेरी शादी को 10 साल हो गये और मुझे दो बच्चे भी है। मेरे पति जॉब करते है तो अधिकतर वो बाहर ही रहते है। वैसे साल में एक दो बार आना होता है। मेरे पति की इस जॉब से में बहुत परेशान हूँ क्योंकि वो मुझे कभी भी टाईम नहीं दे पाते और मुझे हमेशा प्यार की कमी महसूस होती है। में थोड़ी साईज़ में ज्यादा मोटी हूँ लेकिन दिखने में बहुत सुंदर हूँ और मेरी सभी सहेलियाँ कहती है कि शादी के बाद भी तुम बहुत सुंदर लगती हो। मेरा साइज़ 40-38-38 है।

एक दिन मेरे पति ने मुझे कॉल किया और कहा कि उनके बॉस घर आएँगे कुछ डॉक्युमेंट्स उनको देना है। फिर उस दिन मैंने स्कूल से छुट्टी ले ली और दोपहर में बॉस आने वाले थे लेकिन मुझे बहुत टेंशन हो रही थी क्योंकि उनकी खातिरदारी मुझे ही करनी थी। फिर में उनका इंतज़ार कर रही थी। मेरे दोनों बच्चे स्कूल गये थे और में परेशान थी कि बॉस को इतनी देर क्यों हो गई। फिर आख़िर में ठीक 2:45 को बेल बजी और फिर मैंने दरवाजा खोला सामने एक 52 साल का लंबा चौड़ी छाती वाला आदमी खड़ा था।। उसके चहरे से लग नहीं रहा था कि वो इतना बुजुर्ग होगा क्योंकि उसने अपने शरीर की बहुत अच्छी तरह देखभाल की थी। फिर मैंने उनको सोफे पर बैठाया और हालचाल पूछे। दोपहर का समय था और गर्मी बहुत थी और फिर इतने में बिजली चली गयी और पंखा भी बंद हो गया। हम दोनों गर्मी से परेशान हो चुके थे और फिर में उनके लिए शरबत बनाकर लाई।
फिर उन्होंने मेरी बहुत तारीफ की और फिर में उनके बात करने के तौर तरीके से उन पर फ़िदा हो गयी। फिर बिजली ना होने से बहुत गर्मी हो रही थी और मैंने साड़ी पहनी हुई थी तो मुझे अंदर से बहुत गर्मी हो रही थी। फिर मैंने उनको कहा कि आप इस उम्र में भी बहुत जवान और सुन्दर लगते हो। तभी उन्होंने कहा कि आप भी बहुत सुंदर हो आपके पति बड़े किस्मत वाले है। तभी मैंने मन ही मन में कहा कि मेरी किस्मत बहुत खराब है। फिर उन्होंने मुझे कहा कि मुझे आपसे कुछ डॉक्युमेंट पर हस्ताक्षर लेने है लेकिन उससे पहले में आपको सब कुछ समझा देता हूँ। फिर में जाकर उनके पास बैठ गयी और उनके पास बैठकर मुझे बहुत अच्छा लगा उनके शरीर की खुश्बू बड़ी निराली थी।
फिर वो मुझे कुछ समझाने लगे और में उनको बड़े प्यार से देख रही थी लेकिन मुझे बहुत गर्मी लग रही थी। तभी मैंने अपनी साड़ी का पल्लू नीचे कर दिया जिससे मुझे थोड़ी राहत मिली। फिर थोड़ी देर में बॉस की नज़र मेरे ब्लाउज पर पड़ गयी और फिर वो किसी ना किसी बहाने से मेरे बूब्स को निहार रहे थे। फिर मैंने उनसे कहा कि क्या आपको गर्मी नहीं लग रही है? तभी उन्होंने कहा कि हाँ लग रही है। फिर मैंने अपने हाथों से उनकी शर्ट के बटन खोल दिए। तभी बॉस बोले कि हाँ अब बहुत अच्छा लग रहा है। फिर मैंने उनकी छाती पर देखा तो काले और सफेद बहुत सारे घुंघराले बाल थे जो की मुझे बहुत अच्छे लगते है लेकिन मेरे पति की छाती पर ना के बराबर बाल है। फिर उनकी छाती को देखकर मुझे कुछ होने लगा। फिर मुझे किसी भी बहाने से उनकी छाती को छूना था। तभी मैंने कहा कि आपको बहुत पसीना आ रहा है और मैंने अपना हाथ उनकी छाती पर रखा और हाथों से पसीना पोंछने लगी और धीरे धीरे मसाज करने लगी। तभी बॉस बोले कि अनिता जी ये क्या कर रही हो? फिर मैंने कहा कि कुछ नहीं सर आप आराम से बैठो। फिर मैंने अपने आपको ना रोकते हुए अपने एक पैर की जांघ उनके पैर पर रख दी और फिर मसलने लगी बॉस बोले ये ठीक नहीं है।
फिर में बोली कि हमें कोई नहीं देखेगा बच्चे भी स्कूल गये है कुछ समय साथ में बिताते है किसी को कुछ पता नहीं चलेगा। तभी उस पर बॉस बोले कि जैसा तुम ठीक समझो और ये कहकर बॉस ने मुझे अपनी बाँहों में जकड़ लिया और फिर मेरी पीठ को मसलने लगे और एक हाथ से मेरी मोटी गोरी जांघे को मसलने लगे। फिर में उनके बालों को सहलाने लगी पहली बार बाल सहलाने को मिल रहे थे क्योंकि मेरे पति गंजे है। फिर उन्होंने मुझे एक कसकर चुम्बन दिया और मैंने भी उत्तर में और जोरदार एक चुंबन दे दिया। फिर मैंने कहा कि क्या आपको मज़ा आ रहा है? फिर वो बोले मुझे आप नहीं तुम बोलो। फिर में अच्छा बाबा तुझे मज़ा आया? फिर उसने बोला कि हाँ मेरी जान।
फिर कुछ देर हम यूँ ही एक दूसरे को सहलाते रहे। फिर थोड़ी देर बाद मैंने कहा कि जानू हम बेडरूम में चलते है ना। तभी वो बोले ठीक है जान। फिर में उन्हे अपने बेडरूम में लेकर गयी और फिर मैंने अपने हाथों से उनके सारे कपड़े उतार दिये। अब वो अपनी अंडरवियर में थे और उनकी अंडरवियर में से उनका टाईट लंड साफ साफ दिख रहा था। तभी में उनकी छाती को चूमने लगी उम्म्म्ममम ओमम्म अह्ह्ह और और उनकी छोटी निप्पल को अपनी जीभ से चाटने लगी.. लगभम पूरी की पूरी चाटी। तभी उन्होंने अपने दोनों हाथों से मेरा ब्लाउज उतार दिया और वो बोले वाह् ये इतने बड़े बड़े आम। फिर में बोली जान आपको आम पसंद है? फिर वो बोले कि हाँ। फिर में बोली कि मेरे आम को आप आज चूस चूसकर इनका सारा रस पी जाना।
फिर बॉस ने मेरा पेटिकोट उतार दिया। मैंने टाईट पेंटी पहनी हुई थी जो कि नीले रंग की थी और उस पर गुलाबी रंग के फूल थे। तभी वो बोले कि अनीता आपकी पसंद बहुत अच्छी है। फिर मैंने कहा कि धन्यवाद जान। फिर में पेंटी और ब्रा में थी और वो अंडरवियर में थे। तभी मैंने उनको कसकर अपने आगोश में ले लिया और झप्पी पे झप्पियाँ देती रही। फिर मैंने उनको पूछा कि जान में बहुत मोटी हूँ ना? तभी वो बोले कि नहीं तुम बहुत सुंदर हो। फिर मैंने खुश होकर उनको चुंबन दिया। फिर मैंने उनको बेड पर एक धक्का दिया और उनके ऊपर चली गयी। तभी में उनके होंठो को चूमने लगी.. लेकिन उनके मुहं से सिगरेट की बदबू आ रही थी। तभी मैंने कहा कि जान आप सिगरेट मत पिया करो प्लीज़। फिर उन्होंने कहा कि जैसा आप कहो। फिर में अपनी जीभ से उनके होंठो को सहलाने लगी बीच बीच में वो अपनी जीभ भी मेरी जीभ को लगाते। फिर वो मेरी जीभ को अपने मुहं में लेकर चूसने लगे.. बड़ा मज़ा आ रहा था।
फिर में उनकी सीधी तरफ आकर लेट गई और फिर उनकी जाँघो को मैंने मसाज किया और फिर उन्होंने अपना एक पैर मेरी दोनों जाँघो के बीच डालकर मुझे जोर से अपने पास खींच लिया और फिर उनका लंड मेरी पेंटी को छू रहा था और फिर में अंदाज़ा लगाने लगी कि उनका लंड कितना मोटा और बड़ा होगा और फिर मैंने चूमना शुरू किया अह्ह्ह। तभी उन्होंने मेरी ब्रा से मेरे बूब्स बाहर निकाले और मुहं में डाल लिये और फिर वो बोले कि आज इसका सारा रस पी जाऊंगा। फिर में बोली मेरे राजा मैंने तुम्हारे लिए ही इन्हें तैयार किया है इसको तुम जोर से दबाओ रस निकालो और पी जाओ। फिर उन्होंने जैसे ही दबाया मेरे बूब्स से कुछ दूध की बूंदे उनके मुहं पर पड़ी। फिर में बोली अरे बाबा मेरी चूचियाँ मुहं में डालो फिर दबाओ जिससे रस मुहं में ही जायेगा.. बाहर नहीं।

फिर कुछ ही देर बाद मेंरे बड़े गोरे गोरे बूब्स लाल हो चुके थे और मेरा अंग अंग तपते हुए ज्वालामुखी की तरह हुआ जा रहा था। मेरी गोल दानेदार काली चूचियाँ मोटी और सूजी हुई थी। फिर वो शरारत करने लगे मेरी चूचियों को दांतों तले दबाकर काटने लगे ओह्ह्ह अह्ह्ह धीरे बाबा इतनी ज़ोर से नहीं। तभी वो बोले मुझे मत रोको। फिर में बोली तुम्हे कोई रोक नहीं रहा अब काटो जितना काटना है में कुछ नहीं कहूंगी। फिर मैंने अपनी ब्रा उतार दी अब वो मेरे बूब्स को अपने मुहं से मसलने लगे हमम्म्म अहहहह और में आह वाउ ओईइ माँम्मम्म मरी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
फिर कुछ देर बूब्स के साथ खेलने के बाद उन्होंने अपना हाथ मेरी पेंटी में डाल दिया और मुझे चूमना शुरू किया। इस बार चुम्बन में बहुत मज़ा आ रहा था क्योंकि अब हम एक दूसरे के मुहं में मुहं डालकर एक दूसरे की जीभ चाट रहे थे और अब वो मेरे मुहं में थूकने लगे और में काम रस समझ कर उसे बड़े आराम से पीने लगी। फिर मैंने भी थूकना शुरू किया। फिर हमारा सारा मुहं छोटे बच्चो की तरह गीला हो चुका था और फिर हम एक दूसरे का मुहं चाटने लगे आलम्‍म्म अह्ह्ह उलम्म्म्म हमें बहुत मजा आ रहा था। फिर इन सब कामो के बाद में वो मेरी गांड पर तमाचा लगाते, ज़ोर से फटकारते और में आअहहा ओह्चह। फिर ज़ोर से तमाचा और फिर में कहती अरे बुड्ढे गांड फाड़ देगा क्या मेरी? और फिर में बोली कि ओह् सॉरी सर मेरे मुहं से निकल गया। तभी वो बोले कि अरे कोई बात नहीं तुम्हे जो कहना है कहो.. संकोच मत करो वैसे भी अब हम दूसरी दुनिया में है जहाँ पर ये सब कुछ माफ़ है। फिर में बोली कि ठीक है तुम भी मुझे जो मन में आए कहो। फिर वो बोले कि आजा मेरी मोटी हथनी तुझे उछाल उछाल के चोदूं। फिर में जाओ तुम भी ना.. में बात नहीं करती तुमसे। फिर वो बोले कि सॉरी बाबा। फिर मैंने कहा अरे सॉरी नहीं मेरी जान.. इस मोटी हथनी की प्यास बुझाओ। फिर ये कहकर मैंने उसको चूमना शुरू किया आलम्म उल्लम्‍म्म अह्ह्ह। फिर चुंबन के बाद में वो अचानक से उठ गये और मेरी पेंटी उतार दी और बोले कि इतने बाल वाह। फिर में बोली कि क्या तुम्हे चूत पर बाल पसंद है? फिर वो बोले कि हाँ।
फिर मैंने कहा कि जानू मेरी चूत चाटो ना। तभी वो बोले कि ठीक है मेरी मोटी डार्लिंग। फिर उन्होंने चूत चाटना शुरू कर दिया स्लप्प्प स्लॅप और में उह्ह वाहह। फिर उन्होंने अपनी उंगली चूत में डाल दी और अंदर बाहर करने लगे और में अहाआ आऊच मेरी पूरी चूत गीली हो गयी थी। फिर उन्होंने अपनी अंडरवियर उतार फेंकी उसमे से उनका 6 इंच लम्बा मोटा काला लंड बाहर आया। तभी में बोली कि वाह इसे घुसाओ जल्दी.. प्लीज़। तभी वो बोले कि हाँ डार्लिंग सब्र तो करो। फिर मैंने उनके लंड को हाथ में लिया और हिलाना शुरू किया। उनका लंड इतना टाईट था कि मेरी चुदवाने की चाहत बड़ने लगी। फिर उनके लंड से सफेद द्रव निकलने लगा जो कि आम बात है।
फिर मैंने एक तकिया लिया और बोली चल बुड्ढे शुरू हो जा। तभी वो बोले कि आज तेरी गांड में एक बहुत बड़ा छेद करके ही दम लूँगा और फिर उन्होंने अपना लंड मेरी चूत में घुसाया घापप्प्प्प और में आहाा माँ मरी में और मेरा एक पैर अपने हाथों से ऊपर लिया और वो चोदने लगे। घपपप… फिर में चिल्लाने लगी हे भगवान बचा ले मुझे.. माँ मरी में ओह्चह.. में चिल्ला उठी छोड़ बुड्ढे मुझे.. बुड्ढे फाड़ मेरी चूत को। तभी वो बोला कि तेरी चूत गयी और वो मेरे दोनों पैरों के बीच में आ गया।
फिर मैंने अपने दोनों पैर उनके कंधे पर रख दिए और बोली कि अब ज़रा जोर से चोदना। फिर उन्होंने वही किया और पहले से तेज हो गये ग्ाअफह घ्ाआअप्प और फिर में अल्लम्‍म्म अह्ह्ह चोद मुझे और जोर से। फिर उन्होंने मेरे मुहं में अपनी एक उंगली डाल दी मैंने उस उंगली को चूसा और फिर दांतों से काट दिया अहााआ ओह्च्छ। तभी वो बोले अरे मोटी इतनी ज़ोर से काटा। फिर में हंसी हा हा हा अब कैसा लगा? फिर मैंने प्यार से दोनों हाथ ऊपर कर उनको बोला जान मेरी बाहों में आओ ना। फिर उन्होंने मेरे दोनों पैर नीचे रख दिए और फिर मेरे ऊपर आ गये। फिर मैंने अपने हाथों से उनको दबोच लिया और उनकी पीठ को मसलने लगी और बोली आज असली मर्द मिला है।
तभी वो बोले कि अच्छा। फिर मैंने उनको होंठो पर चूमना शुरू किया और बोली में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ जानू। तभी वो बोले में भी तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और फिर उन्होंने चोदना शुरू किया और मैंने उनकी जीभ को मुहं में दबाकर चूसना शुरू किया। तभी उनकी चोदने की रफ़्तार बढ़ गयी आअप्प ठप्प्प और में अहह ओओवव्व आज में मर जाऊंगी। फिर वो बोले में मरने नहीं दूँगा घपापपप और फिर एक धीरे से आवाज़ आई ओह और उन्होंने लंड बाहर निकाला और आवाज की “उफफफफ्फ़ अहहाअ और फिर उनका ज्वालामुखी फट चुका था और सारा गर्म लावा उन्होंने मेरे पेट पर गिरा दिया। और बोले जानू अब तुम इसे साफ करो। फिर मैंने उस द्रव को हाथ में लिया वो बहुत गरम था.. फिर एक दो बूंद को चाट लिया और फिर अपनी पेंटी से उनके लंड को साफ किया और फिर अपने पेट के ऊपर के द्रव को भी हटा दिया। फिर वो मेरे पास आकर गिर गये में जाकर उनसे लिपट गयी और चूमते हुए कहा कि आपको बहुत बहुत धन्यवाद। तभी वो बोले आपका स्वागत है। फिर कुछ देर हम नंगे ही एक दूसरे की बाँहो में सोते रहे। फिर हमने कुछ देर तक यहाँ वहाँ की बातें की।

फिर उसके बाद मैंने कहा कि अब तुम्हे जाना चाहिए.. बच्चो का स्कूल से आने का टाईम हो गया है। तभी उन्होंने कपड़े पहन लिए और फिर मैंने भी गाउन पहन लिया जाते समय मैंने उनको किस किया और फिर में बोली अगले शनिवार बच्चे नानी के यहाँ जा रहे है तुम जरुर आ जाना। तभी वो बोले ठीक है में बोली अगली बार बाथटब में चुदाई करेंगे। तभी उन्होंने ठहाका लगाया हा हा हा बाय में तुम्हारी कमी महसूस करूंगा। फिर मैंने भी अपना हाथ हिलाकर कहा कि बाय में भी तुम्हारी कमी महसूस करूंगी जानू।
दोस्तों फिर वो मेरे घर से चले गए। लेकिन उनकी कमी मुझे महसूस होने लगी.. फिर मेरे कहने पर वो दोबारा शनिवार को आ गए और मेरी अच्छे से चुदाई की.. उन्होंने मेरे पति की कमी खत्म कर दी थी ।।
धन्यवाद …

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