फ़ौजी फ़ौज़ में, हम मौज़ में-1

लेखक : कबीर शर्मा
मेरा नाम कबीर है, मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ। अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है अगर कोई गलती हो तो माफ़ कर देना।

मेरी उम्र 20 साल है, कद 5’7′ है, वजन 68 किलो, जिम जाने वाला अच्छा दिखता हूँ। मैं जब 17 साल का था तब मुझे पता चला कि कालबोय क्या होता है, तभी से ही मैंने सोच लिया था कि मुझे कालबोय बनना है।
मेरे पड़ोस में मेरे ताऊ का लड़का रहता है जिसकी पहली बीवी मर चुकी थी, भाई की दूसरी शादी 5 साल पहले हुई थी, तब मुझे सेक्स के बारे में सब कुछ पता था। भाई शादी के बाद एक महीने बाद फ़ौज़ में ज़म्मू चले गये भाभी साथ नहीं जा सकती थी क्योंकि वो खुद भी कंपनी में जॉब करती थी। उनकी बोली बहुत मीठी थी, वो मुझसे बहुत अच्छे से बात करती। मैं अक्सर भाभी के यहाँ जाता रहता था और ताई और भाभी से खूब बात करता।
भाई-भाभी की शादी को तीन साल हो गये पर बच्चे की कोई उम्मीद नहीं लग रही थी। भाई जब भी छुट्टियों में आते दिन रात दारू पीते और भाभी से लड़ाई करते थे और बहुत गालियाँ देते थे।
मैं तब 18 साल का हो चुका था और होली आने को थी। मैं तो भाभी के साथ होली खेलना चाता था ताकि भाभी को छेड़ने का मौका मिले।
भाभी की उमर 32 साल, उनका बदन 38-30-36 है, गोरी और बहुत ही सेक्सी गाण्ड है, उनकी चाल हिरनी की तरह है बहुत सेक्सी !
मैं तो उनको पहले दिन से चोदना चाहता था पर कभी मौका नहीं मिला।
होली से कुछ दिन पहले भाभी और ताई कुछ बात पर लड़ाई हो गई थी तो ताई और उनका छोटा लड़का अलग घर में रहने लगे जो भाभी के घर से दूर था। तो मैंने सोचा कि होली के दिन भाभी के साथ कुछ करने का मौका मिल सकता है।
होली का दिन भी आ गया और मैं कैपरी और टी-शर्ट पहन कर भाभी के घर होली खेलने चला गया। मैंने दरवाजा खोला तो भाभी रसोई में समोसे बना रही थी। भाभी ने सफ़ेद रंग का कमीज़ और सलवार पहनी हुए थी।
मैं धीरे-धीरे रसोई में गया और पीछे से भाभी के गालों पर रंग लगा दिया।
भाभी चौंक गई और जब पीछे देखा तो बोली- मैं तो डर गई थी !
भाभी के गाल लाल हो गये थे, उनकी चूचियों पर भी रंग गिर गया था तो मैंने भाभी से कहा- भाभी, छोड़ो न काम ! आओ रंग से होली खलते हैं।
भाभी मान गई।
मैंने भाभी पर पानी की बाल्टी उलट दी। भाभी का सूट बिल्कुल उनके गोरे बदन से चिपक गया और भाभी ने ब्रा भी नहीं पहनी थी। भाभी की चूचियाँ बिल्कुल साफ दिख रही थी, उनके चुचूक भी दिख रहे थे।
मैं तो देखता ही रह गया उनकी चूचियों को !
वो चुन्नी से उन्हें छुपाने की कोशिश क़र रही थी, मैं उनके पास गया और हाथों में रंग ले क़र उनके मुंह पर मलने लगा। वो बच कर भागने की कोशिश क़र रही थी पर मैंने उन्हें क़स क़र पकड़ लिया और पूरे बदन पर रंग लगाने लगा। वो पूरी लाल रंग में नहा चुकी थी और उनकी काले रंग की पैन्टी भी दिखने लगी थी सफ़ेद सलवार में !
मेरा 7 इंच का लण्ड कैपरी में जाग चुका था और मैं भाभी के पीछे से उन्हें रंग लगा रहा था तो मेरा लण्ड उनकी गाण्ड पर छूने लगा था तो वो कहने लगी- छोड़ दे देवर ! छोड़ दे !

वो बोली- मैंने आज तक कभी ऐसे होली नहीं खेली थी पर आज तुम्हारे साथ होली में तो बहुत मजा आ रहा है।
वो बिल्कुल नंगी ही लग रही थी सफ़ेद सूट के कारण।
होली में मजा करने के बाद भाभी कपड़े बदलने चली गई, वो नहा क़र आई, उसने मैक्स़ी पहनी हुई थी।
भाभी मेरे और अपने लिए समोसे और चाय ले क़र आई और हम दोनों चाय पीते-पीते गजनी फिल्म की बात क़र रहे थे।
फिर भाभी का समोसा गिर गया तो वो जैसे ही नीचे झुकी तो उनके स्तन दिख गये, मेरा लण्ड खड़ा हो गया और मैं अभी तक गीला था मेरा लण्ड खड़ा होने के कारण मैं उसे टांगों के बीच छिपा रहा था भाभी ने मुझे देख लिया, बोली- क्या हुआ? ठण्ड लग रही है क्या?
मैंने कहा- नहीं बस ऐसे ही !
वो बोली- तुम बाथरूम में कपड़े निकाल क़र तौलिये से शरीर पौंछ लो नहीं तो ठण्ड लग सकती है।
मैं जब उठा तो भी मेरा लण्ड खड़ा था, उनको मेरा लण्ड दिख गया था, मैं सीधा बाथरूम में गया।
बाथरूम में मुझे भाभी की काली पैन्टी दिखी। मैंने कपड़े उतारते-उतारते भाभी की पैन्टी उठा ली और उसकी मादक सुगंध को सूंघने लगा। मेरा लण्ड खड़ा था ही।
मैं तौलिये में बाथरूम से बाहर आ गया और भाभी के सामने बैठ गया।
भाभी लैपटॉप पर काम क़र रही थी तो मैंने भाभी को शादी के फोटो दिखाने को कहा।
भाभी ने फोटो वाली फाइल खोली और मेरे पास सट क़र बैठ गई, भाभी की चूची मेरे हाथ को छूने लगी, मेरा बुरा हाल हो रहा था, मुझे पसीना आ रहा था।
भाभी बोली- क्या हुआ? तुम्हें तो पसीना आ रहा है?
मैने कहा- कुछ नहीं, ऐसे ही गर्मी लग रही है बस।
भाभी बोली- मैं तुम्हारे लिए जूस लाती हूँ।
वो मेरे लिए जूस लेने चली गई मैने पंखा चला दिया।
मैं तौलिये में था, मैं टांगें फैला क़र बैठ गया, मुझे धयान नहीं रहा कि मैंने नीचे कुछ नहीं पहना था।
भाभी जूस लेकर आई और मेरे सामने वाले सोफे पर बैठ गई।
मैं जूस पीने लगा, वो मुझे देख रही थी पर मैं उनसे नजर नहीं मिला रहा था और लैपटॉप में देख रहा था। फिर मैंने जूस खत्म किया और भाभी की तरफ देखा तो भाभी मेरे तौलिये में देख रही थी। मैंने घबरा कर अपनी टांगें बंद क़र ली। फिर भाभी ने नजरें हटा ली।
मैंने फिर जानबूझ कर एक फोटो को देख क़र भाभी से पूछा- भाभी, यह कौन है?
भाभी मेरे बिल्कुल पास में आकर सट क़र बैठ गई, बोली- यह मेरे मामा की लड़की है, तुम्हें कैसी लगी?
मैंने कहा : पटाका है भाभी।
भाभी खिलखिलाकर हँसने लगी और मैं भी।
भाभी ने कहा- तेरी शादी करवा दूँ क्या इससे?
मैंने कहा- अभी तो मैं पढ़ ही रहा हूँ, अभी नहीं।
वो बोली- ओके !
फिर भाभी ने मेरे से पूछा- तुम कितने साल के हो गये हो?
मैंने कहा- 18 साल
भाभी बोली- ओह जवान हो गये हो !
मैं शरमा गया।
भाभी बोली- कोई लड़की दोस्त है?
मैंने कहा- नहीं !
झूठ बोल रहा है?
मैंने कहा- नहीं है भाभी, कोई नहीं है।
वो बोली- ओके, कोई बात नहीं, बन जायगी।
वो मुझसे लैपटॉप ले रही थी तो उनका हाथ शायद जानबूझ कर मेरे लण्ड को छू गया। मेरा लण्ड फिर खड़ा हो गया। मैं भाभी के खुले बालों की महक को सूंघ रहा था।
मैंने हिम्मत क़रके भाभी से कह दिया- भाभी, मुझे आप बहुत अच्छी लगती हो !
भाभी मेरी तरफ देखने लगी !
मैं डरा हुआ था, मैंने पहले किसी को ऐसी बात नहीं कही थी, मेरी धड़कन बहुत तेज हो गई थी कि कहीं भाभी घर पर न बता दें?
बाकी की कहानी अगले भाग में !

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1 Comment

  1. Hi me Rahul Dhanbad se hun agar kisi Aunty Bhabhi widow lady jinki umar 30+ ho agar wo sex chating karna chahte ho ya sex karna chahte ho mere whatsapp no..7519991106 par sampark kar sakte he . Unki sari batayen secret rakhi jayengi .please kam umar ke boys& girls bilkul call na karen .

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