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Hindi Sex Story

सोनी मौसी की चूत चुदाई-1, 2 (Soni Mausi Ki Chut Chudai-1, 2)







हैलो.. कहानी पढ़ने वाली सभी लेडीज लड़कियों.. आप अपनी पैन्टी नीचे कर लीजिए और ब्रा से केवल एक चूची बाहर निकाल कर उसके निप्पल पर मेरे हाथ की उंगली समझ कर मेरी तरफ से उंगली फेरिए और एक हाथ की उंगली को अपनी बुर के द्वार के ऊपर रख लीजिए।
जैसे-जैसे मेरी कहानी आगे बढ़ेगी.. वैसे वैसे आपकी उंगली खुद अपना काम करना शुरू कर देगी।

मेरे प्यारे दोस्तो, आप भी अपने लंड को बाहर निकाल कर खुला छोड़ दीजिए और उसके उठने का इंतजार कीजिए…

मैं आशीष.. फिलहाल राँची में पढ़ने के लिए रह रहा हूँ.. मेरी उमर 18 साल है और मैं बी.एससी. के पहले वर्ष में हूँ.. मैं अपनी माँ बाप का इकलौता लड़का.. बहुत ही चंचल और हँसमुख लड़का हूँ।।

मैं ब्लू-फ़िल्में बहुत देखता हूँ। जब भी मौका मिलता है.. इंटरनेट पर ग्रेजुयेशन में एक्टिव हुआ और मेरे घर पर कंप्यूटर है। मैं अपने ‘सामान’ के बारे में बताता हूँ.. जिसके बिना कहानी कभी पूरी नहीं हो सकती। मेरा लंड जिसे मैंने नापा.. तब मुझे पता चला कि मेरा लंड 6″ लंबा और 3″ मोटा है।

जहाँ तक लौड़े के खड़ा होने का सवाल है.. तो यही समझ लीजिए कि लंड की लंबाई और मोटाई लिखते-लिखते ही वो खड़ा हो चुका है।
वैसे भी जब कोई लड़की देख लेता है.. तो उसे चोदने की कल्पना खुद करके गीला तो तुरंत हो जाता है.. फिर बचता है।
मेरा काम उसके रस को ‘हिलंत-विद्या’ से बाहर निकालना है.. जो कि अंत में मुझे करना ही पड़ता है।

दोस्तो, यह बात जो मैं आपको बताने जा रहा हूँ.. होली के दिन की बात है।

यह जो कहानी है.. यह मेरे और मेरी मौसी के बीच की है.. उनसे अचानक से बने शारीरिक सम्बन्ध के बारे में है।

मेरी मौसी का नाम सोनी है.. उनकी उम्र 38 साल होगी। मेरी मौसी बला की खूबसूरत हैं, वो ना बहुत पतली हैं.. ना मोटी.. बस यूँ समझ लीजिए कि स्लिम से थोड़ी ज्यादा हैं।
मौसी जी पुरानी हिरोइन साधना के जैसी दिखती हैं.. मुझे पूरा अंदाज़ा तो नहीं है लेकिन उनकी चूचियाँ करीब 34 इन्च की होगीं.. चूतड़ 36 इन्च के सुडौल और एकदम उठे हुए है.. और भरा हुआ शरीर है.. जब वो चलती हैं.. तो उनके कूल्हे गजब मटकते हैं।
उन्हें देख कर लगता है कि लंड पैन्ट के अन्दर खुद ही आत्महत्या कर लेगा और पानी छोड़ देगा।

जब वो नाईटी में होती हैं.. तो उनकी छोटी सी ब्रा में क़ैद चूचियाँ आज़ाद होने की तड़फ में हल्की-हल्की मचलती और हिलती रहती हैं और कभी-कभी तो बिना ब्रा के पूरी मस्ती में हिलती हैं..
मैंने अक्सर देखा है कि जब वो पोंछा आदि लगाती हैं या किसी दिन बिना ब्रा के होती हैं तो बार-बार नाईटी ठीक करके अपनी चूचियाँ एड्जस्ट करती रहती हैं।

अब मैं मुख्य घटना पर आता हूँ.. चूंकि मेरी मौसी भी राँची में ही रहती हैं.. उनकी फैमिली में 3 लोग हैं.. मौसा जी और उनकी एक जवान बेटी अनु है.. जो बारहवीं में पढ़ रही है।
मौसा जी कंस्ट्रक्शन कम्पनी में हैं। वो लगभग 44 साल के हैं। वो काम पर 9 बजे निकल जाते हैं और रात को वापिस आने का कोई समय निश्चित नहीं होता है।
किसी भी हाल में रात 8 बजे के बाद और दस बजे तक ही घर वापिस आते हैं।

इसलिए अनु को एक्जाम दिलाने का काम मुझे दिया गया। ऐसे भी होली या किसी त्यौहार में मैं सोनी मौसी के यहाँ ही एक दो दिनों के लिए चला जाता था। लेकिन इस बार अनु के एक्जाम और होली के कारण मैं दस दिन पहले ही मौसी के यहाँ चला गया।

मैं अनु को एक्जाम दिलाने ले जाता.. और उसे छोड़कर घर आ जाता और फिर शाम 4 बजे उसे घर वापस ले आता।
सब कुछ ऐसा ही चल रहा था..

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वैसे तो मैं बहुत ब्लू-फिल्म देखता था लेकिन इन सबके बारे में ना सोचता था.. और ना ही मेरे मन में कभी मौसी या अनु के बारे में ग़लत ख्याल आते थे.. लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।

इसी बीच होली आ गई और सबने दिन और रात में खूब होली खेली.. जिसके कारण हम सब थके थे और रात दस बजे सब सोने चले गए। मौसी के यहाँ 2 कमरे हैं.. जिसमें एक में अनु अकेली सोती थी.. क्योंकि वो एक्जाम के कारण रात में देर तक पढ़ती थी और दूसरे कमरे में नीचे मौसा और मौसी और बिस्तर पर मैं अकेला सोता था।

होली के दिन हल्की गर्मी और ठंड दोनों थी..। सब सोने चले गए.. मैं बिस्तर पर लेट गया.. मौसा नीचे सो गए.. अनु भी सो चुकी थी.. क्योंकि अगले दिन उसका आखिरी एक्जाम था।

मौसी इस वक्त भी रसोई में कुछ काम कर रही थीं.. तभी मौसा उठ कर बाथरूम गए और आकर बिस्तर पर लेट गए और मुझसे बोले- आशीष आज तुम नीचे सो जाओ.. क्योंकि मेरा शरीर बहुत दर्द कर रहा है.. इसलिए नीचे सोने का मन नहीं कर रहा है..

तो मैं बिस्तर से नीचे चला गया। उस वक्त कमरे की सारी लाइट ऑफ थीं.. बिस्तर पर जाते ही मौसा थकान के कारण और होली में एक-दो पैग का असर होने के कारण तुरंत ही गहरी नींद में सो गए और मैं नीचे सो गया।

मुझे लगा कि मौसी ऊपर मौसा के साथ सोएंगी.. लेकिन मौसी काम खत्म करके सारी लाइट ऑफ करके बाथरूम गईं और सूट खोल कर नहा कर नाईटी पहन कर कमरे में आईं और रोज़ की तरह नीचे ही सो गईं।

मुझे थोड़ी नींद आ चुकी थी.. उन्हें नहीं पता था कि मौसा ऊपर सोए हैं और मैं भी चादर ओढ़ कर सोया हुआ था। तभी सोनी मौसी ने अपना एक पैर मेरे ऊपर रख दिया.. तब मेरी नींद टूट गई.. लेकिन मैं कुछ बोल ना सका और लेटा रहा।

फिर वो मेरे से सट कर सोने लगीं.. उनकी चूचियाँ मेरी पीठ में टच हो रही थीं.. और मुझे लग रहा था कि उन्होंने ब्रा नहीं पहनी है। मुझे उनके चिपकने से बहुत नरम और मुलायम सा महसूस हो रहा था और चूचियाँ भी ज्यादा ही हिल रही थीं।

वो सोने लगीं.. उनका पैर मेरे ऊपर था.. तो मुझे लगा कि उनके पैर पर नाईटी नहीं है.. तब मुझे ब्लू-फिल्म के सीन याद आने लगे और मेरा लंड खड़ा होने लगा।
तभी उन्होंने दूसरी ओर करवट ली और सोने लगीं.. लेकिन इतनी देर में उन्होंने मेरा नींद को उड़ा दिया था.. वो भी पूरी थकी हुई थीं और उन्हें भी नींद आने लगी..

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कुछ देर बाद मैं उनकी ओर घूम गया और मेरा लंड उनकी गाण्ड में टच करने लगा। वो तो समझ रही थीं कि उनके साथ मौसा जी हैं।

यह सोचकर वो मेरी ओर को और अधिक खिसक आईं और तब मेरा लंड उनकी गाण्ड में और भी अच्छे से एड्जस्ट हो गया। अब मैं धीरे-धीरे हिलने लगा.. और करीब 5 मिनट के बाद वो धीरे से बोलीं- कल कर लेना जी.. आज बहुत नींद आ रही है..

लेकिन मैं तो कुछ बोल नहीं सकता था इसलिए चुप रहकर लण्ड हिलाता रहा।

इसके बाद मैं भी गरम होने लगा और मेरे मन ने भी कुछ करने का इरादा कर लिया.. लेकिन फिर मैंने सोचा कि ऐसा क्या करूँ कि उन्हें पता भी ना चले.. और मैं उनके साथ चुदाई भी कर लूँ।
तब मैं उल्टा होकर सो गया और फिर मैंने सीधे ही उनकी नाईटी ऊपर को कर दी और पेट पर चढ़ा दी.. और उनकी चूत पर हाथ फेरने लगा.. क्योंकि मुझे पता था कि वो सोचेंगी कि ये सब तो मौसा जी कर रहे हैं।

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तभी वो फिर से बोलीं- कल कर लेना यार.. अभी नींद आ रही है।
लेकिन मैंने अपना हाथ उनकी चूत पर उगे झांट के बालों पर चलाने लगा.. तो वो बोलीं- ठीक है.. आज ऊपर से ही कर लो.. मैं सो रही हूँ।

तब मैंने उन्हें सीधा लिटा दिया और उनके पैर फैला दिए और अपनी एक उंगली उनकी चूत में घुसा दी और आगे-पीछे करने लगा। करीब दस मिनट के बाद वो भी गीली होने लगीं.. लेकिन उन्हें बहुत नींद आ रही थी और इसी कारण से वो साथ नहीं दे रही थीं।
तब मैंने चूत को चाटने का सोचा और दोनों हाथों से चूत फैला कर उसमें अपनी जीभ लगा कर चाटने लगा।

ये जैसे ही उन्हें समझ में आया.. वो धीरे से बोलीं- आज ये तुम्हें क्या हो गया है.. अभी तक नशा उतरा नहीं है क्या.. एक 6 साल में पहली बार तुम अचानक मेरी चूत क्यों चाट रहे हो… इसे भी कोई चाटता है क्या भला?
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शायद मौसा जी ने कभी चूत नहीं चाटी थी.. और ना ही सोनी मौसी ने लंड चूसा था.. लेकिन मैं चुपचाप उनकी चूत चाटे जा रहा था। थोड़ी देर में उन्हें भी मज़ा आने लगा और वो आधी नींद में मज़ा लेने लगीं.. लेकिन अभी भी वो पूरी तरह से सेक्स के लिए तैयार नहीं थीं।

लेकिन मैं पूरी तरह से पहली चुदाई के लिए तैयार हो चुका था। करीब पन्द्रह मिनट के बाद मेरा लंड पैन्ट में अकड़ रहा था और मैंने सोचा कि वो जाग जाएँ इससे पहले उन्हें चोद कर ऊपर जाकर सो जाऊँगा.. इस कारण से मैंने अब देरी ना करते हुए अपना पैन्ट खोल कर नंगा हो गया.. उनकी चूत तो गीली थी ही… मैं उठा और चूत पर लंड रख कर मैंने एक धक्का लगा दिया.. जिससे मेरा लंड उनकी चूत में दो इंच अन्दर चला गया।

वो धीरे-धीरे ‘आआआ.. आआअहह..’ करने लगीं.. क्योंकि उन्हें लग रहा था कि मैं ऊपर बिस्तर पर सोया हुआ हूँ.. और तेज आवाज से मैं जग सकता हूँ।

चूंकि वो शादीशुदा थीं और चूत पूरी तरह से गीली थी इसलिए ना मुझे और ना उन्हें ज्यादा परेशानी हो रही थी.. लेकिन उनकी चूत में मेरा लवड़ा घुसते ही उन्होंने फुसफुसा कर कहा- आज तुम्हें क्या हो गया है.. तुम्हारा लंड भी आज ज्यादा लंबा और मोटा लग रहा है।

लेकिन मैं चुपचाप उन्हें चोदने में लगा था.. मेरा लंड तो तैयार बहुत देर से था।
चूंकि यह मेरा पहली बार था.. इसलिए मैं 5 मिनट में ही उनकी चूत में ही झड़ गया.. वैसे वो मुझसे पहले ही झड़ गई थीं.. क्योंकि मैंने बहुत देर उनकी चूत में उंगली की थी.. इसलिए.. वरना शायद वो इतनी जल्दी नहीं झड़तीं।

झड़ जाने के बाद मैं उनके बगल में सो गया और वो बाथरूम जाने के लिए उठीं.. तब मौसा जी नींद में ही बोले- सोनी एक गिलास पानी देना..

तो वो चौंक गईं कि ये आवाज़ तो ऊपर बिस्तर से आ रही है.. वे कुछ नहीं बोलीं और जाकर एक गिलास पानी लेकर आईं.. तब तक मैंने अपना पैन्ट पहन लिया था और नीचे ही सोया हुआ था।

तभी उन्होंने अचानक लाइट ऑन कर दी और मुझे नीचे देखा और मौसा जी को ऊपर.. तो उनके होश ही उड़ गए।
मैंने अपनी आँखें बंद कर ली थीं।
फिर उन्होंने मौसा जी को पानी दिया और लाइट ऑफ करके ऊपर ही लेट गईं।
अब तक मौसा जी की नींद कुछ पूरी हो गई थी.. इसलिए वे पानी पीने के बाद मौसी को बिस्तर पर चोदने लगे।

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ऐसा मुझे उनकी ‘आहें’ सुनकर लगा।

मौसी बोलीं- कल चोद लेना.. अभी आशीष नीचे सोया है।
तो मौसा ने कहा- वो थक कर सोया हुआ है.. उसे पता भी नहीं चलेगा.. बस तुम चीखना मत..

मौसा धक्के पर धक्का देने लगे और मौसी की ‘आ से आहा..’ तक की चीख निकलती रही और मौसा ने अपना पानी गिरा कर ही दम लिया..
ऐसा मुझे लगा..

फिर मैं सो गया.. सुबह मुझे अनु को लेकर 8 बजे जाना था.. तो मैं सुबह उठा और अनु को एक्जाम सेंटर छोड़ने चला गया।
रात की घटना के बाद.. सुबह मैं मौसी से नज़रें नहीं मिला पा रहा था।

जब मैं अनु को एक्जाम सेंटर छोड़ कर घर आया.. तो 9.30 बज चुके थे.. मौसी ने दरवाजा खोला और खोल कर रसोई में काम करने चली गईं।

मैं उनसे नज़रें नहीं मिला पा रहा था। मैं कमरे में जाकर लेट गया… तभी वो चाय लेकर आईं और रख कर चली गईं।

मैंने चाय पी ली और कप रखने रसोई में चला गया.. फिर मैंने हिम्मत करके कहा- मौसी आप मुझसे बात क्यों नहीं कर रही हो?

जब वो कुछ नहीं बोलीं.. तो मैंने फिर कहा- रात में जो भी हुआ.. वो ग़लती से हो गया.. आपने मेरे ऊपर जब पैर रखा और आपकी ब्रेस्ट.. मेरी पीठ से सटीं.. तो मेरे अन्दर उफान उठ गया.. मेरी समझ में ही नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूँ।

तो वो बोलीं- मुझे तो पता ही नहीं था कि वहाँ तुम सोए हुए हो.. लेकिन तुम्हें तो पता था.. और अगर तुम चाहते तो ये ग़लती हमसे नहीं होती..

तो मैंने कहा- हाँ.. मुझसे ग़लती हो गई.. लेकिन मैं क्या करता.. मुझे हर समय सेक्स करने का मन करता रहता है.. और ऐसे में मैं अपने आपको रोक नहीं पाया.. इसलिए प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो ना.. मौसी..
तो उन्होंने कुछ नहीं कहा और काम करती रहीं।

मैं बार-बार ‘सॉरी’ बोलता रहा.. तो दस मिनट के बाद उन्होंने मुझसे कहा- जो हुआ सो हुआ.. लेकिन अब इस बात का पता किसी को नहीं चलना चाहिए..
तो मैंने वादा किया.. तब उन्होंने कहा- ओके बाबा.. चलो माफ़ किया..

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इतना सुनते ही मैं झट से उनके गले से लग गया और उनके गाल पर चुम्बन करते हुए कहा- थैंक्स मौसी..
तो वो मेरी इस हरकत पर मुझे देखती ही रह गईं और कुछ नहीं बोलीं।
फिर वो रोटी बनाने लगीं और मैं वहीं खड़ा रहा।

फिर हमारे बीच बातचीत होने लगी.. तो कुछ देर बाद मैंने कहा- मौसी कल रात के बाद मुझे बड़ा आराम मिला और सुकून भी.. मुझे लग रहा था कि मैं स्वर्ग में पहुँच गया होऊँ.. मौसी एक बात बोलूँ?
तो वो बोलीं- क्या?
मैंने कहा- क्या एक बार हम रात वाला काम फिर से कर सकते हैं?
तो मौसी मेरी ओर घूम कर गुस्से में बोलीं- तुम्हारा दिमाग़ तो खराब नहीं हो गया है..

तभी मैंने बेशर्मी दिखाते हुए.. सोनी मौसी की चूचियों को अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा।
तो उन्होंने मुझे ज़ोर से 2-3 झापड़ मार दिए।

 

कहानी जारी है।

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