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Hindi Sex Story

राधिका का ख्याल






प्रेषक : अजय सिंह
हैल्लो दोस्तो सबसे पहले जो मेरी स्टोरी पढ़ रहा है। उसे मेरी चड्डी खोलकर लंड खड़ा करके सलाम। दोस्तों मेरा नाम अजय कुमार मीणा है और में कोटा के एक कॉलेज मे MBA कर रहा हूँ। दोस्तों ये स्टोरी आज से तीन महीने पहले की है जब मेरे पड़ोस मे एक आंटी रहती थी। उनकी भतीजी {देवर की लड़की} उनके यहाँ पर रहने आई थी। उनके यहाँ पर वो कुछ दिनों के लिए आई थी क्योंकि वो भी CA की पड़ाई कर रही थी और हम जहाँ पर रहते है वहीं पर एक अच्छी कोचिंग है और वो माधोपुर में रहती थी और वहाँ पर अच्छी कोचिंग नहीं थी इसलिए वो यहाँ पर आई थी और अंकल उसे रोज दोपहर में कोचिंग छोड़ दिया करते थे। क्योंकि वो कोटा के बारे मे कुछ नहीं जानती थी लेकिन फिर कुछ दिनों बाद अंकल को दो तीन दिनो के लिए उनके गाँव जाना पड़ा। क्योंकि उनके पिता की तबियत बहुत ज्यादा खराब थी और वो मिलने जा रहे थे और फिर राधिका की पड़ाई खराब हो जाती इसलिए आंटी और राधिका वहीं पर रह गये।

दोस्तों उस लड़की का नाम राधिका है और वो क्लास 12 का एग्जाम देकर CA की पड़ाई कर रही है। वो दिखने मे गौरी और बहुत अच्छी थी लेकिन थोड़ी मोटी थी लेकिन फिगर भी इतने ज़्यादा भी नहीं कि वो दो सीट पर बैठे लेकिन मॉडल जैसी नहीं मीडियम मोटी है लेकिन रंग तो गौरा है और हाथ भी एकदम गोरे गोरे थे।
फिर में उसे रोज दोपहर कोचिंग छोड़ने जाया करता था। अंकल की बाईक से और फिर अगले दिन अंकल का फोन आया कि उनके पिता की म्रत्यु हो गई है। वो आंटी को भी बुला रहे थे क्योंकि अब जाना तो पड़ेगा इसलिए वो राधिका को वहीं पर छोड़ गये और फिर हमारी फेमिली से बोल गये कि हम उसका ख्याल रखे और अजय उसे कोचिंग छोड़ दिया करेगा क्योंकि हमारी और उनकी फॅमिली की अच्छी बनती थी। फिर अगले सुबह पहले तो में आंटी को ट्रेन मे बैठाने गया और आंटी का एक लड़का है जो जयपुर से पड़ाई कर रहा है।
फिर दोपहर के 1:30 बजे थे और हमारा कोचिंग जाने का टाईम हुआ था। तभी वो हमारे घर आई और मुझसे बोली कि कोचिंग छोड़ आओ। फिर में उसे कोचिंग छोड़ने गया और फिर में रास्ते मे बाईक के ब्रेक लगा कर मज़े लिया करता था। फिर चार दिन ऐसे ही चला। फिर एक दिन उसने कहा कि में तुम्हारे साथ नहीं जाउंगी और उसने आंटी से फोन करके कहा कि में उसके साथ नहीं जाउंगी। तो आंटी ने उसको डाट लगा दी और कहा कि किसके साथ जाएगी तू? तू तो यहाँ की रहने वाली भी नहीं जो जगह जानती हो वहाँ पर और उसने तुमसे कुछ कहा क्या? तभी उसने मना कर दिया। फिर आंटी ने कहा कि तो चली जाओ उसके साथ कोचिंग, में यह सब सुन रहा था छुपकर। फिर में उसे कोचिंग लेकर गया तो में उसे सीधे तरीके से उसे वहाँ पर छोड़ आया। फिर तभी आते वक़्त एक कुत्ता बीच मे आ गया और फिर मैंने अचानक से ब्रेक नहीं मारे जिससे कुत्ते को थोड़ी टक्कर लगकर वो साईड में हट गया। तभी उसने कहा कि तुमने ब्रेक क्यो नहीं लगाए? फिर मैंने कहा कि में अगर ब्रेक लगता तो तुम गलत समझती। तभी उसने कहा कि क्या तुमने उस दिन कि सभी बाते सुन ली? फिर उसने मुझे सॉरी कहा और मुझे कहा कि आज हम जूस की दुकान पर जूस पीकर चलते है। फिर हम जूस पीकर घर पर आ गये।

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फिर अगले दिन में उसके घर गया। तभी वो तैयार थी और फिर मैंने उसे पानी माँगा और एकदम जैसे ही वो मेरे पास आई तो में एकदम पलट गया और पानी उसके ऊपर गिर गया। ऐसा मैंने जान बूझकर किया फिर मैंने कहा सॉरी यार तुम्हारे कपड़े रास्ते में सूख जायेंगे, चलो कोचिंग चलते है या फिर तुम दूसरे कपड़े पहनकर आ जाओ। फिर वो दूसरे कपड़े पहनने गई। तभी मैंने उसे दरवाजे के लॉक में से देखा और फिर मेरी किस्मत भी तो देखो उसने कपड़े भी किसी कॉर्नेर में नहीं बल्कि लॉक के सामने आकर चेंज करने लगी और में तो उसे देख रहा था। वाह क्या गौरी चिकनी और मोटी जांघे थी उसकी और बूब्स तो इतने मोटे शरीर पर छोटे छोटे।
फिर वो बाहर आई तो देखा 2:10 बज गये है और फिर वो कहने लगी कि अब तो क्लास स्टार्ट हो गई है और जाने में टाईम लगेगा अगली क्लास 3:30 पर स्टार्ट होगी तब तुम मुझे छोड़ आना, हम तब तक दोनो टीवी देखने लगे। फिर में किचन मे गया और किचन से रोटी सब्जी लेकर आया और इस बार तो में असली में ही गिर गया और सब्जी उसके ऊपर गिर गई और वो भी बूब्स पर। फिर इस बार असली में गिरने के कारण में तुरंत खड़ा हुआ और फिर उसके बूब्स पर मेरा रुमाल निकालकर साफ करने लगा और फिर रुमाल से प्रेस करने लगा और वो फिर ड्रेस चेंज करने गई। तभी में लॉक में से देखने लगा तो उसने लॉक नहीं लगाया इस बार और गैट ऐसे ही बंद कर दिया था। तभी मेरे सर से ज़्यादा प्रेस होने के कारण वो गेट एकदम खुल गया और में वहाँ पर बैठा हुआ उसे देख रहा। तभी में उठकर भागा तो उसने मुझे देख लिया और फिर वो बाद में बाहर आई।
तभी वो बोली तुम वहाँ पर क्या कर रहे थे? फिर मैंने कहा कि कहाँ पर में तो यहीं पर टीवी देख रहा हूँ। तभी वो बोली नहीं तुम झूठ बोल रहे हो तुम वहाँ पर दरवाजे से छुपकर मुझे ड्रेस चेंज करते देख रहे थे। तभी बोली क्या तुम्हे शरम नहीं आती मुझे ड्रेस चेंज करते देखते हो? फिर में बोला कि में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ। फिर तुम्हे ऐसी हालत मे देखने का हक़ है मुझे, क्योंकि प्यार करने वाले एक दूसरे को ऐसे ही देखा करते है लेकिन उसमे दोनो की मर्ज़ी शामिल होती है। तभी उसने कहा कि इसमे मेरी मर्ज़ी तो शामिल ही नहीं है। फिर मैंने कहा कि इसलिए तुमने नहीं देखा केवल मैंने ही देखा है वरना तुम भी मुझे ऐसे ही देख सकती हो। फिर हम दोनों में थोड़ी लड़ाई हो गई बात बात में।

फिर मैंने उसे कहा कि तुम्हे बहुत देर हो गई यार अब तुम्हे जिससे कहना हो कह देना मुझे कोई डर नहीं है और में सिर्फ़ तुम से प्यार करता था इसलिए तुम्हे ऐसे देख रहा था और अब तुम्हारे लिए मेरा प्यार नहीं रहा इसलिए फिर में उसको कह गया कि आज के बाद तुम मुझसे बात मत करना। फिर में जाने लगा तो उसने मुझे आवाज़ लगाई और फिर मुझे रोक दिया और कहा कि यार प्लीज़ इस प्यार को अभी इतनी जल्दी खत्म मत करो मुझे पहली बार किसी लड़के ने प्रपोज किया है इसलिए में भी तुम्हे बहुत पसंद करने लगी हूँ और में भी तुमसे प्यार करने लगी हूँ। में तो ऐसे ही मज़े ले रही थी। फिर मैंने कहा क्या तुम मुझसे प्यार करती हो? तो फिर तुमने मुझसे इतनी लड़ाई क्यों की? अब तुम मुझसे प्यार करती हो मुझे तब विश्वास आएगा जब तुम पूरी नंगी होकर मेरे साथ सेक्स करोगी। तभी वो बोली कि क्यों? कपड़े पहनकर भी सेक्स तो करते है और फिर उसने मुझसे कहा कि तुम डोर को लॉक करके बेडरूम में आ जाओ सर्प्राइज़ रेडी है। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
फिर में डोर को लॉक करके गया तो मैंने देखा कि वो पूरी नंगी लेटी हुई है और फिर मुझसे कहने लगी कि जल्दी कपड़े खोलो किसका इंतजार है। फिर मैंने कहा कि तुम खोलो में क्यों खोलूं और फिर उसने मेरे कपड़े खोल दिए। ये मेरा फर्स्ट टाईम था और उसका भी। जैसे ही उसने मेरा लंड हाथ में लिया और दो तीन बार मुहं मे अंदर बाहर किया। फिर दस मिनट बाद में उसके मुहं मे ही झड़ गया। फिर हम एक दूसरे को किस कर रहे थे और एक दूसरे के ऊपर पड़े हुए। फिर में थोड़ा जोश में आ गया इस जोश से कभी उसके गले पर, होंठो पर, कभी चूत पर, कभी बूब्स पर, एक भूखे शेर की तरह झपट गया। फिर जोश में सब कुछ करने लग गया। फिर मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था और अब में फिर से झड़ने वाला था और इस बार में उसके बूब्स पर झड़ गया। इस बार मेरा वीर्य थोड़ा सा ही निकला लेकिन फर्स्ट टाईम होने के कारण बिना चोदे ही मस्ती करने में ही इतना जोश आ रहा था कि बार बार बिना चोदे ही झड़ जाया करता था लेकिन इस बार तो मैंने उसे चोदने की सोच ली और इस बार फिर से उसने एक कपड़े से उसके बूब्स पर से वीर्य को साफ किया।
फिर हम किस करने लगे तीन मिनट के बाद मेरा लंड फिर से टाईट हो गया। फिर इस बार में उसके ऊपर चड़ गया और थोड़ी देर ऊपर ही रब करके फिर उसकी चूत के छेद पर लंड टिकाया थोड़ा सा ही धक्का लगाया। तभी वो एकदम चिल्ला उठी और फिर झड़ गई। फिर उसी वक़्त उसके झड़ने से एकदम चिकनाई आ गई और वैसे ही मेरा लंड जब से उसे चोदने लगा था तब से चिकना ही हो रहा था क्योंकि थोड़ा थोड़ा वीर्य झड़ रहा था। फिर मैंने एक थोड़ा और जोर से धक्का लगाया लंड का टोपा ही अंदर गया था कि उसने बोला यार अजय तुम बहुत दर्द कर रहे हो। फिर मैंने कहा कि क्या इससे पहले किसी के साथ किया था तब दर्द नहीं हुआ? तभी उसने कहा क्या अजय? में पहली बार तुम्हारे ही सामने पूरी नंगी हुई हूँ।
फिर मैंने कहा कि अब नंगी हुई हो तो पूरा मज़ा भी तो लो। फिर मैंने एक और बार ज़ोर लगाया। फिर भी बहुत ज़्यादा ही टाईट जा रहा था और वो चिल्ला रही थी। फिर मुझे उसके ऊपर दया आने लगी। फिर मैंने अपना लंड निकाला और फिर उंगली से अंदर बाहर करके पहले थोड़ा उसका होल ढीला किया। फिर मैंने दो मिनट तक उसकी चूत में उंगली की फिर उसके ऊपर चड़ गया। फिर इस बार उसे लिटाया तो पहले नीचे 8 न्यूजपेपर बिछा दिए और फिर एक बड़ी सी पोलिथिन बिछा दी। फिर उसे लेटाया और फिर उसके दोनों पैर चौड़े कर दिए। फिर उसकी चूत पर वेसलीन लगा दी और इस बार फिर से डालने लगा इस बार टोपा अंदर जाने पर वो चिल्लाई नहीं।
फिर वो धीरे धीरे सिसकियाँ लेने लगी। तभी मैंने ज़ोर लगाया और लंड आधा अंदर गया और वो चिल्लाने लगी बाहर निकालो बाहर फिर मैंने लंड बाहर निकाल लिया। में फिर से डालने लगा और फिर सिर्फ़ टोपा ही अंदर गया और वो झड़ गई। फिर मैंने आधा लंड ही डाला और में भी झड़ गया। फिर थोड़ी देर तक उसकी चूत की ऊँगली से सफाई करके फिर से वेसलिन लगा दी। इस बार अंदर तक लगा दी और उंगली से चुदाई करने लगा। फिर करीब दस मिनट उंगली करने पर वो झड़ गई। अब मेरा लंड खड़ा हो गया। फिर मैंने उसको फिर से उन न्यूज़ पेपर पर लेटाया और अब उसकी चूत में लंड का धक्का लगाया। इस बार मेरा आधा लंड घुसने पर वो चिल्लाई नहीं क्योंकि मैंने दस मिनट तक उंगली से चुदाई करके उसकी थोड़ी ढीली कर दी थी। फिर मैंने ज़ोर लगाया तो थोड़ा सा ही अंदर गया।
फिर मैंने एक ज़ोर से धक्का लगाया। तभी उसने एकदम आँखे बंद कर ली और ज़ोर से चिल्लाने लगी। अब मेरे लंड मे भी दर्द होने लगा। फिर मैंने बाहर निकाल कर फिर से डाला तो मेरे लंड पर गर्माहट महसूस हुई। तभी मैंने देखा तो उसकी चूत से खून निकल रहा था। फिर मैंने उसे थोड़ा बैठाकर फिर से लेटाया उसकी चूत से करीब थोड़ा सा ही खून निकला। फिर बूँद बूँद टपक रहा था, तभी मैंने उसे एक कपड़े से साफ किया और उसको फिर से लेटाकर उसके ऊपर चड़कर चोदने लगा। फिर वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी फिर मुझे बार बार ऊपर से हटने के लिए कहने लगी लेकिन में धीरे धीरे स्पीड बड़ाने लग गया। अब मुझे भी लंड पर थोड़ा दर्द फील हो रहा था। तभी मैंने देखा कि उसकी आँखे बंद हो रही है। फिर मैंने उसको किस करना शुरू किया और फिर उसने भी जवाब दिया। अब वो भी थोड़ा नीचे से उछल उछल कर मेरा साथ देने लगी। फिर में उसे जोर जोर से चोदने लगा, मैंने स्पीड बड़ाई, तभी मेरे लंड में भी दर्द सा होने लगा। फिर दस मिनट की चुदाई के बाद में झड़ गया। फिर मैंने देखा तो मेरे इस बार झड़ने पर सिर्फ़ दो बूँद ही वीर्य निकला। फिर मैंने उसकी चूत देखी तो वो लाल पड़ गई थी और मेरा लंड भी लाल पड़ गया था। फिर हमने आराम किया, फिर कुछ देर बाद में हमने फिर बीस मिनट के बाद फिर से किस करना शुरू किया।
फिर हम दोनो गर्म हो चुके थे। फिर इस बार 32 मिनट तक चुदाई की और खूब जमकर और पोज़िशन बदल बदल कर हमने चुदाई का मज़ा लिया। फिर में उसकी चूत मे ही झड़ गया और फिर में नहाने गया जल्दी से कपड़े पहन कर फिर अपने घर गया। फिर हम दोनों रोज ऐसे ही करने लगे। फिर उस दिन शाम को मैंने उसे एक ई-पिल की गोली लाकर दी और उसे खिला दी। फिर पांच मिनट किस करके फिर हम हमारे घर आ गये खाना खाने। ऐसे ही चलता रहा फिर उसके CA के पेपर हो गये और वो अपने घर चली गई। फिर उसने मोबाइल नंबर दिए उस पर मैंने कई बार कॉल किया उससे बात भी हुई। फिर एक बार उसके घर पर कोई नहीं था। मेरे मम्मी पापा भी शादी मे गये हुए थे। तभी में वहाँ पर उसके घर पर दोपहर मे ट्रेन से चला गया और खूब चुदाई करके फिर शाम को 8 बजे ट्रेन से वापस आ गया। उसके बाद अभी तक मौका नहीं मिला। दोस्तों प्लीज दुआ करो कि मुझे फिर उसे चोदने का मौका मिल जाये।
धन्यवाद …


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