Swayamvar Ka Sach – Hindi Sex Story

swayambar ka sach hindi sex story
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मैं जानता था कि यह राखी कपूर एक नंबर की चुद्दकड़ है। ये स्वयंवर वाली बात तो महज पब्लिसिटी बटोरने का एक तरीका है उसे कोई शादी वादी नहीं करनी है। ऐसी फुद्दैड़ औरतों को शादी विवाह और घर गृहस्थी जैसी बातों में तो ज़रा भी विश्वास नहीं होता।

इन्हें तो बस किसी भी तरह दौलत और शोहरत चाहिए भले ही किसी भी कीमत पर मिले। पता नहीं साली ने कितने लंड खाए होंगे पर नाटक तो ऐसा करती है जैसे कोई छुईमुई और एक दम अक्षत-यौवना ही हो।

… इसी कहानी में से

सच कहूँ तो यह कहानी अरमान की ही है। उसने मुझे जाल-संवाद के दौरान बताई थी। मैंने तो बस इसे कहानी का रूप देकर संपादित ही किया है। लेकिन इससे क्या फर्क पड़ता है। आप सभी कहानी का लुत्फ़ तो ले ही सकते हैं : प्रेम गुरु

पिछले हफ्ते मेरी असली शादी हो गई है। आप जरूर सोच रहे होंगे शादी तो असली ही होती है इसमें बताने वाली क्या बात है?

अरे नहीं भाई मेरा मतलब यह था कि मैं एक बार पहले भी शादी में दूल्हा तो नहीं पर प्रतियोगी जरूर बन चुका हूँ। अरे आप ने मुझे नहीं पहचाना। मैं अरमान साहिल फ्रॉम इलाहाबाद ?

याद आया ना राखी कपूर का स्वयंवर ?

हाँ मैं अरमान हूँ 25 साल का सजीला जवान। लंड की साइज़ 8″ मोटाई 2″, हाँ तो मैं अपनी शादी की बात कर रहा था। गीता के साथ मेरी शादी हो गई है। एक ख़ास बात आपको गीता के बारे में बता दूँ… वो मुझे रोज़ अपने हाथों से रात को गर्म दूध जरूर पिलाती है और दूध के गिलास को देख कर फिर मुझे राखी का स्वयंवर फिर याद आ जाता है। अब कल की बात सुनो- रात को जब मैं कमरे में आया तो वो हाथो में दूध का गिलास लिए मेरा इंतजार ही कर रही थी।

वो बोली “अरमान ! पहले ये गर्म दूध पी लो !”

“नहीं आज मैं यह नकली नहीं असली दूध पिऊंगा ?” मैंने दूध का गिलास परे रख दिया और उसे बाहों में कस कर भर लिया और तडातड़ कई चुम्बन उसके गालों होंठो और उरोजों पर ले लिए। वो थोड़ा कुनमुनाई और बोली,”ओह… अरमान थोड़ा सब्र तो करो … !”

“ओह मेरी गीता रानी अब सब्र नहीं होता ! प्लीज जल्दी से अपने कपड़े उतारो !”

और मैंने अपने कपड़े उतारने चालू कर दिए।

गीता बोली,”नहीं अरमान ! प्लीज आज नहीं !”

“क्यों ??”

“ओह … तुम औरतों की परेशानी नहीं समझते ?”

“ओह बताओ ना? क्या हुआ ?”

वैसे तो हमेशा खुद ही कपड़े खींचती थी। आज क्या हो गया मेरी गीता रानी को ?

“वो .. वो .. आज रेड सिग्नल है गाड़ी आगे नहीं जा सकती !” कहकर उसने अपनी गर्दन झुका ली।

मेरा तो मूड ही खराब हो गया। वो मेरे पास आई और बोली “तुम पिछले सात दिनों से रोज़ चार-पाँच बार कर रहे हो ! अब तीन दिन आराम करो और मुझे बस ऐसे ही प्यार करो।”

“ओह .. हाँ ” और मैंने उसे बाहों में भर लिया।

“अरमान, एक बात पूछूं ?”

मैंने हाँ में गर्दन हिलाई तो वो बोली “देखो सच बताना ?”

पता नहीं वो क्या पूछना चाहती थी …

“तुम राखी के स्वयंवर में गए थे ना ?”

“हाँ तुम जानती तो हो ?”

“ओह मैं तो इतना जानती हूँ कि तुम वहाँ गए थे पर वहाँ क्या हुआ पूरी बात बताओ ना प्लीज ?”

“बाकी सब तो तुमने टीवी पर देख ही लिया था पर एक बात टीवी पर नहीं दिखाई गई थी ?”

“वो क्या ?”

“तुम्हें पता होगा हम पाँच प्रतियोगियों को एक-एक घंटे के लिए अकेले राखी के साथ कमरे में बंद कर दिया गया था आपस में बात करने के लिए ?”

“हाँ हाँ ?” उत्सुकतावश गीता की आँखें चमक उठी “प्लीज जल्दी बताओ अन्दर क्या किया तुमने और राखी ने ?”

“ओह .. तो यह बात है ?”

“प्लीज बताओ ना ?”

“तुम बुरा तो नहीं मानोगी ना ?”

“नहीं पर प्लीज सच बताना झूठ नहीं ?”

“मैंने उसकी चुदाई कर दी बस !”

“हुंह … पूरी बात बताओ ना ?”

गीता जब इस तरह तुनकती है तो उसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है।

“अरे यार पूछो मत ! मज़ा आ गया था! क्या चूत है साली की ! बड़ी ही तीखी है ! उछल उछल कर लंड लिया था उसने अपनी चूत में !”

“प्लीज पूरी बात बताओ ! तुम्हें मेरी कसम !”

तो सुनो :

प्रोग्राम होस्ट राम कपूर ने हमें कमरे में बंद कर दिया और बोला कि अब एक घंटे तक तुम और राखी अपने मन की सारी बातें कर लो जो सब के सामने नहीं कर सकते। तो राखी ने कहा- नहीं, टाइम की कोई बंदिश नहीं होनी चाहिए ! हम अपने आप बाहर आ जायेंगे !

राम कपूर और निर्देशक मान गये और हम दोनों कमरे में आ गए।

मैं जानता था कि यह राखी कपूर एक नंबर की चुद्दकड़ है। यह स्वयंवर वाली बात तो महज पब्लिसिटी बटोरने का एक तरीका है उसे कोई शादी वादी नहीं करनी है। ऐसी फुद्दैड़ औरतों को शादी विवाह और घर गृहस्थी जैसी बातों में तो ज़रा भी विश्वास नहीं होता ।

इन्हें तो बस किसी भी तरह दौलत और शोहरत चाहिए भले ही किसी भी कीमत पर मिले । पता नहीं साली ने कितने लंड खाए होंगे पर साली नाटक तो ऐसा करती है जैसे कोई छुईमुई और एक दम अक्षत-यौवना ही हो।

मैं भी उसके स्वयंवर में एक प्रतियोगी बना था। मैं जानता था कि उसका दिल मेरे ऊ़पर आ गया है। बस वो तो मौके के इंतज़ार में ही थी जैसे।

एक बात और बताता हूँ… मैंने जब पहली बार सेक्स किया था तब से अपने साथ कंडोम और वियाग्रा की गोली अपने पर्स में जरूर रखता हूँ। वो इसलिए कि किस्मत और पेंटी का नाड़ा कब कब खुल जाए कोई नहीं जानता। और इसका असली फायदा मुझे उस दिन हुआ था।

हम दोनों एक दूजे की बाहों में लिपटे कमरे के अन्दर आ गए। कमरा बहुत बड़ा था और आलिशान था। विदेशी इत्र की मादक महक से भरा था। पलंग पर गुलाब की पत्तियाँ बिखरी थी। साथ की टेबल पर दूध के दो ग्लास पड़े थे। दो सोफे जैसी कुर्सियाँ पड़ी थी। धीमी रोशनी और इंग्लिश धुन बजाता मध्यम संगीत तो किसी को भी रोमांटिक बना दे।

“अरमान ! पहले दूध पी लो !” राखी ने मर्दमार आवाज में कहा।

साली ! अभी से क्या हुक्म चलाती है। जैसे मैं उसका पति ही हूँ।

दूध पीने के साथ साथ मैंने चुपके से एक गोली वियाग्रा की भी खाली थी। बाद मैं और राखी पलंग पर बैठ गए।

मैं कुछ पूछना चाहता था पर इससे पहले कि मैं कुछ पूछूं वो बोली,”अरमान तुमने किसी की पहले भी चुदाई की है ?”

मैं हैरान हुआ उसे देखता ही रह गया।

“अरे मेरे भोले सनम इसमें शरमाने की क्या बात है प्लीज बताओ ना ?”

“वो .. वो .. दर असल ?” मेरी तो जैसे बोलती ही बंद कर दी थी उसने।

“ओह .. तुम तो लड़कियों की तरह शर्मा रहे हो ?” वो खिलखिला कर हंस पड़ी।

अब तक गोली ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था। अब मुझे भी जोश आ गया मैंने कहा, “हाँ की है 3-4 को चोद चुका हूँ ?”

“जीयो मेरे राजा … फिर तो मज़ा इच आ जाएगा आज ?”

“क्या मतलब ?” मैंने हैरानी से उसकी और देखा तो बोली “अच्छा बताओ तुम्हें किस आसन में सबसे ज्यादा मज़ा आता है ?”

“वो .. वो .. मुझे तो डॉगी वाला स्टाइल पसंद है !”

“हाई मैं मर जावां !” और उसने मेरे गालों को चूम लिया।

“गुड … मेरा भी पसंदीदा आसन यही है !”

“क्या तुम पहले से ही … मेरा मतलब .. ?”

“हाँ मेरे राजा !”

“तो फिर यह शादी …? स्वयंवर… ?”

“ओह ये सब तो बस पब्लिसिटी स्टंट है। टीवी पर जब तक कोई नई चीज नहीं दिखाई जाए टी.आर.पी. नहीं बढ़ती ना !”

“ओह .. एक बात पूछूं ?”

“बोलो ?”

“फिर वो तुमने चीका को थप्पड़ क्यों मारा था ?”

मैं एक भारतीय नारी हूँ कुछ तो भारतीयों जैसा करना पड़ेगा ना इस लिए ? वो सब चीका और डाइरेक्टर का प्रायोजित ड्रामा था यार !”

“कैसे ?”

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“तुम भी अक्ल के दुश्मन ही हो… अरे बाबा उस शिल्पा को इऽच लो, साली हरामजादी रांड उस फिरंगी (गेर) के साथ एक चुम्मा देकर कितना फेमस हो गई थी ? और.. और वो… साली संभावना शेट्टी की बच्ची … मेरा बस चले तो मैं उसकी चुटिया पकड़ कर जमीन पर पटक दूं.. साली की वाट इच लगा दूं !”

“ओह .. पर उसने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है ?”

“उसने .. उसने .. तो मेरा बेड़ा इच गर्क कर दिया था !”

“वो कैसे ?”

“जब बिग बॉस शो चल रहा था तो पहले बिग बॉस मेरी चुदाई करना चाहता था पर उस रांड ने पता नहीं उस को क्या पिला दिया था कि वो तो उस पर लट्टू ही हो गया । साली ने जरूर उसे गांड मारने दी होगी । वो साला एक नंबर का गांडू है ना !”

“ओह ….”

“इसीलिए मैंने भी सोचा कि क्यों ना कोई नया ड्रामा किया जाए !”

“ओह तो यह तुम्हारी चाल ही है… मेरा मतलब नया ड्रामा !!”

“और नहीं तो क्या ? तुम क्या सोचते हो कि यह जो स्वयंवर चल रहा है, मैं कोई सचमुच शादी करने वाली हूँ ? अपुन को कोई शादी-वादी नहीं मांगता यार !”

“क्या मतलब ?”

“हाँ … भई जिस दिन फैसला करने की घड़ी होगी उस दिन सगाई का ऐलान करूंगी और तीन या चार महीने का समय मांगूंगी, उसे ठोक बजा कर देखूंगी अगर बन्दा मेरी हर बात मानेगा और अच्छी तरह से मेरी चुदाई करेगा तो इच उस से शादी करुँगी नहीं तो बाय बाय ! समझे ?”

“तो क्या ये सब भी … ?”

“जियो मेरे राजा…. तुम भी एक नंबर के लड्डू गोपाल ही हो। मुझे कोई शादी वादी नहीं करनी मैं तो किसी ढंग की आसामी की तलाश में हूँ। अगर कोई अक्ल का अँधा और गाँठ का पूरा (मालदार फुद्दू) मिल गया तो मजा इच आ जाएगा जैसे…… ऐलिश ?” कहते हुए राखी खिलखिला कर हंस पड़ी।

मैं क्या बोलता मैं तो सोचता ही रह गया ये टीवी वाले भी कैसे कैसे टोटके आजमाते हैं अपनी टी. आर. पी. बढाने के लिए।

“ओह तुम कहाँ खो गए मेरे राजा ?”

“नहीं कुछ नहीं ?”

“आओ अब समय बर्बाद मत करो तुम्हें दो-तीन शिफ्टों में काम करना है !” राखी का खुला आमंत्रण सुनकर मैं तो उछल ही पड़ा। मेरा लंड तो आज अकड़ कर 8″ से भी ज्यादा बड़ा हो गया था और फूल कर जैसे कुप्पा ही बन गया था। वो तो बस अपना आपा ही खोने वाला था ।

“ओह येस…”

“अब देर किस बात की है तुम तो बड़े अनुभवी हो चलो शुरू हो जाओ ?” और उसने मेरी और आँख मार दी।

पहले तो मैं कुछ समझा नहीं बाद में मैंने उसे दबोच ही लिया। वो तो उईईच …. आह… करती ही रह गई।

“ओह … अरमान डार्लिंग ऐसे नहीं पहले कपड़े तो उतारो !”

मैंने झट से अपने कपड़े उतार दिए और फिर राखी के सारे गहने उतार दिए ताकि कोई परेशानी ना हो। उसके बाद मैंने उस के गालों पर एक छोटा और प्यार सा किस किया।

वो तो बिलकुल भी नहीं शरमा रही थी। चोली के अन्दर मोटे ताजे दो कबूतर कैद थे मानो बोल रहे हो हमें यहाँ से आजाद कर दो हमारा दम घुट रहा है।

यहाँ पर मैंने ऐसा नहीं किया और राखी को किस करने लगा और एक हाथ से उसके ब्रा में कैद स्तनों को दबाने लगा जिससे वो गर्म हो रही थी और मुंह से सिस्कारियों की आवाज़ निकल रही थी,”ह्म्म्म्म….. आहाह्ह्हन्न्न्न्न्न्न…. बड़ा मज़ा आ रहा है ….”

करीब दस मिनट तक किस करते हुए मैं उसके वक्ष भी दबाता रहा जिससे वो पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी। अब मैंने उसका साया भी निकाल दिया और अब वो केवल पैंटी और ब्रा में थी। साली के क्या मस्त चूतड़ थे। मोटे मोटे फुटबाल हो जैसे। मैं जानता हूँ कि यह राखी एक नंबर की फुद्दैड़ रांड है तभी तो इतने मस्त झकास चूतड़ हैं, लगता है साली जरूर गांड मरवाने की भी शौकीन है।

मैंने उससे कहा,”राखी तुम बहुत सुन्दर हो, तुम्हारा हर अंग खुदा ने बड़ी ही फुरसत में तराशा है जिसमें एक भी दाग नहीं है। मैं बहुत किस्मत वाला हूँ जो मुझे तुम मिली !”

मैंने झट से अपने कपड़े उतार दिए और फिर राखी के सारे गहने उतार दिए ताकि कोई परेशानी ना हो। उसके बाद मैंने उस के गालों पर एक छोटा और प्यार सा किस किया । वो तो बिलकुल भी नहीं शरमा रही थी। चोली के अन्दर मोटे ताजे दो कबूतर कैद थे मानो बोल रहे हो हमें यहाँ से आजाद कर दो हमारा दम घुट रहा है। यहाँ पर मैंने ऐसा नहीं किया और राखी को किस करने लगा और एक हाथ से उसके ब्रा में कैद स्तनों को दबाने लगा जिससे वो गर्म हो रही थी और मुंह से सिस्कारियों की आवाज़ निकल रही थी,”ह्म्म्म्म….. आहाह्ह्हन्न्न्न्न्न्न…. बड़ा मज़ा आ रहा है ….”

करीब दस मिनट तक किस करते हुए मैं उसके वक्ष भी दबाता रहा जिससे वो पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी। अब मैंने उसका साया भी निकाल दिया और अब वो केवल पैंटी और ब्रा में थी। साली के क्या मस्त चूतड़ थे। मोटे मोटे फुटबाल हो जैसे। मैं जानता हूँ कि यह राखी एक नंबर की फुद्दैड़ रांड है तभी तो इतने मस्त झकास चूतड़ हैं, लगता है साली जरूर गांड मरवाने की भी शौकीन है।

मैंने उससे कहा,”राखी तुम बहुत सुन्दर हो, तुम्हारा हर अंग खुदा ने बड़ी ही फुर्सत में तराशा है जिसमें एक भी दाग नहीं है। मैं बहुत किस्मत वाला हूँ जो मुझे तुम मिली !”

“ओह …. बाबा अब तुम नौटंकी छोड़ो और जल्दी से मेरी चूत का ख़याल करो, कब से वो लंड लेने को तरस रही है !”

अब मैंने राखी की ब्रा और पैंटी भी उतार दी और उसके बूब्स को पीने लगा उसके वो लाल लाल घुंडी तो (अंगूर के दाने की जितनी) मस्त कर देने वाली थी। उसके एरोला का गुलाबी घेरा देख कर तो मैं मदहोश ही हो गया था। मैंने एक हाथ से उसकी चूत को टटोला और एक अंगुली उसकी चूत में डाल दी । हाय … साली ने चूत को एक दम टिच्च कर रखा था। उसकी चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी। ऊँगली आराम से अन्दर बाहर हो रही थी मैंने फिर दूसरी अंगुली भी पेल दी दी और उसकी चूत को चोदने लगा वो बार बार अपना हाथ मेरे लंड की तरफ ले जा रही थी लेकिन मैंने अभी तक अपनी चड्डी नहीं उतारी थी। दरअसल मैं उसे इतना तडफाना चाहता था कि वो खुद ही मेरे लंड पर बैठ जाए। मैंने करीब 10 मिनट तक उसका दूध पिया और चूत को ऊँगली से चोदता रहा जिससे वो एक बार झड़ चुकी थी और उसका पानी मेरे हाथों पर था उसके बाद मैंने अपनी चड्डी उतारने के लिए राखी को कहा।

राखी घुटनों के बल बैठी थी अब उसने अपने नाजुक हाथों से मेरी चड्डी एक ही झटके में नीचे कर दी। गोली खाने से मेरा लंड तो पहले से ही बम्बू बना था बाहर आते ही उसने राखी को सलाम ठोका और सावधान हो गया किसी फौजी जनरल की तरह। उसने बिना कुछ कहे पहले मेरे लंड को चूमा और टोपे को नीचे करके लंड को लोलीपोप की तरह चाटने लगी मुझे भी गर्माहट आने लगी। मैं उसका मुंह चोद रहा था और वो भी एक रांड की तरह मेरा लंड चूस रही थी।

चूसे भी क्यूँ ना ! अभिषेक का लंड बहुत चूसा होगा तभी तो मेरा भी चूस रही थी। करीब 15 मिनट में मेरा माल निकलने को हुआ तो मैंने कहा- मेरा निकलने वाला है !

उसने कहा,”मैं इतनी देर से मेहनत कर रही हूँ उसका कुछ तो फल मिलना चाहिए !”

और वो तेज़ तेज़ चूसने लगी। मैं भला कितनी देर अपने आप को रोक पाता। मेरे लंड ने दनादन पिचकारियाँ छोड़नी शुरू कर दी। राखी सारा का सारा पानी पी गई एक भी बूंद नीचे नहीं गिरने दी। यही होती है पक्की रांड की पहचान। लेकिन मैं कुछ बोला नहीं क्यूंकि मेरे दिल में कुछ और ही चल रहा था। वो आप सभी पाठक और पाठिकाएं अंत में समझ जाओगे।

अब तक हमें आधा या पौन घंटा तो हो ही गया था। मैंने उसे फिर से बेड पर लिटाया और उसके ऊपर लेट गया और किस करने लगा। एक हाथ चूची पर था और एक हाथ उसकी चूत पर। फिर धीरे धीरे नीचे आते हुए स्तन को पीते हुए चूत तक आ गया मैंने राखी की चूत पहली बार देखी थी। उसकी चूत बहुत ही चिकनी थी। होंठ जरूर थोड़े काले थे पर थे मोटे मोटे। साली के ऊपर और नीचे के दोनों ही होंठ एक जैसे ही थे बस रंग का फर्क था। ऊपर वाले लाल और नीचे वाले काले।

पहले मैंने उसकी चूत के होंठों को चूमा और फिर चूत को चाटने लगा। अचानक हुए इस काम से वो चिहुंक उठी और सिसकने लगी,”ह्म्म्माम्म्म…. आआआआअहहहन…. और जोर से हाआआअन…. एसीईई हीईईइ… अब डाल भी दो क्यूँ तड़पा रहे हो ! मुझ से अब रूका नहीं जा रहा ! मेरी चूत में कुछ हो रहा है ! जल्दी से डाल दो नहीं तो मर जाउंगी।”

अभी इतनी जल्दी भी क्या है रानी अभी तो बहुत टाइम है अपने पास। और मैंने 69 की पोजीशन में आकर उसके मुंह में फिर से अपना लंड डाल दिया। मेरा लंड अब फिर फुफ़कारें मारने लगा था।

“हाँ अब ठीक है !”

“क्या ठीक है ?”

“यही कि अब मेरा शेर तैयार है एक बार झड़ चुका हूँ, देर तक तुम्हारी चूत को चोद सकता हूँ !”

अब उसको यह थोड़े ही बताता कि मैंने तुझे चोदने के लिए और भी कुछ किया है।

“तुम तो बहुत एक्सपर्ट लगते हो चुदाई में ?”

“हाँ यह बात तो तुमने सच कही !”

“5-7 तो मैं भी …..?”

“रुक क्यूँ गई बोलो ना ?”

“कुछ नहीं !”

“अरे बोलो भी मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है !”

“अरे मैं कह रही थी कि मैं भी कम एक्सपर्ट नहीं हूँ इन बातों में !”

“अरे वाह … फिर तो मज़ा ही आ जाएगा ! अच्छा प्लीज बताओ ना कितने लंड ले चुकी हो अब तक ?”

“4-5 बार अभिषेक ने और एक बार चीका ने चोदा था और जब मुझे कोई काम नहीं दे रहा था तो 3-4 प्रोड्यूसर्स से भी चुदना पड़ा था। वैसे मैं तो बचपन में ही खेली खाई हुई हूँ, अपने मौसा और जीजा से चुद चुकी हूँ ।”

“राखी ! क्या तुमने कभी गधापच्चीसी भी खेली है ?”

“क्या मतलब… यह क्या होती है रे बाबा ?”

“वो … वो .. मैं ???”

“अबे क्या मैं मैं बकरी की तरह मिमिया रहा है साफ़ बोल ना ?”

“मेरा मतलब था क्या कभी गांड भी मरवाई है ?”

“ओह्हो …. अरे नहीं यार …. ये मुझे अच्छा नहीं लगता। हाँ एक बार जब मुझे ‘बुड्ढा किधर गया’ फिल्म ऑफर हुई थी तो उसके प्रोड्यूसर ने शर्त रखी थी कि वो बिना गांड मारे रोल नहीं देगा तो उसके साथ किया था .. बस !” राखी ने इत्मीनान से बताया।

“ओह …?”

“क्या हुआ ?”

“कुछ नहीं …?”

“अरे ! मेरे मन मोहन लाल एक दो बार गांड मरवाने से कुछ नहीं बिगड़ता। और उस साले चूतिये की तो ऊपर घिसते इच टीं बोल गई थी। गांड मारने में बड़ा दम चाहिए गांड मारना इतना आसान नहीं है ? समझे मेरे देवदास ?”

“ओह हाँ हाँ …?” मैंने भी सोच लिया था कि एक बार चूत का ठीक से मज़ा ले लूँ फिर गांड का बाजा भी जरूर बजाऊंगा । अब लाइन क्लियर थी देर करना ठीक नहीं था। मैंने उसे फटा फट ठोकने का मन बना लिया।

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अब मैंने उसकी उसकी पैंटी से पहले उसकी चूत को अच्छी तरह से साफ़ करके गांड के नीचे दो तकिये लगाये। फिर मैं कंडोम लगाने लगा तो राखी बोली इसकी ज़रूरत नहीं है मेरा मासिक निकल चुका है। मैंने झट से कंडोम निकाल फेंका और लंड को उसकी सूखी चूत पर रगड़ने लगा, जिससे वो फिर उछलने लगी। दो मिनट के बाद लंड को चूत में डालने की कोशिश की लेकिन लंड अंदर नहीं गया और स्लिप हो गया। 1-2 बार ऐसा ही हुआ तो वो बोली,”क्रीम लगा लो थोड़ी चिकनी हो जायेगी।”

“चिकनी ही करना है तो क्रीम क्यूँ थूक से काम चल जाएगा।” और मैंने अपने लंड पर थूक लगाया और फिर राखी की चूत पर भी थूक लगा कर लंड अन्दर डालना शुरू किया । इस बार लंड चला गया। लेकिन कुछ भी कहो उसकी चूत थोड़ी तंग थी इसलिए उसे दर्द हो रहा था। पर आप तो जानते ही हैं कि जब चोदने की बारी आती है तो मैं दर्द नहीं देखता मज़ा देखता हूँ और देता हूँ। 5 मिनट तक ऐसे ही चोदने के बाद मैंने उसको अपने ऊपर ले लिया। अब वो मेरे ऊपर थी और मुझे चोद रही थी।

उस समय मेरे दिमाग में एक ही बात चल रही थी जिसे सब बिना कपड़ो के नंगा देखने की कल्पना करते हैं और हाथ से काम चलाते हैं वो लड़की आज मुझे से खुद ही चुद रही है। मैं अपने आप को बहुत खुशनशीब समझ रहा था और समझूं भी क्यूँ ना ?

जब वो मुझे चोद रही थी तो उसकी आँखें बंद थी और स्तन सामने झूल रहे थे मैंने उनको हाथो में लिया और दबाने लगा। अब मैंने उसके एक बोबे को मुंह में ले लिया और रशीले आम की तरह चूसने लगा । उसे भी दो तरफा मज़ा आ रहा था, ये उसकी सिसकियों से मालूम पड़ रहा था।

“आआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्हाआआह म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म ऊऊह्नमा य्य्य्य्य्य्य्ईईएआआआ चोद साले चोद !”

ऐसी फुद्दैड़ औरतों को सीधी चुदाई में कहाँ मज़ा आता है ? इन्हें तो उल्टा करके या घोड़ी बना कर ठोकना चाहिए तभी खुश होती हैं। सो कुछ देर ऐसे ही चुदाई करने के बाद मैंने उसे डॉगी स्टाइल में होने को कहा तो बिना कुछ बोले कुतिया की तरह पैर फैला कर खड़ी हो गई और अपना सिर तकिये के ऊपर रख लिया। वो शायद वो एक बार फिर झड़ गई थी लेकिन मुझे पता नहीं चला।

अब मैंने उसको पीछे से लंड डाल कर चोदना शुरू कर दिया और एक ऊँगली उसकी गांड में डालने की कोशिश करने लगा लेकिन गांड तंग होने की वजह से ऊँगली अंदर नहीं जा रही थी। इसके लिए मैंने एक ऊँगली को लंड के साथ ही चूत में डाल दिया और साथ में चोदने लगा। कुछ देर के बाद ऊँगली निकल कर उसकी गांड में डाल दी इस बार थोड़ी देर में गई लेकिन चली गई।

वो बोली,”अबे … अबे… क्या कर रहा है … उईई … मेरी गांड अभी कोरी है इसमें अंगुली मत डालो बहुत दर्द होता है !”

“अरे बावली दर्द नहीं होता, इसमें तो और भी मज़ा आता है !”

“नहीं मुझे पता है इसमें बहुत दर्द होता है !”

“वैसे जानेमन दर्द तो चूत में भी होता है पहली बार जब वहां लंड चला गया तो यहाँ भी चला जाएगा। अच्छा तुम्हे कैसे मालूम है कि गांड में ज्यादा दर्द होता है ?”

“मुझे श्वेता जैन ने बताया था कि एक प्रोड्यूसर ने जब उसकी गांड मारी थी तो बहुत दर्द हुआ था।”

“वो साला कोई चूतिया होगा ? उसे ढंग से गांड मारना नहीं आता होगा। तुम चिंता मत करो मैं गांड बाज़ी का भी एक्सपर्ट हूँ। बस तुम अपनी गांड को ढीला छोड़ दो फिर देखो तुम तो इस्स्स्स….कर उठोगी मेरी जान !” मैंने उसे समझाया।

और मैंने चूत में से लंड निकाल कर उसकी गांड के छल्ले पर रख दिया। अब मैंने दोनों हाथों से कसकर उसकी कमर पकड़ी और अपने लंड को धीरे से आगे पुश किया । क्या मस्त टाइट गांड थी साली की । पहली बार में केवल टोपा ही अंदर गया और चिल्लाने लगी “उईई … मा…आ … मर गई …. रे …. अबे साले बहनचोद निकाल बाहर … उईई …. भोसड़ी के अबे … दर्द हो रहा है इसे निकालो मेरी गांड फट जायेगी बहुत दर्द हो रहा है….”

मैंने उसकी एक भी नहीं सुनी और थोडी देर रुक गया और बूब्स दबाने लगा और किस्स करने लगा 5 मिनट के बाद जब दर्द कुछ कम हुआ तो धीरे धीरे फिर धक्के मारने लगा। अब मैं 4-5 धक्के आराम से और 1 धक्का जोर से लगा रहा था। इससे मेरा पूरा लंड उसकी गांड में चला गया अब उसे भी मज़ा आ रहा था। वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी गांड हिला हिला कर। 10-15 मिनट गांड मारने के बाद वो बोली “मज़ा आ रहा है और जोर से हाँ… शाबास … वैरी गुड ऐसे ही …. और जोर से हाँ और जोर से…” मैं साथ साथ में उसकी चूत में भी अंगुली कर रहा था। उसने एक जोर की सांस ली और ढीली पड़ गई। मुझे लगा वो फिर झड़ गई । मैंने उसकी गांड से अपना लंड बाहर निकाल लिया और उसे सीधा लेटा दिया। अब मेरा भी टाइम आ गया था उसको सीधा लिटा कर उसके पैर ऊपर हवा में उठा लिए और अपना लंड उसकी चुलबुलाती चूत में एक झटके में फिर से ठोक दिया । और 4-5 कस कर धक्के लगा दिए।

“उईई …. माँ आ …. ?” राखी बडबडा रही थी “ओये भोसड़ी के रुक मत जल्दी जल्दी जल्दी आः छ… ओह …. याया …. ईईईइ स्स्स्स्स …..”

“ले मेरी रांड … और ले … और ले …” और मैंने दना दन शोट लगाने शुरू कर दिए।

कोई 5-6 मिनिट बिना रुके मैं अपने लंड को अन्दर बाहर करता रहा। वो तो बस निढाल सी पड़ी आन उन् करती रह गई। और फिर पिछले आधे घंटे से कुबुलाता हुआ लावा फूट पड़ा और गर्म गाढे वीर्य से उसकी चूत लबालब भर गई। और मैं उसके ऊपर ही पसर गया। उसने मुझे कस कर अपनी बाहों में भर लिया ।

अब तक डेढ़ पोने दो घंटे तो हो ही गए थे । मैं तो उसे एक बार और ठोकना चाहता था पर वो साला राम कपूर बाहर हमारा इंतजार कर रहा था बाहर जाना जरुरी था। मैं बाथ रूम में फ्रेश होने चला गया और जब आकर देखा तो वो अब भी नंगी ही पेट के बल सो रही थी शायद गांड ज्यादा दर्द कर रही होगी ।

मैंने चुपके से अपना मोबाइल निकला और उसके कुछ फोटो खींच लिए । उसे कहाँ पता चलता । अब मैंने उसे उठाया और कपडे पहनने को कहा तो उसने मुझे फिर बाहों में भर लिया और एक किस करते हुए बोली “थैंक यू अरमान मज़ा आ गया यार मैं ऐसा ही पति चाहती हूँ “

मैंने भी उसे थैंक्स कहा और बोला “मैं भी तुम्हारी जैसे ही पत्नी चाहता हूँ “

“तुम भी एक्टिंग अच्छी कर लेते हो ?” वो हंसते हुए बोली

हम कपडे पहन कर बाहर आ गए। वो साला राम कपूर तो हमारा बेशब्री से इंतज़ार कर रहा था और हमारे चहरे को इस तरह देख रहा था जैसे उस पर चुदाई की कोई फिल्म ही चल रही है ? चूतिया साला ?

मैंने राम कपूर से कहा क्या हमें 15 मिनट और मिल सकते हैं ? तो वो बोला ठीक है।

मैंने राखी को कमरे में बुलाया और कहा राखी “एक बात तो तय है तुम मुझ से शादी नहीं करोगी और ना ही मैं ?”

उसने प्रश्नवाचक निगाहों से मुझे देखा

“तो तुमने किसे शादी के लिए चुना है ?”

“अरमान ये बात सही है मैं तुम से शादी नहीं कर सकती हाँ मेरी नज़र में तुम्हारे अलावा दो लड़के है जो मेरे लिए ठीक है … एक तो एलिश है ही और दूसरा है मानश”

“राखी मेरे हिसाब से एलिश ठीक है जैसे तुम चाहती हो वो वैसा ही है तुम उसके साथ खुश रहोगी आगे तुम्हारी मर्ज़ी ?”

“लेकिन मानश का क्या करुँ ?”

“क्यों ?”

“यार मैं डिसाइड नहीं कर पा रही हूँ ?”

“खुल कर बताओ ना ?”

“दर असल एलिश मालदार फुद्दू है और मानश बहुत खूबसूरत है और उसका लंड बड़ा शानदार है पूरा 8 इंच का है … हाई…. क्या मस्त लौंडा है ?”

“तो फिर एक काम करो ?”

“क्या ?”

“मानश के साथ भी एक बार चुदाई करवा लो वो भी खुश हो जाएगा और तुम भी ?”

“हाँ ये ठीक है”

उसके बाद मैं अपने रूम में आ गया और राखी किसी और लौंडे के साथ कमरे में चली गई।

“सच में उस दिन ऐसा लग रहा था राखी कोई रंडी है और बारी बारी से सब को खुश करने जा रही है। और ऐसा हो भी क्यों नहीं … इस बालीवुड में में सब चलता है यार”

“बस मेरी गीता रानी इतनी सी बात थी ” मैंने गीता का चुम्मा लेते हुए कहा

“तुम तो बड़े चुद्दकड़ निकले मैंने तो ऐसा सोचा भी नहीं था ?” गीता बोली “क्या बाद में कभी उस से बात नहीं हुई ?”

“अरे उसका तो रोज़ फ़ोन आता है ?”

“क्या मतलब ?”

इतने में मोबाइल बज उठा । मैंने नंबर देख कर गीता से कहा “लो फिर आ गया ।”

“हाँ जान बोलो ?”

“कहां हो ?”

“बस समझ लो तुम्हारे पास ही हूँ बोलो ?”

“आ जाओ ना ?”

“ओह हाँ अभी आ जाता हूँ “

“प्लीज गीता आज तो तुम आराम करोगी मैं तो सूखा ही रह जाऊँगा” मैंने गीता से कहा

“तो ?”

“प्लीज अगर तुम कहो तो मैं भी गीला हो आऊं ?”

“ओह… तो ये बात है ?” गीता हंसने लगी और फिर बोली “पर मुझे पूरी बात विस्तार से बताना आकर ?”

“हाँ हाँ पक्का ” मैंने उसे किस किया और जल्दी से राखी के बताये होटल की ओर चल पड़ा क्यों कि आज मुझे कई शिफ्टों में काम जो करना था। ओह नहीं समझे ? अरे भाई मुझे उसकी चूत के साथ साथ आज उसकी दो बार गांड भी तो मारनी थी ना कस कस कर ?

=== Editor: Sunita Prusty

Publisher: Bhauja.com

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