नौकरानी के बाद उसकी जवानी लड़की के साथ खूब चुदाई – Naukrani Ke Baad Uski Jabani Ladki Ke Saath Khub Chudai

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आज की कहानी एक लड़का और उसकी फ्लैट की नौकरानी और उसकी लड़की की गन्दी चुदाई कहानी | पैसा की कमल कभी कभी जवानी छूट भी दिलवादेति हे वो तो सब को पता हे, पैसा की पीछे हर कोई पागल दीवाना हो जाता हे लेकिन कहानी में नौकरानी ने पैसा के लिए अपनी जवानी लड़की को साहब के साथ सोने को भेज दिया … तो मजा लीजिये इसी गन्दी कहानी की आपकी भाउज.कम पर

मीना को मेरे रूम पे काम करते हुए अब तो डेढ़ साल हो गया हैं. 36 साल की मीना अपनी झांटो वाली चूत से मुझे अब तक खूब मजा करा चुकी हैं. उसकी झांटो वाली चूत मैंने और मेरे फ्लेट में रहते दुसरे लडको ने अब तक तो अगिणित बार बजाई हैं. वो हमारे फ्लेट में काम करने से ज्यादा चुदवाने के लिए आती हैं. उसका पति धोलिराम एक नंबर का अय्याश हैं और उसने अपनी बीवी को जवानी से ही कामवाली बना के रखा हुआ हैं. मीना पिछले महीने अपनी बेटी करिश्मा को ले के आई थी घर का काम करने के लिए. यकीन माने मेरे दिल में करिश्मा को उसी वक्त चोद देने का ख्याल आया था. उसकी नई नई उभरी हुई छाती और वो छोटी गांड देख के मेरा लौड़ा उसी वक्त डोलने लगा था. मैंने मीना से एक बार चुदाई करते करते करिश्मा को चोदने की इच्छा जाहिर की.

मीना पहले तो नहीं मानी लेकिन मैंने जब उसे 2000 रूपये देने को कहा तो वो करिश्मा को यहाँ ख़ास मेरे लिए ले के आने के लिए तैयार हो गई. करिश्मा को चोदने के
ख्याल से ही उस दिन मीना की झांटो वाली चूत की भी जम के चुदाई हो गई. मीना ने मुझे बताया की वो जब रूम में कोई और नहीं होंगा तब उसकी बेटी को ले के आएँगी और तभी मुझे चांस ले लेना हैं. अगले हफ्ते ही होली थी और मेरे सभी रूम मेट्स छुट्टियों के लिए अपने अपने घर चले गए. मैंने जर्नल लिखने का बहाना बनाया और मैंने पीछे रुक गया. वादे के मुताबिक़ मीना अपनी बेटी को ले के आई. मैंने मीना को इशारा कर के उसे बाथरूम में लगा दिया. करिश्मा किचन में खड़ी हुई सिंक में बर्तन धो रही थी. मैंने उसके पास जा के उस से थोड़ी इधर उधर की बातें की. इस से पहले भी मेरी उसके साथ थोड़ी बहुत बात हो चुकी थी इसलिए वो मुझे जानती थी. फिर मैंने हाथ धोने के बहाने उसकी गांड के ऊपर अपने लंड को घिस दिया. वो कुछ बोली नहीं लेकिन पलट के मेरी और देखने लगी. मैंने हंस के उसे देखा. वो भी रुक नहीं पाई और उसकी भी हंसी निकल पड़ी. मैंने फिर से अपने आगे के भाग को उसकी गांड के ऊपर टच किया. वो मुड के बाथरूम की और देखने लगी. उसे शायद मीना का डर था. मैंने उसे चुप रहने का इशारा किया और मीना को आवाज लगाई. मीना के आते ही मैंने उसे बाजार से सब्जी लाने को कह दिया. मीना समझ गई की उसकी बेटी की झांटो वाली चूत के चुदने का समय आ गया हैं. वो चुपचाप वहाँ से निकल गई. मीना के जाते ही मैंने करिश्मा की काली स्कर्ट को ऊपर उठा लिया. वाऊ उसकी छोटी छोटी 18 साल की गांड के ऊपर वो कोटन के पेंटी बड़ी मस्त लग रही थी. मैंने उसकी गांड को अपने हाथ से फाड़ा और चूत के ऊपर हाथ रख दिया. जैसा मुझे अंदेशा था; मीना की तरह करिश्मा की चूत भी तक झांटो वाली चूत ही थी. वैसे भी मुझे झांटो वाली चूत में लंड डालना बहुत पसंद हैं, इसलिए मैंने मीना को चूत के बाल निकालने के लिए मना ही करता था. करिश्मा की झांटो वाली चूत के ऊपर उंगलियाँ फेरते ही उसे भी गुदगुदी होने लगी और वो ही ही करने लगी. मैंने अपनी ट्रेक पेंट के नाड़े को खोला और उसमे से अपने काले नाग जैसे लौड़े को बहार निकाला. करिश्मा मेरे लंड को देख के जैसे की पगला सी गई. शायद अभी तक उसने सिर्फ लंड के किस्से सुने थे और आज पहली बार लंड उसके सामने आया था. उसने मेरे लौड़े को अपने हाथ में पकड़ा और उसे दबाने लगी. लेकिन लौड़ा इतना सख्त था की उस से दबाया नहीं जा रहा था. करिश्मा को मैंने उठा के किचन के प्लेटफोर्म के ऊपर बिठा दिया. उसकी टाँगे खोल के मैंने हलके से उसकी पेंटी उतार डाली.

उसकी झांटो वाली चूत को एक नजर निहारा और फिर मैंने अपने घुटनों के बल बैठ गया. मैंने हलके से अपनी जीभ से करिश्मा की जांघो को चाटना चालू कर दिया. उसे और भी गुदगुदी होने लगी और वो फिर से ही ही करने लगी. साथ ही में वो मेरे माथे को पकड़ के अपनी जांघो से दूर करने का प्रयास करने लगी. लेकिन मैंने अब और भी जोर से उसकी जांघो को चाटना चालू कर दिया. मैंने अपनी जबान उसकी जांघो के ऊपर पूरी के पूरी निकाल के चाट रहा था. करिश्मा को मैंने उसका टी-शर्ट मोड़ के उसके हाथो में थमा दिया ताकि उसके हाथ व्यस्त हो जाएँ. करिश्मा ही ही करती रही और उसे पता भी नहीं चला की कब मैंने उसकी पेंटी उतार के फेंक दी थी. उसकी टाईट झांटो वाली चूत से अब पानी की बूंद निकल चुकी थी जो उसकी चूत के होंठो के ऊपर शबनम की तरह चमक रही थी. मैंने अपने हाथ से उसकी चूत से उस बूंद को उठाया और अपनी जीभ के ऊपर रख दिया. वाह खारा खारा चूत का पानी बड़ा ही मजेदार था. करिश्मा हंस के मुझे अजीब तरीके से देख रही थी. शायद यह देसी सेक्स स्टाइल उसने आजतक देखी और सुनी नहीं थी. उसकी झांटो वाली चूत को मैंने अब दो ऊँगली से खोला और अंदर की लालिमा देख के मेरा मन अब रुक नहीं रहा था. दिल का एक एक कोना कह रहा था की बबलू चाट ले इस कुंवारी चूत को क्या पता कल यह कुंवारी चूत हो ना हो.

 

मैंने अपने जबान को चूत के ऊपर जैसे ही छुआ करिश्मा के मुहं से आह निकल पड़ी. अरे चूत के ऊपर जबान के स्पर्श के करंट लग रहा था जैसे उसे. उसने मेरे माथे को पकड़ के अपनी झांटो वाली चूत से दूर करना चाहा लेकिन मैंने उसकी एक नहीं चलने दी. मेरी जबान से मैं उसकी पेशाब की सुगंध वाली चूत को चाटने लगा. वाऊ क्या मजेदार खारा खारा स्वाद भरा हुआ था उसकी चूत के अंदर….! अब मेरे से जरा भी रुका नहीं जा रहा था, और मैंने अपनी जबान अंदर डाल ही दी। करिश्मा की झांटो वाली चूत के अंदर जबान डालते ही उसके मोर उड़ गए. उसने अपने मुहं से एक जोर की आह निकाली और मेरे माथे को पकड़ के अपनी चूत के ऊपर खिंच लिया. मैंने उसकी सेक्सी खारी चूत का पानी अपनी जबान के उपर महसूस किया और मेरे रौंकटे खड़े होने लगे. मैंने अपने लौड़े को हाथ में लिया और मैं करिश्मा की झांटो वाली चूत चाटने के साथ साथ उसका भी मर्दन करने लगा. करिश्मा की चूत के दाने के उपर जैसे ही मेरी जबान छू जाती वो जैसे की उछल सी जाती थी. मैंने उसे कस के पकड लिया उसकी जांघ के पास से ताकि वो हिल ना सके जरा भी. फिर मैंने अपनी जबान को चूत के छेद के अंदर डाला और चूत की दीवारों को मैंने अपनी जबान से सहलाया. वाऊ करिश्मा की हालत ख़राब होती जा रही थी. उसने मेरे मस्तक को पकड़ के अपनी गांड हिला के चूत को जैसे की मेरी जबान के ऊपर घिस दिया. चुसाई का नशा होता ही हैं ऐसा की अच्छी अच्छी शरीफ लड़कियां भी अपनी चूत का भोसड़ा बनवा लेती हैं; फिर यह तो अभी अभी जवान हुई कच्ची कली थी जिसे मुझे फुल बनाना था. करिश्मा की टाँगे पकड़ के मैंने अपने कंधो के ऊपर रख दी और उसे जोर से चाटने लगा. मेरा लंड फुंकार दे रहा था की अब हमें भी कुछ मजे करवाओ. मैंने प्लेटफोर्म के उपर ही जगह बनाई और मैं भी ऊपर आ गया.
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धन्यवाद हो हमारे मकानमालिक का जिसने इतना बड़ा प्लेटफोर्म बनवाया हुआ था. अब मैंने करिश्मा के साथ 69 की पोजीशन बना ली. पहले तो वो मेरा लंड अपने मुहं में लेने में कतरा रही थी. लेकिन फिर वो धीमे धीमे मेरे सुपाड़े को चाटने लगी. उसकी जबान जब मेरे सुपाड़े को टच होती थी तब मेरे बदन में जैसे की बिजली के झटके लगते थे. मैंने अपनी जबान उसकी झांटो वाली चूत में डाला और अब की मैं अपनी ऊँगली भी उसके पास ले आया. मैंने अपनी जबान के साथ साथ अब अपनी ऊँगली भी इस झांटो वाली चूत के अंदर डाल दी. करिश्मा की हालत ख़राब हो रही थी और वो जोर जोर से चीख रही थी, “साब बहुत मजा आ रहा हैं.
ओ साब धीरे से करो आह आह आह आह आह ओह ओह ओह साब्ब्बब्ब्ब्बब्ब्ब…..आआअह्ह्ह्ह….मजाआआआ आआ रह़ा हैं….!” मुझे लगा की यही मौका हैं लौड़े का लोहा मारने का. मैंने अपना लौड़ा करिश्मा के मुहं से निकाला. करिश्मा भी समझ गई की फाइनल राउंड का वक्त आ गया हैं. मैंने वही पड़ी एक बोतल से थोडा तेल लिया और अपने लंड के सुपाड़े के ऊपर लगा दिया. करिश्मा अपनी कमर दीवार से सटा के बैठी हुई थी. मैंने अपने लंड को हाथ में लिया और करिश्मा के हाथ में थमा दिया. करिश्मा समझ गई की उसे क्या करना हैं. उसने मेरे लौड़े को पकड़ के अपनी झांटो वाली चूत के छेद के पास लगा दिया. मैंने जैसे ही उसकी छेद की तरफ लौड़े को बढाया मेरे लौड़े के उपर उसकी गर्म गर्म चूत का अहसास होने लगा. करिश्मा को दर्द हुआ और उसने मेरे पेट के ऊपर हाथ दे के मुझे पीछे झटका देने की कोशिश की. लेकिन मैंने उसी वक्त एक जोर का झटका दे दिया. “उईईईईई माँ मर गई रे. ओ बाप्पप्प रे आह आह साब्ब निकाल लो वापस इसे आह आआआआआआअह…!” वो तो रोने ही लगी. लेकिन मैंने उसके होंठो से अपने होंठ लगा दिए और उसकी आवाज को दबा दिया. वो फिर भी चीख रही थी लेकिन आवाज मेरे मुहं में ही मर जा रही थी. करिश्मा अब मुझ से लिपट गई और उसकी चुंचिया मेरे सिने के ऊपर लग गई. मैंने उसके होंठो को छोड़ा और मेरा मुहं अब उसकी जवान छोटी चुंचियो के ऊपर आ गई.
उसकी झांटो वाली चूत को चोदते चोदते मैंने उसकी चुंचिया मुहं में ले ली. मैं उसके निपल्स को चूस रहा था और उन्हें दांतों के निचे ले के चबाने लगा. एक मिनिट हलके हलके करिश्मा की झांटो वाली चूत में लौड़ा अंदर बहार किया और उसका दर्द कम हो गया. मैंने उसकी चुंचिया मसली और लौड़े को अब थोड़े जोर से उसकी चूत के अंदर बहार करने लगा. करिश्मा का दर्द पहले मीठा दर्द बना और उसके बाद तो उसके मेरे लौड़े से मजा आने लगा. वो भी अपनी गांड हिला रही थी अब तो. मैंने उसके कान में हलके से पूछा, “तुम कहो तो मैं तुम्हारी चूत को जोर से चोद दूँ…!” करिश्मा कुछ बोली नहीं लेकिन उसके होंठो के ऊपर एक मुस्कान आ गई.

 

मैं समझ गया की यह लड़की अपनी झांटो वाली चूत मेरे लौड़े से क्रश करवाने के लिए रेडी ही हैं. मैंने अपने लौड़े को अब झडप से उसकी झांटो वाली चूत के अंदर बहार करना चालू कर दिया. मेरे लौड़े के साइड और सुपाड़े के उपर उसकी झांटे लग रही थी. जैसे की पेंटिंग का ब्रश मेरे लौड़े पे घिसा जा रहा था. मैंने करिश्मा की चूत को और भी जोर जोर से लेना चालू कर दिया. वो भी अपनी गांड को हिला के मेरे लौड़े को अपनी चूत के अंदर तक लेने के लिए बेताबी दिखाने लगी. आह आह आह ओह ओह की आवाजें हम दोनों के मुहं से निकलने लगी. मेरे कपाल से पसीना निकलने लगा और वो करिश्मा की चुंचियो के ऊपर गिर रहा था. करिश्मा की चुंचियो के ऊपर पहले से जो पसीना था उसके साथ वो मिक्स हो रहा था. मैंने अपनी जबान से हम दोनों के पसीने की चाट लिया. अब मेरी चुदाई एक्सप्रेस और भी तेज हो गई और करिश्मा की चीखें भी. तभी मेरे लौड़े ने मलाई निकाला. ढेर सारा वीर्य निकल के करिश्मा की चूत में भर गया. मैंने अपना लंड उसकी झांटो वाली चूत से निकाला. करिश्मा भी खड़ी हुई और अपने कपडे सही कर के बर्तन धोने लगी. मैंने अपनी पेंट की जेब से उसे 300 रूपये निकाल के उसकी चुदाई का इनाम दे दिया. जैसे ही मैं कमरे से बहार आया मैंने मीना को दरवाजे के पास खड़े देखा. शायद वो छिप के दरवाजे के छेद से अपनी बिटिया की चुदाई देख रही थी. उसे भी मुझे 2000 रूपये देने थे; क्यूंकि वही अपनी बिटिया को ले के आई थी मेरे फ्लेट में. मैंने उसे उसी शाम को पैसे दे दिए और साथ में उसे यह भी वादा किया की एक बार मैं उन दोनों को एक साथ चोदुंगा।

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