Hindi Sex Story

Hasabed Badal Kar Chudai (हसबैंड बदल कर चुदाई)

शिवानी ने शराब का दूसरा पैग लिया और बोली पहली बार हमने अपनी सहेली प्रीती के साथ हसबैंड बदल कर चुदाई का मज़ा लिया था हम दोनों कपल को इतना मज़ा आया था की हमने फ़िर मुड कर नही देखा एक के बाद एक कपल के साथ चुदाई के कदम बढ़ते गए और आज आलम यह है की हमने गोवा में ही एक होटल स्वैप खोल दिया है जिसके अन्दर जगह जगह बीवियों की अदला बदली को दर्शाने वाले कई स्लोगन लगा दिए है जैसे कि मैं तेरी बीवी चोदूं तुम मेरी बीवी चोदो / मेरा पति तुमको चोदे तेरा पति मुझको चोदे / मेरी बीवी तेरा लंड तेरी बीवी मेरा लंड / मेरा मियां तेरी चूत तेरा मियां मेरी चूत / मैं तेरे मियां का पकडूँ लंड तुम मेरे मियां का पकडो लंड / तुम मेरे हबी से चुदाओ मैं तेरे हबी से चुदाऊँ/ तुम उसकी बीवी चोदो वो तेरी बीवी चोदे / मेरा शौहर सबकी चूत सबके शौहर मेरी चूत / मेरा लंड सबकी बीवी सबके लंड मेरी बीवी / मेरी चूंची सबके शौहर सबकी चूंची मेरा शौहर /मेरा लंड उसकी बीवी उसका लंड मेरी बीवी/ मैं सबकी बीवी चोदूं सब मेरी बीवी चोदें/ मेरा पति सबको चोदे सबके पति मुझको चोदें
मैंने पूंछा शिवानी आपने पहली बार स्वैपिंग कैसे की थी और किसके साथ ? उसने जबाब दिया अपनी सहेली प्रीती और उसके हसबैंड के साथ यह कोई ७/८ साल पुरानी बात है एक दिन दोपहर के समय मैं प्रीती के घर गयी और जैसे ही घंटी बजाई वह आ गयी उसने अपनी चूंचियों तक तौलिया लपेट रखा था मैं समझी की वह बाथरूम से आ रही है मुझे देख कर वह बहुत खुश हो गयी बोली अरी शिवानी जल्दी से अन्दर आ उसने दरवाजा बंद कर लिया बोली चल तुम्हे आज एक चीज दिखाती हूँ वह मुझे अपने बेड रूम में ले गयी मैंने देखा की एक आदमी उसके बेड पर करवट लेकर लेटा है शिवानी ने झट से उसके ऊपर की चादर हटाती हुई बोली देखो यह चीज मैंने तो सकपका गयी और कहा अरे ये तो एकदम नंगा आदमी है और इसका लौडा भी खड़ा है बिना झांट का लंड बड़ा प्यारा लगरहा था मैंने पीछे मुड कर देखा तो प्रीती भी नंगी खड़ी थी मैंने कहा ये तो तुम्हारा हसबैंड नही है उसने कहा यह मेरी सहेली अपर्णा का हसबैंड है अरविन्द मेरा हसबैंड अपर्णा ले गयी है हम दोनों ने तीन दिन के लिए अपने अपने हसबैंड सिर्फ़ चुदवाने के लिए बदल लिए है यार अपर्णा बड़ी बे शर्म है आते ही नास्ता करने के बाद बोली प्रीती मैं तुम्हारे मियां को तीन दिन के लिए ले जारही हूँ मैंने कहा क्यो तो बोली चुदवाने के लिए और क्या मैं अपना हबी तुम्हारे पास छोड़ रही हूँ चुदवाने के लिए इनका लौडा बड़ा मस्त है बस चली गयी अच्छा शिवानी इसका लंड पकड़ कर देखो तो सही मैंने कहा पहले नंगी तो हो जाऊँ तुम्हारी तरह फ़िर मैंने नंगे नंगे उसका लंड पकड़ा साला पकड़ते ही और तन गया प्रीती बोली यार चूस कर देखो बड़ा स्वादिस्ट है मैंने मुह खोला और लंड को भर लिया ४/५ बार सुपाडे पर जबान फिराई तो उसने मुझे बेड पर घसीट लिया और मेरी कमर में दोनों हाथ डालकर चिपका लिया मेरा हाथ लौडे पर ही था प्रीती भी कूद गयी मैं लंड चूसने लगी वह पेल्हड़ सहलाने लगी बोली अरविन्द यह मेरी पक्की सहेली है ज़रा जम कर चोदना लौडा हिलाते हुए
मैंने कहा :- दरअसल प्रीती मैं तो तुम्हे आज मनाने आई थी वो क्या है की मेरे हसबैंड का दिल तुम पर आ गया है वह तुम्हे चोदना चाहता है मैं तुमको उससे चुदवाने के लिए मनाने वाली थी की यह मजेदार सीन सामने आ गया
प्रीती :- हां मैं तो चुदवाने के लिए तैयार हूँ लेकिन क्या तुम राजी हो ?
मैंने कहा :- यार मेरा भी दिल तुम्हारे हसबैंड पर आ गया है मैं उससे चुदवाना चाहती हूँ
प्रीती:- तब तो बहुत अच्छा है बीवियों को अदल बदल कर चोदना इन मर्दों को बहुत अच्छा लगता है मैं बिल्कुल तैयार हूँ
मैंने कहा :- तो मैं अपने हसबैंड को बुलवा लूँ ?
प्रीती :-अब लंड तुम्हारे हाथ में है तो एक बार चुदवा लो फ़िर बुलाओ तब तक मैं झांटे बना लेती हूँ फ़िर तुम्हारे मियां से प्रेम से चुदाऊंगी तुम तो बना कर आई हो
मैंने कहा :- हां मैं तो बना कर आयी हूँ लेकिन अरविन्द की झांट इतनी साफ है की लगता है इसकी झांटे उगी ही नही
प्रीती :- इसकी तो मैंने ही सुबह बनाई थी
इतना कह कर उसने अरविन्द का लौडा मेरी चूत में पेल दिया मैं दोनों टांगे उठाकर चुदवाने का मज़ा लेने लगी मोटा लंड मेरी चूत को भरपूर मज़ा दे रहा था मैंने कई तरह से चुदवाया आखिर में मैं जब लंड चूस रही थी तो प्रीती मेरी चूत चाट रही थी मैंने लंड अपने मुह में झडवा लिया और मजे से चाटा
मैंने कहा:- प्रीती आज मुझे चुदवाने का ज्यादा मजा आया
प्रीती :- पराये मर्द के लंड में ज्यादा मज़ा होता ही है जैसे परायी चूत में होता है
मैंने कहा :- हां यार सच है क्योंकि आज पहली बार मैंने अपने पति के अलावा किसी पर पुरूष से चुदवाया है
प्रीती :- चिंता मत करो अब तुम्हे पर पुरूष मिलते ही रहेगें और तुम्हारे पति को पर इस्त्री बस इसी का मज़ा ज़िन्दगी भर लेती रहना अब तुम अपने हसबैंड को बुला लो तो रात भर मज़ा लूटा जाए
मैंने उन्हें फ़ोन किया :- सुनिए आपका काम हो गया मेरी सहेली प्रीती तुमसे चुदवाने के लिए तैयार हो गयी अब तुम ऑफिस से सीधे इसी के घर पर आ जाना मैं यहीं पर हूँ
शाम को ८ बजे से कार्य क्रम शुरू हुआ तब तक एक दूसरे से परिचय हो गया था मेरे पति शिवा बहुत खुश थे सबने व्हिस्की का गिलास थामा हुआ था दौर चलने लगा इधर उधर की बातों में एक पैग ख़तम हो गया दूसरा शुरू हुआ तो प्रीती शिवा के नजदीक आ गयी और उसका चुम्मन ले लिया शिवा ने भी उसको चूमा इधर मैं अरविन्द के पास बैठ गयी देखते ही देखते प्रीती ने अपनी दोनों चूंचियां खोल दी शिवा चूंची दबाने लगा इधर मेरी चूंचियों की घुन्डियाँ खड़ी हो गयी थी मैंने उन्हें खोला और अरविन्द का हाथ पकड़ कर अपनी चूंचियों पर रख दिया चूंचियां मसलवाना मुझे बड़ा अच्छा लगरहा था तब तक हम चारों ने दूसरा पैग भी ख़तम कर दिया तीसरे की चुस्की लेते ही प्रीती बिल्कुल नंगी हो गयी उसको देखकर मैं भी नंगी हो गयी प्रीती ने आधा गिलास खाली किया और शिवा को एकदम नंगा कर डाला उसके लंड को कई बार चूमा सुपाडा चूमा पेल्हड़ चूमा जबान बाहर निकाल कर लंड चाटने लगी लौडा सनसना कर सांप के फन की तरह खड़ा हो गया मैं भी पीछे नही थी मैंने अरविन्द का लौडा चाटना शुरू किया
अचानक प्रीती बोली :- यार शिवानी तेरे हसबैंड का लौडा तो सबसे ज्यादा लंबा चौडा है ये तो बिल्कुल शंकर भगवान का शिवलिंग लगता है आज तो मेरी चूत जरूर फट जायेगी
मैंने कहा:- फट तो मेरी भी जायेगी क्योंकि अरविन्द का लंड कुछ कम नही है इस समय ज्यादा फुफकार मार रहा है
प्रीती :- देखो लंड एक दूसरे को देखकर ज्यादा फुफकारने लगते है
ऐसा कह कर प्रीती ने मेरे पति का लंड मुह में लिया और चूसने लगी मैं अरविन्द का लंड चूसने लगी आज पहला दिन है जब की मैं अपने पति के सामने पराये पति का लंड चूस रही हूँ मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है शिवा बोला मैं भी आज पहली बार अपनी बीवी के सामने परायी बीवी से लंड चुसवा रहा हूँ मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है
मेरा पति प्रीती की चूंची पर चढ़ बैठा और दोनों चूंची के बीच लंड डाल कर चोदने लगा इधर मैं भी चूंचियां चुदवाने लगी सीन बड़ा सेक्सी हो गया अब शिवा से न रहा गया उसने प्रीती की टाँगें पकडी और लौडा दोनों के बीच चूत के मुह पर लगाया एक धक्का मारा लंड सैट से अन्दर घुस गया प्रीती चिल्ला पड़ी अरे धीरे घुसेडो मेरी चूत भाग नही जायेगी तेरा लौडा साला हाथी का लौडा है भोसड़ी के मैं भी अरविन्द से चुदवाने लगी इसबार ज्यादा मज़ा आ रहा था क्योंकि मैं अपने पति को अपनी सहेली को चोदते हुए देख रही थी मन ही मन बड़ी खुश हुई की अब पराये पतियों से चुदवाने का सिलसिला चल पड़ा वह डर संकोच झिझक सब हवा हो गयी मैंने चिल्ला कर कहा अबे बहन के लौडे मादर चोद अरविन्द तू जैसे प्रीती को चोद रहा था वैसे चोद जैसे दूसरों की बीवियां चोदता है वैसे चोद प्रीती बोली शिवा पूरा पेल दे अब क्या चूत एकदम तैयार हो गयी है चोद ले भोसडिवाले आज तेरे लिए नयी चूत है और मेरे लिए नया लौडा चुदाई देखकर चुदवाने का मज़ा कुछ और ही होता है इतने में वे दोनों झड़ गए प्रीती ने मेरे पति का झड़ता हुआ लंड खूब चूसा मैंने भी अरविन्द का लौडा चूस चूस कर साफ कर दिया रात में फ़िर एक और चुदाई का दौर चला और दूसरे दिन सवेरे भी
करीब एक महीने के अन्दर मुझे दो कपल इन्टरनेट के ज़रिये ऐसे मिल गए जो की स्वैपिंग के लिए तैयार थे एक था पल्लवी और परिमल दूसरा रेहाना और रहमत हमने दोनों को एक शनिवार को अपने घर बुलाया शाम को ८ बजे से प्रोग्राम शुरू हो गया थोड़ा शराब पीना तो जरूरी था पीते पीते मैंने पूंछा आप लोगो को स्वैपिंग में कोई संकोच तो नही है क्या आपका यह पहला अनुभव होने जा रहा है या आप पहले कर चुके है सबने कहा हमें अनुभव है तब मैंने सबसे अपना अपना अनुभव बताने का प्रस्ताव रखा सबसे पहले मैंने अपना अनुभव बताया सबने बड़े मन से सुना फिर
पल्लवी बोली :- हम लोग दो बार अदला बदली का खेल कर चुके है पहला मुंबई में और दूसरा दिल्ली में मुंबई में मिस्टर नायक व उनकी बीवी लतिका से नायक एक सुंदर नौजवान लड़का था उसका कड़क लंड ८” का था मुझे चुदवाने में बड़ा मज़ा आया उसदिन पहली बार मैंने पराये मर्द के लंड का मज़ा लिया वह भी अपने हसबैंड के सामने परिमल ने बताया की उसकी बीवी लतिका लंड चूसने में बड़ी मस्त है चूत तो वह चूतड उछाल उछाल कर चुदवाती है पहली बार मैंने अपनी बीवी के सामने दूसरे की बीवी को चोदने का मज़ा लिया
रेहाना:- मैंने कई अनुभव किए है पहला सुनाती हूँ मेरी ममेरी बहन ने कहा दीदी जीजा का लंड दिखाओ न मैंने कहा मैं तो दिखा दूंगी पर तुम भी तो अपने शौहर को बुला लो मैं उसका लंड देखूंगी बस फिर हम चारो इकठ्ठा हुए और एक दूसरे के शौहर का लंड पकड़ा और जम कर चुदवाया इसके बाद तो मैंने कई कपल के साथ अदला बदली की
इतनी अश्लील बातें सुन सुनकर हम सभी उत्तेजित हो गए और अपने कपड़े खोलने लगे मैं परिमल के पास गयी उसने मेरी चूंची पकड़ ली और मैंने उसका लंड , रहमत ने पल्लवी को खींच कर चिपटा लिया पल्लवी का हाथ अपने आप उसके लंड पर चला गया और रेहाना मेरे हसबैंड से लिपट गयी उसकी बड़ी बड़ी चूंचियां शिवा मसलने लगा रेहाना उसके लंड को देखकर बहुत खुश हुई अब हम तीनो बीवियां घुटनों के बल बैठ कर एक दूसरे के हसबैंड का लंड चूसने लगीं मैं लंड तो परिमल का चूस रही थी लेकिन मेरी तिरछी निगाह रहमत के लंड पर थी उसका लंड मुझे बड़ा प्यारा लग रहा था उसी तरह पल्लवी की आँखे मेरे हसबैंड के लंड पर थी जब की वह रहमत का चूस रही थी फ़िर मैं नीचे बैठ गयी टाँगें फैलाकर परिमल ने अपनी दोनों टाँगें मेरे कमर में डाल दी जिससे उसका लंड मेरी दोनों चूंचियों के बीच में आ गया मैं कभी लंड को दोनों हाथों से पकड़ती कभी दोनों चूंचियों से ,बीच बीच में सुपाड़े को चाटती भी जाती सच बड़ा मज़ा आ रहा था मुझे देखकर उन दोनों ने भी ऐसा ही किया इसके बाद हम दोनों ने सिक्सटी नायिन की स्थिति बनाई परिमल नीचे लेता मैं उसके ऊपर उल्टा लेती मेरी चूत उसके मुह में उसका लंड मेरे मुह में हम दोनों चूमकर चाट कर चूसकर मज़ा लेने लगे अचानक मेरा दूसरा हाथ रहमत के पेल्हड़ पर चला गया जिसे मैं सहलाने लगी उधर पल्लवी मेरे हसबैंड के पेल्हड़ सहलाने लगी फ़िर मैं सीधी हो गयी और उसके लंड बैठ कर चुदवाने लगी हम तीनो पत्नियाँ एक दूसरे के पतियों से चुदवाने का मज़ा लेने लगीं तीनो ने झड़ते हुए लंड का भी रसास्वादन किया इसके बाद डिनर वगैरह करने के बाद फ़िर हम तीनो चुदवाने के लिए फ़िर तैयार हो गयीं इस बार मैंने रहमत का लंड पकड़ा रेहाना ने परिमल का लंड और पल्लवी ने मेरे मियां शिवा का लंड एक दूसरे को देख देख कर चुदवाने का मज़ा दूना तिगुना हो गया इतने में
रहमत बोला:- परिमल यार, तुमको मेरी बीवी को चोदने में कैसा लग रहा है ?
परिमल :- अरे तेरी बीवी तो लंड चूसने में बड़ी तेज है इनको चोदने का असली मज़ा मेरा लौडा ले रहा है अच्छा शिवा तुम बताओ की मेरी बीवी के साथ तुम्हे मज़ा आ रहा है?
शिवा:- अरे यार तुम्हारी बीवी के हाथों का मेरे लौडे ने खूब मज़ा टूटा अब वह उसकी चूत का मजा ले रहा है अरे हां रहमत भाई तुम बोलो मेरी बीवी मजेदार है की नही?
रहमत :- यार सच बताऊँ , मुझे आज पहली बार किसी की एक खूबसूरत सेक्सी और अनुभवी बीवी को चोदने का मौका मिला है इतना मज़ा तो पहले कभी नही आया
हम तीनो बीवियां यह सब सुन सुन कर खुश हो रही थी इतने में
रेहाना बोली :- अरे इतने लंबे चौडे लंड भी तो हमको पहली बार ही मिले है
पल्लवी :- पराये मर्दों के लंड में इतना मज़ा छिपा है मुझे अब पता चला है
मैंने कहा :- यार अब हम सब लोग मिलकर नए नए कपल का इंतजाम करते जायें और चुदवाते जायें
एक अत्यन्त गोपनीय हॉल में एक दूसरे की बीवियों को आमने सामने चोदने वाले चुने हुए १० जोड़े बिल्कुल नंगे नंगे एक दूसरे के सामने बैठे है इनकी बीवियों की बड़ी बड़ी चूंचियां और मर्दों के बड़े बड़े लंड एकदम साफ दिखायी पड़ रहे है यहाँ पर कपडा पहनना सख्त मना है यहाँ तक की लंबे बालों वाली बीवियां अपना अपना जूडा बनाकर बैठी है ताकि उनका बदन साफ साफ दिखायी पड़े मिसेज़ नम्रता कॉल ने सेक्स गेम्स शुरू करने के पहले कहा की मुझ तो लड़कों को चूंचियां दिखाने का शौक १६ साल की उम्र से ही लग गया था और इन्ही चूंचियों के सहारे मैं कई लड़कों के लंड शादी के पहले ही पकड़ चुकी हूँ खैर चलिए मैं आपको आज के अत्यन्त अश्लील और उत्तेजक खेलों की बारे में बतला दूँ पहला खेल है ” पहचान कौन ” इसमे एक हसबैंड को खड़ा किया जाएगा उसकी आखों पर पट्टी बाँध दी जायेगी फ़िर एक परायी बीवी उसके सामने लाई जाएगी वह आदमी उसकी चूंचियां टटोल कर बताएगा की ये चूंचियां किसकी हैं इसका नाम क्या है और वह किसकी बीवी है ? सिर्फ़ गर्दन से नीचे और कमर से ऊपर के बदन को ही टटोला जा सकता है यदि सच हुआ तो वह बीवी उस आदमी के लंड का दस बार चुम्मा लेगी और अगर ग़लत हुआ तो वह आदमी उसकी चूंचियों को दस बार चूमेगा
हमारे ग्रुप में १६ कपल है लेकिन ६ बाहर गए है इसलिए यहाँ पर केवल १० ही है मैं और मेरा पति नमित, स्नेहा सल्लू , नतासा नफीस ,सकीला सकील , जोसफ जूली , निधि नवीन , कालिंदी केशव , दीक्षा दिवांग , गुंजन गोलू और आशा अजय
सबसे पहले जोसफ को लाया गया उसकी आखों में पट्टी बाँधी गयी फ़िर उसके सामने एक बीवी को खड़ा किया गया मैंने कहा जोसफ इसकी चूंचियां टटोल कर इसको पहचानो जोसफ ने हाथ बढाया उसके कन्धों पर रखा फ़िर धीरे धीरे बाँहों पर फ़िर चूंचियों पर फिराने लगा कई बार सहलाया फ़िर पीछे मुडा पीठ पर हाथ फेरा उसकी बाँहों के अन्दर से हाथ डाल कर चूंचियां पकडीं उन्हें अपने दोनों तों से तौला और बोला की अरे ये तो बंगाली चूंचियां है दीक्षा की दिवांग की बीवी सबने तालियाँ बजाई जबाब सही था दीक्षा तुंरत घुटनों के बल बैठी और उसके लंड को सहलाया लंड खड़ा हो गया दीक्षा ने लंड व पेल्हड़ को दस बार खूब प्यार से चूमा इसके बाद नफीस को लाया गया पट्टी बंधी गयी उसके सामने एक औरत फ़िर उसका हाथ चूंचियों पर टटोल कर नफीस बोला ये तो कालिंदी की चूंचियां है बिल्कुल सही मैंने कहा तब कालिंदी ने नफीस के लंड का दस बार चुम्मन लिया इसके बाद सल्लू आए उसने जब हाथ बढ़ा कर चुन्चिया पकड़ी तो फ़ौरन पहचान लिया की ये गुंजन की चूंचियां है एकदम सही फ़िर गुंजन ने सल्लू के लंड का चुम्मन बड़े प्यार से लिया इस तरह सभी मर्दों ने सही सही पहचान की मैंने कहा देखो ये मर्द परायी बीवियों की चूंचियों को खूब पहचानते है अच्छा चलो अब मैं दूसरा खेल शुरू करती हूँ
जिसका नाम है “साबित करो ” इस खेल में मैं एक औरत की आखों में पट्टी बाँध कर उसक हाथ किसी के लंड पर रखूंगी और उसे टटोल कर बताना होगा की किसका लौडा है वह किसका हसबैंड है वह केवल लंड पेल्हड़ और चूतड ही टटोल सकती है सब से पहले स्नेहा के पट्टी बांधी गयी उसका हाथ एक लंड पर रखा गया स्नेहा ने लंड हिलाया लंड के खड़े होने पर उसके मुह से निकला अरे ये तो केशव का लंड है मैंने दूसरे लंड पर उसका हाथ रखा उसे पकड़ते ही लौडा खड़ा हो गया वह बोली ये तो कटा लंड है सकील का और अब तीसरा लंड उसके हाथ में आया उसने एक हाथ से लंड पकड़ा दूसरे से पेल्हड़ और झुकी लंड का चुम्मा लिया बोली ये तो तुम्हारे मियां नमित का लौडा है सबने तालियाँ बजाई क्यो की स्नेहा ने तीनो लंड पहचान लिए अब नतासा ने पट्टी बंधवाई उसने कहा मेरे दोनों हाथो में एक एक लंड रखिये मैं उन्हें पहचान लूंगी मैंने जानना चाह क्या वो वास्तव में ऐसा कर लेगी मैंने उसका एक हाथ एक लंड पर दूसरा दूसरे लंड पर रखा जैसे ही दोनों खड़े हो गए नतासा चिल्ला पड़ी अरे ये तो जोसफ और गोलू के लंड है सबने उसकी तारीफ की इसीतरह सभी बीवियों ने पराये मर्दों के लंड पहचान लिए निधि बोली हमलोग दूसरों के हसबैंड के लंड को खूब पहचानते है क्योकि उन्हें पकड़ने में हिलाने में और चुदवाने में बड़ा मज़ा आता है सकीला बोली मैं तो झड़ते हुए लंड को चाट कर बता सकती हूँ किसका लंड है कालिंदी ने कहा हाथ को तो छोड़ दीजिये मेरे मुह में खड़ा लंड डालो मैं बता दूंगी किसका लंड है जूली बोली मेरे हाथ में अगर अंधेरे में कोई लंड आ जाए तो मैं पहचान लूंगी किसका लंड है आशा ने कहा जो लंड मैं एक बार पकड़ लेती हूँ उसे कभी भूलती नही सौ लंडों बीच में भी मैं उसे पहचान लूंगी दीक्षा ने कहा की मैं अगर सबसे ज्यादा किसी को चाहती हूँ तो वह है पराये मर्दों के लंड मैंने कहा आप सब ठीक कहती है मेरी तो जान ही पराये मर्दों के लंड में बसती है मैं तो उनके लंड के बिना सो नही सकती अच्छा अब मैं समझ गयी तुम्हे पराये हसबैंड के लंड की पहचान पक्की है आपने साबित कर दिया लेकिन क्या आप की चूत भी पहचानती है पराये लंड ? अब तीसरा खेल है ” चूत की परीक्षा ” इसमे खड़ा लंड सीधे एक चूत में पेला जाएगा और किसी भी तरह आप एक दूसरे के बदन को नही छू पाएंगे मतलब यह की लंड चूत एक दूसरे को छुएँगे बस अपनी टांगे फैला कर उस लंड से चुदवाते हुए बताना होगा किसका लंड है मैं यह जानना चाहती हूँ की क्या आपकी चूत भी लंड पहचानती है ?
बस फ़िर क्या था सभी बीवियों की आंखों पर पट्टी बांधी गयी वे सब एक ही पोज में एक लाइन में रखी गयी पोज था पीछे से चुदवाने का वे सभी अपनी अपनी गांड उठाकर झुक गयी गांड ऊपर और उसके नीचे चूत साफ साफ दिख रही थी सभी मर्दों ने एक दूसरे की बीवी की चूत से अपना अपना लंड भिडा दिया मैंने कहा मैं एक दो तीन कहूँगी तीन कहने पर भक्क से लौडा पेल देना ऐसा ही हुआ मैंने तीन कहा और सबके लंड भक्क से चूत में घुस गए सभी बीवियां पराये मर्दों से चुदवाने लगी इतने में आशा बोल पड़ी अरे भोसड़ी के गोलू पूरा लौडा पेल दे मतलब यह की उसने लंड को फ़ौरन पहचान लिया वे दोनों बाहर आ गए गुंजन ने कहा अरे यह तो लौडा दिवांग का है साला गपागप चोदता है दीक्षा ने मुह खोला साले भोसड़ी के केशव तेरा लंड तो मज़ा दे रहा है मुझे चोद कर ही लंड निकालना कालिंदी की आवाज आयी अरे नवीन बहन चोद लंड जल्दी जल्दी पेल निधी ने कहा मादर चोद जोसफ तू तो बड़ा चुदक्कड है तेरा लौडा कुछ अलग ही है जूली बोली हाय यह कटा लंड साला मेरे हिस्से में आया चोद ले सकील कोई बात नही फ़िर बताऊंगी सकीला ने नफीस का लंड पहचान लिया और कहा तुम बहन के लौडे धच्च धच्च चोदने में बड़े होशियार हो नताशा सल्लू के लंड को पहचान कर बोली मैं समझ गयी ये तुम्हारा लौडा है क्योकि तुम हर बार पूरा लौडा निकाल कर चोदते हो स्नेह मेरे शौहर से चुदवा रही थी बोली मैंने तो पहले ही पहचान लिया था लेकिन मुझे चुदवाने में मज़ा आ रहा था इसलिए मैं चुप रही, मैं इस खेल में नही थी मैं तो अजय का लौडा पकड़ कर मस्त बैठी थी
इसके बाद एक घंटे का ब्रेक लिया गया और फ़िर सब इकठ्ठा हो गए मैंने कहा अब मैं आखिरी खेल आपके सामने पेश कर रही हूँ इसका नाम है ” असली मर्द की पहचान ” इसमे सभी मर्दों की आखों में पट्टी बाँधी जाएगी उन्हें एक एक कुर्सी पर एकदम नंगा बैठाया जाएगा हरएक के सामने एकनंगी परायी बीवी नीचे बैठ कर उसका लंड चूसेगी और उस मर्द को पहचानना होगा की उसका नाम क्या है और वह किसकी बीवी है ? बिल्कुल ऐसा ही किया गया मैंने भी इस खेल में भाग लिया कुर्सियां गोला कार रखी गयी ताकि हम एक दूसरे को लंड चूसते हुए देख सकें बस खेल शुरू हो गया मर्दों को मज़ा आने लगा सभी अपने अपने लंड को चुसाने में लग गए और सोच रहे थे की यह किसकी बीवी है इतने में जोसफ बोल पड़ा हाय निधी डार्लिंग लौडा पूरा मुह में डाल कार चूसो सभी औरतों ने तालियाँ बजाई उसने सही पहचाना तब उसने पट्टी निकाल दी और मजे से लंड चुसवाया निधी उसका पूरा सीमेन चाट गयी नवीन बोल पड़ा अरे तुम तो कालिंदी हो भोसड़ी की सही जबाब मैंने कहा कालिंदी ने लंड को खूब चूस क़र भरता बना दिया केशव के मुह से निकला अरे बंगाली बुर तू तो दीक्षा है लंड चूसने की तेरी अदा मैं जानता हूँ दिवांग ने कहा गुंजन मैं झड़ने वाला हूँ गोलू ने आवाज़ दी आशा तुम अजय की बीवी हो लंड खूब चूस लेती हो अजय ने कहा नम्रता बहन की लोडी तुम तो लंड की दीवानी लगती हो तुम्हारा लंड चूसने का तरीका मैं जानती हूँ मेरे हसबैंड ने स्नेहा को पहचान लिया क्योकि वह सुपाडे पर जबान खूब चलाती है नफीस ने शकीला को पहचान लिया क्योकि उसका कटा लंड मुस्लिम औरत कैसे चूसती है मालूम है शौकत का लंड जूली ने पहचाना जूली पहले भी कटे हुए कई लंड पकड़ चुकी है इस तरह सभी मर्द इम्तहान में पास हो गए इसका माने यह है की सारे मर्द परायी बीवियों को बड़े मन से प्यार से और शौक से चोदते है उसी तरह बीवियां भी पराये मर्दों के लंड से बड़ा प्यार करती है मन से चुदवाती है और शौक से अदला बदली का खेल खेलती है दोस्तों यदि आप भी खेलें तो और मज़ा आएगा जय लंड जय चूत जय चूंची

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