Antarvasna शबनम की चूत चुदाई

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नमस्कार दोस्तो, मैं साहिल हूँ मेरी उम्र 22 साल है और मैं दिखने में बहुत आकर्षक और सुन्दर हूँ… मेरा कद 5’10” है।
मेरे लंड की लम्बाई 7 इंच है और यह 3 इंच मोटा है।
आपको ज़्यादा बोर नहीं करते हुए मैं कहानी पर आता हूँ।
बात उन दिनों की है जब मैं कॉलेज में पढ़ता था।
मेरे गाँव से 55 किलोमीटर दूर औरंगाबाद में मैं एक किराए के कमरे में रहता था।
मैं सुबह 11 बजे कॉलेज जाता और 2 बजे वापस आता.. यह मेरे कॉलेज वक्त होता था और दो बजे के बाद फ्री होता हूँ।

मेरे कमरे के पास एक घर है, जिसमें एक शादीशुदा खूबसूरत जोड़ा रहता है। उनके नाम शबनम और शहजाद (बदले हुए नाम) हैं।
करीब 6 महीने में हम घुलमिल गए।
एक बात और हम जिस क्षेत्र में रहते हैं वहाँ बिजली बहुत जाती है और शबनम के घर पर इसके विकल्प के तौर पर एक इन्वर्टर लगा हुआ है।
शहजाद एक कंपनी में जॉब करता है.. वो सुबह 7 बजे जॉब के लिए रवाना हो जाता है और देर शाम लगभग 9 बजे वापस आता है।
एक बार मेरे घर में ज़्यादा गर्मी हो रही थी क्योंकि मेरे कमरे की छत पत्थर की थी। इसलिए मैं उनके घर के बाहर छाँव में चबूतरे पर जाकर बैठ गया।
थोड़ी देर बाद शबनम अचानक बाहर आई और मुझे देखा और कहा- साहिल आप यहाँ क्यों बैठे हो.. अन्दर आओ ना।
तो मैंने कहा- शबनम.. मैं यहाँ ठीक हूँ।
वो फिर से ज़िद करने लगी तो मैं मना नहीं कर पाया और घर के अन्दर चला गया।
उसने मुझे पीने के लिए ठंडा शर्बत दिया.. मैं वो पीने लगा।
फिर वो मेरे पास आकर बैठ गई और इधर-उधर की बातें करने लगी।
बातों ही बातों में उसने मुझसे पूछ लिया- साहिल, तुम्हारी कोई गर्ल-फ्रेंड है?
मैंने उसे सब सच बता दिया कि मेरे गाँव में एक गर्ल-फ्रेंड है.. जिसका नाम जिसका नाम मरीन है (बदला हुआ नाम) और मैं उसे बहुत प्यार करता हूँ और वो भी मुझसे बहुत चाहती है।
फिर उसने मुझसे पूछा- तुम कभी ‘मिले’ नहीं?
हालांकि मैं उसके पूछने का मर्म समझ गया.. तब भी मैंने संभल कर कहा- हाँ.. मैं उससे बहुत बार अकेले में मिला हूँ।
फिर उसने एक ‘नॉटी स्माइल’ देते हुए मुझसे खुलने की कोशिश की और पूछा- फिर… अभी तक मरीन को ‘किस-विस’ किया या नहीं?
मैंने भी खुलते हुए कहा- हाँ.. बहुत बार चुम्बन भी किया और इसके अलावा भी ‘सब कुछ’ किया।
वो शर्मा गई और अपने कमरे में चली गई।
मैं वहीं सोफे पर थोड़ी देर तक बैठा.. फिर जब वो वापस नहीं आई.. तो मैं ही उसके कमरे में उसे ‘बाय’ बोलने के लिए गया तो देखा कि शबनम शीशे में खुद को चुम्बन कर रही थी और अपनी ‘छोटी शबनम’ को सहला रही थी।
यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !
उतना देख कर मैं वापस आ गया, सोफे पर वापस बैठ गया और इधर से ही उसे एक आवाज़ दी।
तो उसने अन्दर से मुझे बुलाया- साहिल मैं अन्दर ही हूँ.. तुम बाहर का दरवाज़ा बंद कर दो और अन्दर आ जाओ।
मैंने झट से दरवाज़ा लगाया और अन्दर चला गया।
फिर से उसने मुझे एक खतरनाक ‘नॉटी स्माइल’ दी और बोली- मैंने आपको दरवाज़ा बंद इसलिए करने को बोली कि अन्दर कहीं बंदर न आ जाए।
मैं जरा मुस्कुराने लगा।
वो मुझसे बोली- बैठो..
मैं बिस्तर पर बैठ गया।

फिर थोड़ी देर बाद उसने टीवी ऑन किया स्टार-गोल्ड पर फिल्म ‘नशा’ आ रही थी।
हम दोनों फिल्म देखने लगे.. थोड़ी देर बाद मैं उसके और करीब खिसक गया और हम दोनों एक-दूसरे से चिपक कर फिल्म देखने लगे।
उसके बाद मैंने उसके पैरों में अपने पैर डाल दिए और सहलाने लगा.. वो भी साथ देने लगी।
उसके बाद मैंने उसकी गर्दन को चूमना शुरू किया.. वो तेज़ साँसें लेने लगी।
उसके बाद मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उसके बदन को ऊपर से ही चूमने लगा।
फिर मैंने उसका कुरता निकाल दिया फिर सलवार की तरफ हाथ बढ़ा दिया.. नाड़ा खोल कर सलवार का रोड़ा भी हटा दिया।
अब वो सिर्फ़ ब्रा और पैन्टी में ही रह गई।
मैंने उसके मम्मे दबाना शुरू किए.. और कुछ ही पलों में उसकी ब्रा और पैन्टी को भी निकाल दिया और उसके चूचुकों को चूसने लगा।
वो कामुक सिसकारियाँ निकालने लगी- ऊव अयाया ओ य्आआहह..
फिर मैंने देर ना करते हुए अपने भी कपड़े भी निकाल दिए और उसके ऊपर पर चढ़ गया।
उसके मस्त कबूतरों को मैंने अपने हाथों में भर लिया और प्यार से मसलने लगा.. वो लगातार गरम होती जा रही थी और मुझे चूमती ही जा रही थी।
मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी।
उसने अपनी जीभ से मुझे चूसना शुरू कर दिया।
सच में जीभ की चुसाई से सबसे ज्यादा उत्तेजना भड़कती है।
हम दोनों ने एक-दूसरे के लण्ड और चूत को अपने अपने हाथों से पकड़ रखा था।
उसने मेरा लवड़ा अपनी चूत के मुँह पर लगा दिया।
मैंने अपने लण्ड का फूल उसकी हेडफोन जैसी चूत पर रखा और एक बम-पिलाट धक्का मार दिया।
मेरे एक ही धक्के में मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया।
एक मादक सिसकारी निकली.. आह्ह..
फिर वो मुझे चूमने लगी.. हम दोनों एक-दूसरे का चुंबन करते रहे।
मैंने चुंबन करते-करते धक्के देना शुरू किए और वो झड़ गई… फिर थोड़ी देर बाद मैं भी झड़ गया।
हम दोनों निढाल हो कर एक-दूसरे से लिपटे हुए लेते रहे।
फिर कुछ देर आँखें मूंद कर झप गए करीब 20 मिनट बाद हमारी तन्द्रा टूटी तो हम एक-दूसरे से अलग हुए और फिर मैं उसे चूमने लगा।
कुछ देर बाद मैं अपने कमरे पर वापिस आ गया।
लेकिन उसके बाद हम दोनों की चुदाई-गाथा चल पड़ी थी।
तो यह थी मेरी आपबीती.. मेरी सच्ची कहानी आपको कैसी लगी, मुझे ईमेल ज़रूर कीजिएगा।

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