बेस्ट गर्ल-फ्रेण्ड भाभी की चुदास-1

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मेरे प्यारे देबर सुनीता भाबी की ये स्टोरी आप को अछे लगेंगे।
दोस्तो, मेरा नाम कबीर है.. मेरी उम्र 25 वर्ष है.. अन्तर्वासना पर मेरी यह पहली कहानी है.. मुझे एक दोस्त ने मुझे कुछ दिन पहले ही अन्तर्वासना साइट के बारे में बताया था।
मैं नोएडा का रहने वाला हूँ.. मैंने दो साल पहले ही अपनी एम.बी.ए. की पढ़ाई पूना से पूरी की है.. उसके बाद 10 महीने तक सिंगापुर की एक मार्केटिंग कंपनी में ट्रेनिंग लेकर मैं 8 महीने पहले ही अपने घर नोएडा आकर फैमिली बिजनेस देख रहा हूँ।
हमारा बिजनेस काफी बड़ा है.. हमारी छह बड़ी फैक्ट्री हैं.. जो उत्तर भारत में अलग-अलग शहरों में हैं।
हमारी फैमिली सम्मिलित रूप से ही रहती है.. मेरे परिवार के सदस्यों में मेरे पापा-मम्मी.. मेरे बड़े भाई-भाभी.. जिनकी शादी एक साल पहले हुई थी.. भाई का नाम कुनाल और भाभी का नाम मानसी है.. मेरी एक सगी बड़ी बहन काजल.. जिनकी शादी दो साल पहले जयपुर हुई थी। मेरे चाचा-चाची और चाचा के दो बेटे हैं.. जिनमें एक की शादी 3 साल पहले हुई थी.. भाई का नाम विशाल और भाभी का संजना है और दूसरे बेटे का नाम वरूण है.. भाभी का नाम पल्लवी है।
हमारे यहाँ मेरे मामा की बेटी सौम्या भी रहती है.. जो नोएडा में रहकर पढ़ाई कर रही है।
मैं आपको इन पात्रों से विस्तृत परिचय किसी दूसरी कहानी में कराऊँगा.. फिलहाल मैं अपनी कहानी सुनाता हूँ।
मेरे चाचा के छोटे बेटे और मेरे बड़े भाई वरूण भैया जो कि जेट एयरवेज में पायलट हैं। उनकी शादी 8 माह पहले जनवरी 2013 में पल्लवी भाभी से हुई थी। उनकी उम्र 27 साल है.. जो शादी से पहले एयर होस्टेस थीं.. और उनसे भाई की शादी अरेंज़्ड थी।
वैसे तो मेरी तीनों भाभियां ही बहुत ही खूबसूरत हैं.. पर पल्लवी भाभी कुछ ज्यादा ही मैंटेन किए हुए है।
मैं घर में छोटा होने के कारण सभी का लाड़ला हूँ। पल्लवी भाभी से मेरी उनकी शादी के बाद से ही सबसे ज्यादा दोस्ती हो गई थी.. क्योंकि उनका हनीमून खत्म होने के बाद ही भैया अक्सर काम पर हवाई-जहाज पर रहते थे.. तो भाभी और मैं अक्सर मूवी.. मार्केट जाते रहते थे।
कभी-कभी डिस्को भी जाते.. भाभी को शॉपिंग का बहुत शौक है.. तो हम अक्सर मॉल जाकर शॉपिंग करते।
पल्लवी भाभी मेरी गर्लफ्रेण्ड से भी कई बार मिलीं.. मतलब मैं और भाभी बहुत अच्छे दोस्त हो गए थे और बहुत खुलकर बातें शेयर करने लगे थे।
वो मुझे बतातीं कि तुम्हारे भैया अक्सर टूर पर रहते हैं.. मुझे अच्छा नहीं लगता है..
मैं उनको एन्टरटेन करता रहता था.. जैसे एक दोस्त अपने दोस्त के साथ करता है.. और वह भी मुझे अच्छा दोस्त मानती थीं।
यह बात है मई 2013 की.. जब वरूण भैया को ट्रेनिंग के लिए एक माह को जर्मनी जाना पड़ा। उनको गए 20 दिन हो चुके थे भाभी उदास रहती थीं।
तभी हमारे एक रिश्तेदार के यहाँ दिल्ली में शादी थी। पल्लवी भाभी अकेली घर में बोर होती थीं.. तो वह शादी में दो दिन पहले चली गईं।
अगले दिन रविवार था.. तो भाभी का दिल्ली से मुझे कॉल आया- कबीर तुम क्या कर रहे हो.. आज तो तुम्हारा ऑफ़ है न?
मैंने कहा- जी भाभी.. घर पर ही हूँ और शादी कल है.. तो मैं कल आऊँगा.. आज शायद अपनी जीएफ (सोनम) से मिलने जाऊँ.. और आप कैसी है वहाँ?
वह बोली- यार मैं बहुत बोर हो रही हूँ यहाँ.. सब आंटी है यहाँ.. आज मुझे कुछ शॉपिंग करनी है और मैंने जो डिजाइनर साड़ी बनने दी है.. वह लेने जाना है.. तुम आ सकते हो क्या? तुम सोनम से शाम को मिल लेना..
मैंने कहा- जी भाभी.. आप इतना बोल रही हैं.. तो आता हूँ।
मैं वहाँ 12 बजे पहुँचा.. शादी वाले मैरिज हाँल से पल्लवी भाभी को साथ लिया.. भाभी ने हल्के लाल रंग का डिजाइनर सूट पहना था।
वैसे तो वह हमेशा ही सुन्दर लगती हैं क्योंकि वह है ही सुन्दर.. बिल्कुल मॉडल जैसी.. पर आज उनके फिगर पर.. जो कि 34ए-27-36 है.. पर ये सूट बिल्कुट फिट था।
मैंने बोला- भाभी आज तो आप बिजली गिरा रही हैं।
वह हँसने लगीं.. मैं उनको लेकर पास के मॉल में गया.. उन्होंने शॉपिंग की.. कुछ टी-शर्ट, जींस मैंने भी ले लीं।
भाभी ने जो डिजाईनर साड़ी बनने दी थी वह भी उन्होंने ले ली। हम वहाँ से दो घंटे में फ्री हो गए।
भाभी बोलीं- मुझे यह नई साड़ी ट्राई करनी है।
मैंने कहा- तो चलो मैं आपको शादी वाले घर छोड़ देता हूँ।
वह बोलीं- वहाँ नहीं जाना अभी से.. मैं बोर हो जाती हूँ वहाँ.. हम कहीं और नहीं जा सकते? मुझे साड़ी पहनने में टाइम लगेगा।
मेरे एक दोस्त का घर उधर से कुछ ही दूर दिल्ली में ही था.. भाभी भी वहाँ चलने को तैयार हो गईं..
मैंने उसे फोन लगाया तो उसने बताया कि वो ऑफिस के काम से बाहर है.. रात तक आएगा.. और चाबी बिल्डिंग के वॉचमैन के पास है।
पहले भी मैं वहाँ अक्सर जाता रहता था.. जब दोस्त नहीं होता था.. सो मुझे कुछ भी गलत नहीं लगा। मैं और सोनम अक्सर वहीं मिलते थे।
मैंने कहा- चलो भाभी वहीं चलते हैं.. जहाँ मैं और सोनम मिलते हैं। आज अपनी भाभी गर्लफ्रेन्ड को भी वहीं ले चलते हैं।
वह मुस्कुरा कर बोलीं- जी ब्वॉय-फ्रेण्ड देवर जी।
रास्ते मैं हमारा बहुत हंसी मजाक होता रहा.. कुछ देर बाद हम दोनों वहाँ पहुँचे.. उसका बड़ा सा घर पूरा खाली था।
बिल्डिंग की लिफ्ट खराब थी.. तो सीढ़ियों से जाने के कारण हम दोनों ही थक गए थे।
भाभी जाकर सोफे पर बैठ गईं.. मैं उनके लिए पानी लाया.. एसी ऑन किया तो मालूम हुआ कि ड्रांइग-रूम का एसी शायद खराब था… तो हम बेडरूम में चले गए.. जो कि काफी सुन्दर था।
वहीं एसी ऑन करके बैठे गए।
मुझे गर्मी लग रही थी तो मैंने अपनी टी-शर्ट उतार दी.. अब मैं जींस और बनियान में था।
भाभी बोलीं- बहुत गर्मी लग रही है.. फ्रिज में देखूँ क्या है।
उन्होंने देखा फ्रिज में पानी और बियर थी.. बस उन्होंने मुझे बताया.. मैं खुश हो गया मैंने बीयर खोली और पीने लगा।
वो बोलीं- कबीर तुम्हें पता है.. जब मैं एयर होस्टेस थी.. तब मैंने भी एक-दो बार बियर व वोदका पी है।
तो मैंने कहा- आप भी लो न.. किसी को थोड़ा पता चलना है।
उन्होंने भी एक गिलास में ले ली और हम दोनों बेडरूम के सोफे पर बैठ गए और बात करने लगे।
उस दिन भाभी मुझे कुछ ज्यादा ही हॉट लग रही थीं। मैंने भी ट्राई मारने की कोशिश कि बीयर पीकर मूड सा बन गया था।
भाभी ने सूट से दुपट्टा भी हटा दिया था.. तो उनके तने हुए मम्मे बहुत सैक्सी लग रहे थे.. और उनकी बहुत ही गोरी क्लीवेज भी दिख रही थी।
यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !
मैं अपने चारों भाईयों में सबसे ज्यादा हैंडसम था.. तो भाभी भी मेरी तारीफ कर रही थीं।
अब मेरी हिम्मत और बढ़ गई, मैंने कहा- भाभी यह वही बिस्तर है.. जहाँ मैं और सोनम मिलते हैं।
वो बोली- सिर्फ मिलते हो.. या कुछ करते भी हो!
अब भाभी मूड में सी लगने लगी थीं.. मुझे भी उनमें एक चुदाई का माल दिखने लगा था.. आगे क्या हुआ.. अगले भाग में कहानी इतनी अधिक रसीली है कि आप मस्त हो जाओगे।

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