बीवी की सहेली की चूत की कसक (Biwi Ki Saheli Ki Chut Ki Kasak)

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दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी है.. अपनी बीवी की सहेली आशू की प्यार भरी चूत चुदाई कैसे की, इसकी कहानी है।
मेरा नाम टोनी है.. आइए अब आशू के बारे में बात करते हैं। वो एक 34 साल की शादीशुदा औरत है लेकिन वो 24 साल की लड़की को भी पीछे छोड़ सकती है।
उसने अपने बदन को नित्य कसरत आदि कर-करके ऐसा बना लिया है कि कोई उसको देखता है तो बस उसका लण्ड खड़ा हो जाता है।

आशू से मेरी पहली मुलाकात मेरी बीवी ने करवाई थी.. वो उसकी सहेली कम बहन ज्यादा थी। जब मैंने उसे पहली बार देखा था तो मेरा तो लण्ड खड़ा हो गया था, उसका गोरा रंग उसके खड़े चूचे और उसका तराशा हुआ बदन.. मेरी तो उसे देख कर हालत खराब हो गई।

जब मेरी बीवी ने उससे कहा- यह मेरे हज़्बेंड हैं..
तो उसने अपना हाथ मेरी तरफ बढ़ा दिया और बोली- क्या हाल है जीजा जी?
मैंने कहा- अभी तक तो ठीक थे.. पर बाद में पता नहीं क्या होगा?
वो अपने चूचे उठाती हुई बोली- क्यूँ जीजा जी.. क्या हुआ? साली ‘के’ देख कर मन मचल गया..?
मैंने कहा- तुम हो ही ऐसी.. तुम्हें देख कर तो कोई भी मचल जाए..

इस तरह हमारी आँखों ही आँखों कुछ बात हुई.. मैंने उसका हाथ मसल दिया उसने अपना हाथ छुड़ा कर कहा- बड़े बदमाश हो जीजा जी..
मैंने अपनी बीवी से कहा- तुम्हारी इस सहेली को पहले कभी नहीं देखा और यह हमारी शादी में भी नहीं आई थी।

वो बोली- जिस दिन हमारी शादी थी.. उससे 3 दिन पहले उसकी शादी थी.. तो वो कैसे आती? यह मुझ से ही आठ साल बाद मिली है.. क्योंकि उसका अपने पति से कोई झगड़ा हो गया है और वो उसे छोड़ कर अपने माँ-बाप के घर आई है.. और कह रही है अब वो वापिस अपने पति के पास नहीं जाएगी। हाँ और एक बात.. उसने मुझे कही थी.. कहीं पर अगर उसको कोई काम मिल जाए तो उसके लिए अच्छा है.. उसे पैसे भी मिलेंगे और टाइम भी पास हो जाएगा।
मैंने अपनी बीवी से कहा- ठीक है.. कुछ करता हूँ..

उस रात मैंने अपनी बीवी को खूब जम कर चोद डाला.. मेरी बीवी बोली- क्या बात है.. आज दिल नहीं भर रहा..
मैंने कहा- नहीं..

मैंने अपना लण्ड उसके हाथ में पकड़ा दिया, उसने उसे चूस कर फिर खड़ा कर दिया और बोली- लो लण्ड तैयार है.. मुझे और चोदो।
मैंने अपनी बीवी की चूत में अपनी मुँह लगा दिया और उसे चूसने लगा।
मेरी बीवी सिसियाती हुई बोल रही थी- आह्ह.. और चूसो.. मेरे राजा.. और चूसो.. और तेज.. और तेज..
मैंने अपनी बीवी से कहा- आज तुम भी मज़ा ले रही हो।
वो बोली- चूत में लण्ड लेने का मज़ा ही कुछ और है।

फिर थोड़ी देर चूसने के बाद मैंने अपना लण्ड अपनी बीवी की चूत में डाल दिया और झटके लगाने लगा।
पूरे कमरे में चुदाई का मस्त माहौल था और करीब दस मिनट के बाद मेरा लंड अपनी जवानी निकालने को राजी हो रहा था।
मेरी बीवी बोली- तुम अपना लण्ड मेरे मुँह में झाड़ो..
मैंने अपना लण्ड अपनी बीवी के मुँह में दे दिया… उसने सारा माल पी लिया और बोली- मज़ा आ गया।

अगले दिन शाम को मैंने अपनी बीवी को बोला- वो आशू की जॉब लग गई है।
उसके खुश होकर पूछा- कहाँ?
तो मैंने कहा- मेरे ऑफिस में ही..

वो बहुत खुश हुई और बोली- यह तुमने अच्छा किया.. वो तुम्हारे साथ ही जाएगी-आएगी.. इससे बढ़िया और क्या हो सकता था उसके लिए..
उसने उसी वक्त उसको फोन कर दिया- तेरी जॉब लग गई है और तेरे जीजा जी ने अपने ऑफिस में तुझे रख लिया है और बढ़िया सैलरी पर रखा है।
आशू बहुत खुश हुई और बोली- जीजा जी से बात करवा तो..
मेरी बीवी मुझे अपना फोन देकर रसोई में चली गई।

फोन पर मुझसे आशू बोली- आपका यह अहसान मैं जिंदगी भर नहीं उतार सकती हूँ।
मैंने कहा- तुम उतार सकती हो..
तो वो बोली- मतलब.. कैसे?
मैंने कहा- जब वक़्त आएगा.. मैं तुमसे अहसान उतरवा लूँगा।
उसने कहा- ठीक है..

लेकिन एक समस्या और खड़ी हो गई आशू के रहने की..
मेरी बीवी बोली- हमारा तीसरा कमरा खाली रहता है.. क्यूँ ना हम उसे आशू को रहने के लिए दे दें?
मैंने कहा- ठीक है..

दो दिन बाद वो हमारे घर रहने आ गई। क्या मस्त माल लग रही थी वो उस दिन..।
वो सीधा आई और मेरे गले लग गई.. बोली- धन्यवाद जीजा जी.. आपने बहुत मदद की।
मैंने भी उसको ज़ोर से गले लगाया और उसकी चूचियों को अपने हाथ से थोड़ा दबा दिया..
तो उसने हँस कर मेरी तरफ देखा और कहा- बहुत नॉटी हो..

उस वक़्त मेरी बीवी रसोई में खाना पका रही थी, वो वहीं से बोली- जीजा साली का मिलन हो गया हो.. तो खाना खाएँ?
मैंने कहा- अभी मिलन नहीं हुआ.. उसमें टाइम लगेगा.. और मैंने आशू की तरफ देखा तो वो हँस रही थी।
उस रात खाना खाने के बाद मेरी बीवी आशू से बोली- यहीं हमारे कमरे में सो जा।
वो बोली- ठीक है..

मैं बहुत खुश हुआ.. पलंग पर पहले आशू और बीच में मेरी बीवी और साइड में मैं लेट गया।
थोड़ी देर के बाद मैंने अपनी बीवी का चूचा दबाया तो बोली- चुपचाप सो जाओ..
मैंने कहा- नहीं.. मुझे तेरी लेनी है।
वो बोली- अभी नहीं.. बाद में..

पर मैं कहाँ मानने वाला था। थोड़ी ही देर में मैंने उसे गरम कर दिया।
वो बोली- बहुत बदमाश हो.. बिना चोदे नहीं मानोगे।
मैंने कहा- एक बार लण्ड को चूत में डालने दे.. फिर सो जाऊँगा। मैंने उसकी चूत में लंड पेल दिया.. क्यूँकि आशू हमारे हिसाब से सो रही थी.. पर वो जाग कर हमारी बातें सुन रही थी।

मैंने उसकी तरफ देखा.. तो उसने एकदम आँखें बंद कर लीं।
मैंने अपनी बीवी को नीचे लिटाया और धकापेल चुदाई शुरू कर दी।
मेरे बीवी धीमे स्वर में मचल रही थी- आह.. आह.. और करो.. बहुत मज़ा आ रहा.. मेरी चूत फाड़ दो.. उसमें अपना लण्ड निचोड़ दो.. आह्ह..
मैं उसे दनादन चोद रहा था और बोल रहा था- बहुत मज़ा आ रहा है.. तेरी चूत मारने में. आह्ह.. ले और ले..
थोड़ी ही देर में हम दोनों एक साथ झड़ गए।

इस तरह धीरे-धीरे मैं आशू को पटा रहा और वो मेरे पास आ रही थी।
एक दिन उसने मुझसे बोला- जीजा जी मार्केट से कुछ सामान लाना है.. मेरे साथ चलोगे?
मैंने कहा- हाँ.. क्यों नहीं चलेंगे।

मैंने अपनी बीवी से बोला- तुम भी चलो..
वो बोली- तुम दोनों हो आओ.. मैं घर पर रह कर खाना तैयार करती हूँ।
हमने कहा- ठीक है..

मैं और आशू बाइक पर मार्केट निकल गए। आशू पीछे दोनों तरफ टाँगें डाल कर बैठी थी। थोड़ी देर बाद उसने मुझे ज़ोर से पकड़ लिया और बोली- जीजू दीदी को रात में बहुत परेशान करते हो।
मैं बोला- क्या करूँ मेरी प्यास नहीं बुझती.. मेरा हमेशा ही सेक्स करने को दिल करता है।
वो बोली- मन तो मेरा भी बहुत करता है?

मैंने लोहा गरम देख कर हथौड़ा मार दिया.. कहा- अगर तुम चाहो.. तो तुम्हारा जीजा कुछ कर सकता है।
वो बोली- दीदी घर पर होती हैं.. कैसे?
मैंने कहा- वो सब मेरे ऊपर छोड़ दो।

मेरी बीवी के जब भी माहवारी होती है उस बहुत दर्द होता है। इस बार उसकी माहवारी के दिन के हिसाब से मैंने बीवी से बोला- हमें शिमला जाना ऑफिस की कांफ्रेंस है.. आशू भी साथ जाएगी।
वो बोली- मैं नहीं जा सकती.. तुम दोनों हो आओ।
हमने बहुत ज़िद की.. परंतु वो नहीं मानी.. बोली- इस हालत में कहीं नहीं जा सकती।
मैंने कहा- काम के चक्कर में जाना पड़ेगा.. वैसे दिल तो मेरा भी नहीं है।
वो बोली- कोई बात नहीं.. आशू साथ है तुम दोनों जाओ और थोड़ा आशू को भी घुमा देना.. उसका भी मन बहल जाएगा।

अगले दिन हम दोनों शिमला आ गए और होटल में चैक इन कर लिया। हम दोनों ने एक कमरा लिया और कमरे में घुसते ही मैंने आशू को पकड़ लिया।
मैंने उसके चूचे मसकते हुए कहा- मेरी जान आओ ना..
वो खुद को छुड़ाती हुई बोली- जीजा जी थोड़ी सबर तो करो..
मैंने कहा- नहीं अब सब्र नहीं होता।

मैंने उसको अपने पास खींच कर उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए।
दोस्तो, मैं बता नहीं सकता कि उसके होंठ कितने मुलायम थे। ऐसा लग रहा था कि बस उसके होंठ खा लूँ.. छोड़ू ही नहीं..
थोड़ी देर चूसने के बाद मैंने उसके चूचे दबाने शुरू कर दिए और वो भी मेरे बालों में हाथ फिरा रही थी। वो चुदासी सी बोल रही थी- आह.. जीजू.. और पियो.. और चूसो..

मैं उससे बोला- कितने दिन हो गए चुदवाए बिना?
वो बोली- तीन महीने से सूखी हूँ।
थोड़ी देर मैंने उससे बोला- अपने हुस्न के दीदार कराओ मेरी जान..
उसने कहा- जीजू आप ही मेरे कपड़े उतारो।
मैंने कहा- ठीक..

मैंने उसकी टी-शर्ट के बटन खोल कर उसे उतार दिया। शर्ट उतरने के बाद सामने जो नज़ारा दिखा.. वो कुछ ऐसा था कि जैसे किसी परी के चूचे मेरे सामने खुल गए हों।
मैंने उसके चूचे के निप्पल अपने होंठों से काटा.. तो कसमसा कर बोली- हाय.. ऐसे मत करो..
मैंने कहा- क्यूँ..?
तो बोली- रात को काटना.. अभी तो जल्दी से बस मुझे चोद दो।

उसने नीचे झुक कर मेरी पैंट खोल दी और अंडरवियर में से मेरा लण्ड निकाल कर अपने रेशमी होंठों के हवाले कर दिया।
दोस्तो, मैं झूठ नहीं बोलूँगा.. उसके मुँह में दस बार अन्दर-बाहर में ही मेरा लण्ड झड़ गया।
मैंने अपना लण्ड उसके मुँह में दुबारा डाल दिया और उसने चूस-चूस कर उसे फिर से खड़ा कर दिया।
वो मेरे लवड़े को बार-बार प्यार से चूसने लगी। फिर वो बोली- मुझे अपने ऊपर आने दो।

मैंने उसे गोद में उठा लिया.. वो मेरे ऊपर चढ़ गई और मेरा लण्ड का सुपारा अपनी चूत में डाल कर आगे-पीछे होने लगी और मेरे मुँह में अपना निप्पल डाल दिया।
आशू अब मेरे लंड को पूरा जड़ तक लेने के लिए तड़पने लगी थी। मैंने भी उसी वक्त आशू को बाँहों में भरा और उठा कर बिस्तर पर लिटा दिया।

आशू की चूत रसीली हो रही थी.. मैं आशू के ऊपर लेट गया.. मेरा लंड आशू की चूत के दरवाजे पर दस्तक दे रहा था, आशू ने चूत को अपने दोनों हाथों से खोल दिया और मैंने धीरे से आशू की चूत में अपना लंबा लंड डालना शुरू कर दिया।

काफी दिनों से आशू की चुदाई नहीं हुई थी.. इसलिए आशू की चूत एकदम टाईट थी। मैंने जोर से झटका लगाया और लंड पूरी तरह चूत की आगोश में समां चुका था।
आशू के मुँह से ‘आआह्ह.. मार डाला..’ की आवाज़ निकल गई और उसने दर्द से तड़फन होने के कारण मुझे थोड़ी देर हिलने से मना कर दिया।

कुछ देर बाद वो नीचे से हल्के-हल्के झटके लगाने लगी।

अब मुझे भी चूत का मजा आने लगा और मैंने आशू की चुदाई शुरू कर दी। जितने ज़ोर से मैं आशू की चुदाई करता, वो उतनी सेक्सी सेक्सी आवाज़ निकालने लगी- आह्ह.. आह.. ऊऊ.. ऊऊओफ़ फफक.. मी.. ऊऊऊ फफ.. अआ.. ह्ह्ह।

कुछ ही पलों में धीरे-धीरे उसकी चूत ढीली होने लगी.. अब लण्ड-चूत का खेल धकापेल चालू हो गया।

हम दोनों ने कम से कम 15 मिनट तक चुदाई की। करीब 15 मिनट बाद अचानक आशू मुझसे जोर से लिपट गई और उसकी चूत थोड़ी देर के लिए कस सी गई। कुछ और झटके लगाने के बाद मेरे लंड ने अपना वीर्य चूत में छोड़ दिया और वो फ़िर से मुझे लिपट गई।

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