बिवी कि सहेलि के साथ सेक्स किया – Biwi Ki Saheli Ke Saath Sex Kiya

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आज कि कहानि बिवी कि सहेलि के साथ सेक्स किया – Biwi Ki Saheli Ke Saath Sex Kiya को आ[ सभि भाउज मै सेक्स कहनि पढ्ने वालोँ को स्वागत करता हुँ । चलिये ये काहानि का मजा लेते हेँ ।….. काहानि लेखक कि जुबान से…..

मेरी बीवी की सहेली है और दोनों एक साथ एक ऑफिस में कम करती हैं. बीवी की सहेली मेरे परोस में रहती हैं और उनका नम प्रिया है. प्रिया एक हसीं औरत है, उसकी रंग गेहुना लुम्बे लुम्बे बल और सुंदर शरीर वाली हैं. मई उस औरत को “नमकीन.” मई जब भी प्रिया को देखता हूँ, मेरा लौरा खरा हो जाता है और मई कितने ही बार उसके नम पर मुट्ठ मारा है. प्रिया एक शादी शुदा औरत है और उसको एक बच्चा भी है, एक दिन मेरी बीवी ने मुझको कहा की, “प्रिया का कंप्यूटर में कुछ खराबी आ गयी है क्या तुम कुछ कर सकते हो? प्लेअसे उसकी मदद कर दो.” मैभी ऐसे ही मौके की तलाश में था और मैंने फ़ौरन बीवी से बोला, “प्रिय से कहो की अपना कंप्यूटर हमारे घर पर ले आयी, मई कंप्यूटर ठीक कर दूंगा.”
एक शाम को प्रिया अपना कंप्यूटर मेरे घर पर ले ई. मैंने उसको जाँच कर पाया की उसके कंप्यूटर में कुछ “बाद सेक्टर” आ गयी हैं. मैंने प्रिया को एह बात बता दी और कहा की कंप्यूटर को फॉर्मेट करना परेगा. प्रिया ने अपनी कंप्यूटर फॉर्मेट करने की सहमती दे दी. मैंने फिर उससे पुचा की कोई इम्पोर्तंत फाइल तो नही है जिसका बच्कुप लेना है. प्रिया बोली की, “कुछ वर्ड फाइल ‘माय दोचुमेंट’ फोल्डर में है. हो सके तो उनका बच्कुप ले ले लीजियेगा.” फिर वो टीवी वाले कमरे में मेरी बीवी के साथ जा कर आपस में बातें करने लगी.

सुबसे पहले मैंने उसकी कंप्यूटर को मेरे कंप्यूटर के साथ जोर दिया और उसके “माय दोकुमेंट्स’ में से सरे फाइल मेरे कंप्यूटर में ट्रान्सफर कर दिया. फिर मैंने अपनी उत्सुकता से उसकी कंप्यूटर में कोई सेक्सी मटेरिअल दुधने लगा और मुझको उसकी कंप्यूटर में छुपी फाइलों में कुछ नंगी तस्बीर मिला और साथ में करीब ४०-५० हिन्दी यों कथा’स कहानिया थी. मैंने उन फाइल को भी अपने कंप्यूटर में कॉपी कर लिया और फिर उसकी कंप्यूटर को फॉर्मेट कर दिया. फिर मैंने विण्डो भी कॉपी कर दिया. उसके बाद मैंने उसकी सब फाइल अपने कंप्यूटर से उसके कोम्प्टर पर कॉपी कर दिया और साथ में अपनी कंप्यूटर से मेरे कुछ पोर्नोग्राफिक फाइल और कहानी की फाइल भी कॉपी कर दिया. इन सब कम में मुझको करीब २ घंटे लग गए और इस दौरान प्रिया मेरे बीवी से बातें कर के बिता दिया.
मई सब कम ख़तम करने के बाद प्रिया को बुलाया और अपने कंप्यूटर को चेक करने के लिए कहा. वो मेरे कमरे में मेरी बीवी के साथ आयी और बोली की अगर आप को तसली है तो ठीक ही होगा. तो मैंने कहा हाँ मेरे ख्याल से आपका कंप्यूटर अब बिल्कुल ठीक है और फिर आपको दिक्कत नही देगी. फिर मैंने अपनी बीवी से कंप्यूटर साफ करने से धुल साफ करने के लिए उसकी हेयर द्र्येर लेन को बोला. जैसे ही मेरी बीवी कमरे के बहार गयी, मैंने प्रिया से बोला की आपका वर्ड फाइल सब उसी फोल्डर में है और आपके कंप्यूटर में कुछ तस्बीर भी थी और मैंने उनको भी आपके कंप्यूटर में फिर से कॉपी कर दिया है. फिर मैंने उसके कंप्यूटर पर वो तस्बीर की फाइल खोल दिया. वो उन तस्बीरों को देख कर बहुत हैरान हो गयी और तब मैंने उससे कहा की आपका कोल्लेक्शन बहुत ही अच्छा है, खास कर कहानियो की कोल्लेक्शन. मैंने आपके कंप्यूटर से आपका कोल्लेक्शन मैंने अपने कंप्यूटर पर कॉपी कर लिया है. आशा है की आप बुरा नही मानेगे. मेरे इन सब बैटन को सुन कर वो बहुत ही शर्मा गयी और मेरे से
नज़ारे चुरा नेलगी और अपनी नज़र को झुकाते हुए बोली, “प्लेअसे एह बात आप किसी से भी नही कहेयेगा.” उसकी जुबान कुछ लार्खारा रही थी. मैंने उससे कहा, “आप बिल्कुल मत घबरिये. मेरे पास ऐसे बहुत सी तस्बीर और कहानिया है और उनमे से मैंने कुछ आपकी कंप्यूटर में कॉपी कर दिया है.” फिर मैंने उसको अपने कंप्यूटर स्क्रीन पर देखने को कहा. तब प्रिया बोली, “प्लेअसे वो (मेरी बीवी) आ रही है, कोम्पुतीर को बंद कर दीजिये.” फिर मैंने कंप्यूटर को धूल हेयर द्र्येर से साफ कर दिया और वो अपनी कंप्यूटर लेके चली गयी. लेकिन उसके जाने से पहले मैंने उसको धीरे से कहा दिया की. “क्या हमलोग अपने कोल्लेक्शन का अदन प्रदान कर सकते हैं? मुझको कहानिया चाहिए और मई आपको तस्बीर दूंगा.” वो कुछ बोली नही और चली गयी.

उसके बाद हमारे घर पर करीब एक हफ्ते तक नही आयी. करीब एक हफ्ते के बाद वोहुमारे घर पर आयी. मैंने दरवाजा खोला, लेकिन वो मुझसे बिना नज़ारे मिलाये अन्दर चली गयी और मेरी बीवी के पास बैठ कर उससे बातें करने लगी. कुछ देर के बाद मेरी बीवी मेरे कमरे में आयी और बोली, “प्रिया कह रही है की उसको वगा ड्राईवर की फाइल चाहिए और उसने अपनी एक फ्लोप्प्य दिया है फाइल कॉपी कर देने के लिए” और मेरी बीवी ने हमको एक्फ्लोप्प्य दिया. मई फ़ौरन बात समझ गया और बोला, “उसको रुकने के लिए बोलो और अमी अभी फाइल कॉपी कर देता हूँ.” जैसे ही मेरी बीवी बहार गयी, मैंने फ्लोप्प्य को अपने कंप्यूटर से खोला और पाया की उसमे कुछ हिन्दी यों कथा की कहानिया है. मैंने उन कहानियो को अपने कंप्यूटर पर कॉपी कर लिया और मेरे कंप्यूटर पर से कुछ तस्बीर की फाइल प्रिया की फ्लोप्प्य पर भी कॉपी कर दिया. उसके बाद मैंने एक टेक्स्ट फाइल उसके फ्लोप्प्य में बना कर लिखा, “धन्यवाद, मैंने आपकी कहानिया परही. कहानिया बहुत ही अच्छे और सेक्सी थे. आपको तस्बीरें कैसी लगी?” फिर मई मई
उसके पास गया और उसको फ्लोप्प्य दे दिया. वो मेरी तरफ न देखते हुए मुस्कुरा कर मेरे से अपनी फ्लोप्प्य ले ली. इसके बाद बहुत दिनों तक वो हमारे घर पर नही आयी. मेरी बीवी ने मुझसे बोली की प्रिया को फ्लू हो गया है और वो छुट्टी में है. फिर एक दिन सुबह फोन पर हमारे ससुराल में किसी की मरने ख़बर मिला. मेरे ऑफिस में कम के वजह से मुझको छुटी नही मिल सका तो हमलोगों ने एह तै किया की मेरी बीवी अपने बच्चों के साथ अपने मइके चली जायेगी. मई उसी सुबह बीवी और बच्चों को एअरपोर्ट चोरने चला गया और उनके जाने के बाद मई घर वापिस आ गया. हमलोग को सुबह सुबह जाते समय प्रिया ने देख लिया था और जैसे ही हम घर वापस आए वोहुमारे घर पर पुच टाच करने आ गयी.
मैंने दरवाजा खोला और मुझको देखते ही वो शर्मा गयी और अपनी चुन्नी को सर रख लिया. मैंने उसको हेल्लो बोल कर अन्दर आने के लिए बोला. अपने खली घर में प्रिया को अकेली देख कर मेरा लुंड धीरे धीरे खरा होना शुरू हो गया. प्रिये ने मेरी बीवी के बारे में पुची तो मैंने उसको साडी बता बता दी. मेरी बात सुन कर और एह जन कर मेरी बीवी घर पर नही है, वो घबरा गयी और मुझसे बोली, “मई फिर औंगी.” फिर उसने मुझको एक फ्लोप्प्य देकर बहर जाने के लिए मुरी. “सुनिए, मुझे इस फ्लोप्प्य से आपकी फाइल मई अभी कॉपी कर लेता हूँ और आपको भी अपने कंप्यूटर से कुछ फाइल कॉपी कर देता हूँ,” मैंने उससे बोला. “मई बाद में ले लूंगी” उसने बोली. मई एह मौका चूकना नही चाहता था और उससे पुचा, “आप मुझसे डरती हैं क्या?” “न न नही, असल में मुझे घर में कुछ कम करना है,” उसने कही. अब तक सुबह के सरे नौ बज चुके थे और मुझको पता था की उसकी पति और बचा अपने अपने ऑफिस और स्कूल जा चके हैं. “मुझे मालूम है की घर पर कोई कम नही है और आप मुझसे
डर रही हैं,” मैंने उससे बोला लेकिन उसने कोई उत्तर नही दिया और अपनी चेहरा दुसरी तरफ घुमा कर हमसे नज़ारे चुराने लगी. “आपके आने के पहले मई ची बना रहा था. चलिए हमलोग साथ बैठ कर ची पिटे हैं और मई फिल्स को कॉपी कर लेट हूँ,” और उसके कुछ कहने के पहले मैंने घर का दरवाजा बंद कर दिया और उससे बोला, “आयी बैठेये हम ची लेट हैं और फिर हम मिल कर ची पिटे हैं.”
अबतक मई एह समझ गया था की उसको मेरे साथ रहना पसंद है. मई प्रिया को हमारे कमरे में लाया और अपना कंप्यूटर को चालू कर दिया. मैंने उसकी फ्लोप्प्य को अपने कंप्यूटर में चराया और उसमे से कहानिया कॉपी करने लगा. मई उसको एक चेयर दिया और बैठने के लिया कहा. वो कुर्सी पर बैठ गयी. मैंने अपने कंप्यूटर पर अपनी क्स्क्स्क्स कोल्लेक्शन निकला और उससे बोला, “मई ची लेन जा रहा हूँ, तब तक आप अपनी पसंद की फाइल पाने फ्लोप्प्य में कॉपी कर लीजिये.” वो शर्मा कर अपनी सर हिला कर अपनी सहमती जताई.

मई कमरे के बहार से निकल कर कित्चें में गया और २ कप ची बनने लगा. जब मई ची बना कर वापस आया वो मेरे कंप्यूटर से पिक्चर कॉपी कर रही थी और कोमुप्टर स्क्रीन पर तस्बीर लगी थी. वो जैसे ही हमको देखि उसने जल्दी से तस्बीर बंद करना चाह. चुकी तस्बीर की कॉपी चल रही थी इसलिए तस्बीर बंद न हुई.
वो घबरा गयी और शर्म के मरे फ़ौरन अपने हाथ से अपना चेहरा धक् लिया और और चेरे को दोनों घुटने के बिच छुपा लुया. मई आगे बढ़ कर ची मेज पर रखा और उसके कंधो को पाकर कर उसको कुर्सी से उठाया. वो जोर लगा कर हमारे हाथ हटाना चाहती थी, लेकिन मई भी जोर लगा कर उसको कुर्सी से उठा लिया. वो मेरे सामने अपने हाथों से चेहरा छुपी खरी हो गयी. मई उसको खींच कर अपने पास ले आया और उसको अपने बाँहों में भर लिया. मैंने उसको अपने बाँहों में जाकर कर हाथों को केता गया. उसकी शरीर कंप रही थी और उसकी सांसे उखर रही थी. मिअने उसके गर्दन और कण के पीछे चुम्मा दिया और उसके कण पर मुह लगा कर धीरे से बोला, “प्रिया तुम बहुत ही सुंदर हो. क्या तुम्हे मालूम है की मई हमेशा तुम्हारे बारे में ही सोचता हूँ? तुम मेरे सपनो में हमेशा आती हो और तुम ही मेरे सपनो की रानी हो, मई तुमसे प्यार करता हूँ.” इसके साथ मई उसके कण को अपने जीव से चाटना शुरू कर दिया और वो मेरे बाँहों में खरी खरी कंप रही थी. मई उसके चहरे को
अपने हाथों से उप्पेर किया और ओके चहरे से उसकी हाथों को हटाया. वो बहुत शर्मा रही थी, उसके आंख बंद थे और उसकी होंठ आधे खुले थे. मई अपना होंठ उसके होंठों पर रख दिया और उसके मुह में अपना जीव दल दिया और उसको फिर से अपने बाँहों में भर कर भींच लिया. वो अपने चहरे से अपनी हाथों को हटा कर मेरे को जाकर लिया और अपनी जीव मेरे मुह में दल दिया. मई अपना दायां हाथ उसके चुतारों पर ले गा कर उसको मेरे और पास कींच लिया. मेरे लुंड अब तक पुरी तरह से तन्ना गया था और उसकी जांघों के अन्दर घुसना चाह रहा था. वो मेरे जीव को अपने दातों टेल हल्का सा कट लिया और अपने होंठ मेरे होंतो से हटा कर मेरे गर्दन पर कट लिया और कम्प्ती हुए आवाज में बोली, “अगर तुम्हारे बीवी को एह बात चल गे तो?” मई उसके गालो को चुमते हुए बोला, “हमलोग एह बात किसी से भी नही कहेंगे, प्रिया मई तुमको दिल से प्यार करता हूँ.” मई अब फिर से उसके मुह में अपना जीव दल दिया और वो मेरे जीव को चूसने लगी. थोरी देर मेरे जीव को चूसने के बाद वो मुझसे बोली,
“हाँ, मई भी तुमको अपने दिल से प्यार करती हूँ.”
“तुम मुझसे क्यों डरती हो” मैंने उससे पुचा. “मुझे मौल्म नही” उसने उत्तर दिया. मई अपना दायां हाथ उसके चुन्ची पर रखते हुए बोला, “मुझे मालूम है, तुम मुझसे क्यों डरती हो. तुम्हे डर इस बात का है मई तुमको छोड़ दूंगा.” मई कुछ चुप रहने के बाद उससे बोला, “क्या मई सही बोल रहा हूँ?” वो एक लम्बी साँस लेने के बाद अपना सर हिला हाँ बोली. “क्या मई तुमको छोड़ सकता हूँ?” मैंने उससे बोला और उसकी चुन्ची को जोर से दबा दिया. वो एक सिसकारी मार्के मुझसे बोली, “नही तुम मुझको नही छोड़ सकते.” मई उसकी चुंचे और जोर से दबा कर पुचा, “क्यों? मई क्यों नही तुम्हे छोड़ सकता?” प्रिया ने तब मेरे कण अपने मुह में ले कर हलके दंत लगाया और धीरे से बोली, “जरा धीरे से दबाना, मुझको दर्द हो रहा है.” “मई तुम्हे क्यों नही छोड़ सकता?” मैंने फिरे से पुचा.” “क्योंकि तुम मेरे पति नही हो, सिर्फ़ पति ही अपनी बीवी को छोड़ सकता है,” वो अपने सेक्सी आवाज में मुझसे बोली. मई अपना हाथ उसके ब्लौसे के ले जा कर उसके चुन्ची को पाकर कर मसलना शुरू किया. उसकी
चुन्ची बहुत सख्त थी और उसकी निप्प्ले खरी खरी थी. “है मेरी जन! पयार करने वाले शादी के बिना भी चुदाई कर सकते हैं,” मैंने उसकी चुन्ची मसलते हुए बोला. “लेकिन एह पाप है” उसने उत्तर दिया.

मई उसकी निप्प्ले अपने उंगली के बिच ले कर मसलते हुए बोला, “एह पाप करने में बहुत मज़ा है, मेरी जन प्लेअसे मुझे छोड़ने दो. प्लेअसे छोड़ने दो न” और मई उसकी चुन्ची को कास कर दबाते हुए उसकी होठों को पागलों की तरह चूमने लगा. उसने कोई उत्तर दी बजे मेरे मुह में अपनी जीव दल दी. मई उसकी जीव को थोरी देर के लिए चूसा और फिर बोला, “प्रिया मेरा लुंड को अपने हाथों में पाकर कर देखो की वो कैसे तुम्हारे छूट में घुसने के लिए पागल हो रहा है” और इतना कहने के बाद मैंने अपना पैंट उतर दिया. पहले तो प्रिया कुछ सकपकाई लेकिन थोरी देर के बाद उसने मेरा लुंड को अपने हाथों से पाकर लिया. वो जैसे मेरा लुंड अपने हाथों से पाकर, उसकी कंप कम्पी छुट गयी और मुझको अपने दुसरे हाथ से बंधते हुए बोली, “एह तो बहुत ही लुम्बा और मोटा लुंड है. मई अब
तक इतना बार और मोटा लुंड नही एख है.” वो मेरे लुंड अपने एक हाथ से पाकर कर मरोरने लगी और फिर धीरे से बोली, “मेरी छूट भी इस लुंड की लिए बेकरार है. अब जल्दी से मुझको छोड़ो.” फिर उसने मेरे लुंड पर से अपनी हाथ हटा कर मेरा शर्ट उतरना शुरू कर दिया. मैंने उसको मेरी शर्ट उतरने में मदद दिया. फिर उसने मेरा पन्त और उस्देर्वेअर भी उतर कर मुझको पुरी तरह से नंगा कर दिया. तब मैंने उसकी ब्लौसे और ब्रा उतर दिया और उसकी चुन्ची को नंगी कर दिया. फिर मैंने उसकी सारी और पेट्तिकोअत और पैंटी भी उतर दिया. अब वो भी मेरे सामने पुरी तरह से नंगी खरी थी. उसने मेरे लुंड को फिर से अपने हाथों से पाकर लिया और मेरे लुंड अपनी छूट की तरफ़ किच्नी लगी. मई भी अब इसकी छूट को अपने हाथों में ले कर मसलने लगा. उसकी छूट पर झांटे बहुत ही सुंदर तरीके से बनी हुई थी और इस समय उसकी छूट में से हलकी हलकी लिस लिसा सा पानी निकल रहा था. मई उसकी हूट में पानी दो उंगली एक साथ दल दिया और उंगली उसकी छूट के अन्दर बहार
करने लगा. मेरे उंगली की चुदाई से वो बहुत ही गर्न गयी और बर्बराने लगी, “है, मेरे रजा, मेरे छूट को तुम्हारा लुंड की जरूरत है. तुम अपनी उंगली मेरे छूट से हटा कर उसमे अपना लुंड घुसेर दो. मेरे छोट को अपना लुंड से भर दो.
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मई चुदास के मरे मारी जा रही हूँ. जल्दी से मुझको बिस्टर पर दल, मेरे पैरों को अपने कन्धों पर रख कर मेरी छूट की चुदाई कर दो. जल्दे से मुझको अपना लुंड मेरी छूट को खिलाओ और रगर कर छोड़ो मुझे.”मई उसकी चुतर पर हाथ रख कर उसको अपने बाँहों में उठा लिया और उसको बिस्टर पर दल दिया. बिस्टर पर डालने के बाद मई उसकी एक चुन्ची को अपने मुह में भर कर चुसना शुरू किया और दुसरी चुन्ची को अपने हाथों से मसलने लगा. प्रिया तब मेरे चहरे को अपने हाथों से अपने चुन्ची पर दबाने लगी. मई करीब १०-१५ मिनुतेस तक उसकी चुन्ची चुस्त रहा और इस दौरान प्रिया मेरे से उसकी छूट में लुंड डालने को कहती रही. फिर मई धीरे धीरे उसकी पेट कहते हुए उसकी छूट पर अपना मुह ले गया. प्रिया अपने छूट पर मेरा मुह जाते ही अपनी टांगो को फिला कर पाने हाथों से पाकर लिया. मई उसकी छूट की चुम्मा लेने लगा. फिर मई उसकी छूट पर अपना जीव घुसा कर उसकी छूट चूसने लगा. उसकी छूट के अन्दर मेरा जीव घुसते ही उसने मेरे चहरे को अपनी छूट पर दबा लिए और अपनी कमर उठा उठा कर अपनी छूट हमसे चुस्वाने लगी. फिर थोरी देर के बाद वो मुझसे बोली, “जल्दी से तुम ६९ पोसिशन में लेटो, मुझको भी तुम्हारा लुंड चुसना है.” एह सुन कर मई उससे बोला, “एह तोबहुत ही अच्छी बात है, लो मई अभी तुमको मेरा लुंड चूसने के लिए देता हूँ,” और मई तुंरत ही ६९ पोसिशन में उसके उपर लेट गया. अब मेरे आँखों के सामने उसकी चमकती हुए छूट बिल्कुल खुली हुई थी. मैंने अपना जीव उसके छूट के अन्दर तक घुसेर दिया और उसकी छूट से निकल रही मीठा मीठा रूस को अपने जीव से चूस चूस कर पिने लगा. उधर प्रिया भी मेरे लुंड को अपने रसीली होठों में भर कर चूस रही थी. मैंने अपना कमर को हिला करापना पुरा का पुरा खरा लुंड उसके मुह में घुसेर दिया. थोरी देर तक मई उसकी छूट को अन्दर और बहार से छठा और चूसा. अपनी छूट चुसी से प्रिया की छूट दो बार चोर चुकी थे जिसको मई बारे ही चब से चाट चाट कर पी गया. इस समय प्रिया एक खेली खाई रंडी की तरह से मेरा लुंड अपने मुंह में भर कर चूस रही थी और मई भी अपना कमर हिला कर अपना लुंड उसको चुसवा रहा था. हम लोग इसी तरह काफी देर तक एक दुसरे का छूट और छूट को चूसते रहे.

फिर मुझे लगा की मेरा पानी कह्टने वाला है और एह बात मैंने प्रिया सेबताया और कहा की मेरा लुंड अपने मुंह से नक़ल दो. लेकिन उसने मेरे चुतर को जर डर तरीके से पाकर लिया और मेरे लुंड अपने दातों से हलके हलके काटने लगी. इस से मेरा गर्मी और बढ़ गया और जिस समय मेरा लुंड उसकी मुंह के अन्दर था उसने उलटी कर दिया और उसकी मुंह को अपने पानी से भर दिया. वो मेरा लुंड अपने मुंह से बिना निकले ही मेरा लुंड का पानी पी गयी और मेरा लुंड को अपने जीव से चाट चाट कर साफ कर दिया.

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