बड़े कातिल हो देवर जी

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लेखक : अंशुल कुमार
मैं अंशुल 21 साल का हूँ, मेरठ में रहता हूँ। मैं अन्तर्वासना पर काफी समय से कहानी पढ़ रहा हूँ इसलिए सोचा कि इस बार अपनी भी कोई कहानी भेजूँ ! यह बिल्कुल सच्ची कहानी है।
मैं आपको अपनी भाभी यानि अपने सामान के बारे बताने जा रहा हूँ कि कैसे मैंने उनको चोद कर मजे लूटे हैं। मेरी भाभी का नाम स्नेहा है, उनकी उम्र अब लगभग 29 होगी। वो मेरे पड़ोस में अलग घर में रहती हैं।
हाँ तो अब मैं आपको ज्यादा नहीं बोर करूँगा, कहानी की शुरुआत इस तरह होती है कि मेरे भैया को तीन दिनों के टूर पर जाना पड़ा। भैया मुझे भाभी के साथ घर पर रहने के लिए कह कर चले गए।
मैंने भाभी को पहले कभी बुरी नजर से नहीं देखा था, हम दोनों का दोस्ताना व्यवहार तो पहले से ही था। मेरा कुछ दिन पहले ही मेरी गर्लफ्रेंड के साथ ब्रेकअप हुआ था तो अब मेरी निगाहें किसी माल को तलाश रही थी तो मेरी नजर मेरी ही भाभी पर पड़ गई। आप लोग विश्वास नहीं करोंगे, वो काफी सुन्दर हैं बिल्कुल कैटरीना कैफ़ की तरह, फिगर भी 36-30-36, मैंने भाभी को बुरी नज़र से देखा नहीं था पर वो मुझे काफी पसंद करती थी क्यूँकि कम मैं भी नहीं हूँ, मैं काफी स्मार्ट हूँ ! यह बात मैं नहीं मेरी गर्लफ़्रेंड्स मुझे बताती हैं।
तो रात का वक्त था, वो नाइटी पहन कर सोती हैं, पहली रात को ही हम दोनों बेड पर बैठ कर टी.वी. देख रहे थे, टीवी देखते देखते मुझे नींद आ गई, मेरी आँख लग गई, भाभी भी एक दो मिनट बाद टीवी देखते देखते वहीं पर ही सो गई।
फिर कुछ देज बाद मुझे लगा कि मैं कहाँ सो गया हूँ, और उठ कर देखता हूँ कि टीवी चल रहा है।
मैं उठ कर जैसे ही टीवी ऑफ करने के लिए जाता हूँ तो टीवी की लाइट में मुझे भाभी की नाईटी दिखाई देती है जो घुटनों तक एक साइड से उठी हुई होती है, एकदम गोरी टांग देख कर मेरे अन्दर का शैतान जाग जाता है और मेरी हवस बढ़ जाती है, मेरा लंड एकदम तन जाता है और मैं टीवी ऑफ करके वहीं पर जाकर लेट जाता हूँ।
नींद तो उड़ चुकी थी, अब तो बस भाभी का जिस्म ही नजर आ रहा था। मेरी हिम्मत बढ़ने लगती है और मैं धीरे से एक हाथ उनके पेट पर रख देता हूँ ताकि उनको ऐसा लगे कि यह गलती से रखा गया है। वो नींद में होती हैं, फ़िर धीरे धीरे मैं अपना हाथ आगे बढ़ाता हूँ और उनकी चूचियों पर रख कर धीरे धीरे फेरने लगता हूँ।
फिर मैं वापस अपना हाथ उनके पेट पर लेकर आता हूँ और अपनी एक उंगली से उनके पेट पर एस s बनाता रहता हूँ ताकि मेरे द्वारा किये जा रहे इस फोरप्ले से वो बेकरार हो जायें।
फिर मैं धीरे से उनकी नायटी को और ऊपर करता हूँ और जाघों तक ले आता हूँ। उस नंगे बदन को देख कर मेरा लंड तड़प उठता है। फिर मैं उसको इतने ऊपर ले आता हूँ कि उनकी चूत मुझे साफ़ नजर आने लगती है। अब उनका नीचे का सारा जिस्म बिल्कुल नंगा था। मैं फिर वो ही तरीका अपनाता हूँ और फिर अपना हाथ उनकी जांघ पर रख देता हूँ ताकि उनको ऐसा लगे कि गलती से रखा गया है और जांघों पर रख कर उंगलियाँ चलने लगता हूँ !
उनके शरीर में सनसनाहट होने लगती है, फिर जैसे ही मैं अपना हाथ उनकी चूत पर ले जाने को आगे बढ़ाता हूँ, वो पलट जाती है और मुझसे दूर हट जाती है और कुछ नींद में कुछ बडबबड़ाती है ताकि मुझको ऐसा लगे कि वो जाग गई हैं।
उनकी इस हरकत से मेरे हाथ पैर फ़ूल जाते हैं और मैं चुपचाप लेट जाता हूँ।
अब किस को नींद आने वाली थी, अब तो बस यही डर था कि ये भैया को बता देंगी और फिर मेरी अच्छी खासी लगेगी।
लेकिन अचानक कुछ मिनट के बाद उनका एक पैर मुझे आकर लगता है, लेकिन मैं उसको समझ नहीं पाता, फिर वो वापस पलट कर मेरे पास आ जाती हैं, मैं बिल्कुल सीधा लेटा हुआ था तो वो एक पैर मेरे दोनों पैरों के ऊपर रख देती हैं।
बस मेरे लिए इतना ही इशारा काफी था और मैं फिर हिम्मत करके अपना हाथ उनकी जांघ पर रख देता हूँ और उसको सहलाना शुरु कर देता हूँ, फिर मैं धीरे से उनके स्तनों को नाइटी में से बाहर निकालता हूँ और दबाने लगता हूँ।
उनकी चूची देख कर मैं हैरान रह जाता हूँ कि क्या जबरदस्त चूची पाई है भाभी ने !मैं उनको काफी जोर जोर से दबाता हूँ, फिर मैं उनकी चूत पर हाथ रखता हूँ, उनकी चूत अब तक काफी गीली हो चुकी थी, बिल्कुल चिकनी थी।
मैं उनको तब तक किस नहीं करता जब तक कि वो मेरे लिए बिलकुल पागल न हो जायें। फिर मैं उनसे कहता हूँ कि अब रहा नहीं जाता, आँखें खोल लो ना !
और वो बड़ी प्यारी सी मुस्कान के साथ अपनी आँखें खोल कर कहती है- देवर जी, आप तो बड़ी कातिल चीज हो ! लो आज से तुम्हारी यह भाभी गुलाम हो गई !
और हवस भरी आँखों से मेरे होंठों पर चुम्बन करना शुरु करती हैं, मुझसे चिपट जाती हैं और मेरे होठों को अपने दांतों से दबा दबा कर चूसती हैं।
वो किस मेरी लाइफ का सबसे प्यारा और लम्बा किस था !
हम दोनों इतनी बुरी तरह एक दूसरे को चाट रहे थे कि पसीने पसीने हो गये थे। मैं उनकी नाईटी को उतार कर फैंक देता हूँ, वो मुझे चूमते हुए मेरा शर्ट उतारना शुरु करती हैं और फिर मेरे लोअर में तने हुए लंड को झट से पकड़ लेती हैं और अपने हाथों में लेकर ऊपर से ही रगड़ना शुरु कर देती हैं। मैं तुरंत अपना लोअर निकाल कर फैंक देता हूँ !
अब हम दोनों बिल्कुल नंगे बस एक दूसरे को चाट रहे थे, वो मेरा सात इंच लम्बा और ढाई इंच मोटा लंड देख कर बोलती हैं कि आज तो तुम मेरी चूत को फाड़ डालोगे !
मैं उनसे दूर हटा और 69 की स्थिति में भाभी के ऊपर आ गया और उनकी चूत को चाटने लगा। भाभी भी मेरा लंड भूखी शेरनी की तरह चाट रही थी, उनको चूत चटवाने में इतना मजा आ रहा था कि वो मेरे मुँह पर बैठ कर धक्के मारने लगी और ऊ ओह्ह्ह्हा आआअ करने लगी।
उनकी चूत से पानी बाहर निकल रहा था, थोड़ी देर बाद तक ऐसे ही मज़ा लेने के बाद मैं सीधा होकर उनके ऊपर लेट गया, भाभी ने अपनी टाँगें फैला दी और मेरे फड़फ़ड़ाते हुए लण्ड को पकड़ कर सुपारा चूत के मुँह पर रख लिया। उनकी चूत की दीवारों का स्पर्श मुझे पागल बना रहा था।
फिर भाभी ने मुझसे बोली- जानू, अब तो चोद दो ! क्यूँ इतना तड़पा रहे हो?
मैंने कहा- मेरी भाभी रानी, अब चुदवाने के लिए तयार हो जा ! आज तेरी चूत को फाड़ कर ही छोड़ूँगा।
उसकी चूत काफी कसी थी, शुरू शुरू में मुझे अपना लंड उसकी चूत में घुसाने में काफी परेशानी हुई, मैं जब जोर लगा कर लंड अन्दर बाड़ना चाह रहा था तो उसको काफी दर्द हो रहा था लेकिन पहले से उंगली से चुदवा कर उनकी चूत काफी गीली हो गई थी। भाभी भी हाथ से लंड को निशाने पर लगा कर रास्ता दिखा रही थी और रास्ता मिलते ही मेरा एक ही धक्के में सुपारा अन्दर चला गया।
इससे पहले कि भाभी संभल पाती, मैंने दूसरा धक्का लगाया और पूरा का पूरा लण्ड मक्खन जैसी चूत की जन्नत में दाखिल हो गया। भाभी चिल्लाई- उईई ईईईइ ईईइ माआआ उहुहुह्ह्ह्हह ओह अंश, ऐसे ही, कुछ देर हिलना डुलना नहीं ! हाय, बड़े जालिम हो ! और तुम्हारा लंड ! मार ही डाला मुझे तुमने देवर जानू !
भाभी को काफी दर्द हो रहा था, मेरा लण्ड धीरे धीरे उनकी चूत में अन्दर-बाहर होने लगा। फिर मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और तेजी से लण्ड अन्दर-बाहर करने लगा। भाभी को पूरी मस्ती आ रही थी और वो नीचे से कमर उठा उठा कर हर शोट का जवाब देने लगी। उनका सारा बदन हिल रहा था और सांसें तेज़ तेज़ चल रही थी। भाभी की चूचियाँ तेज़ी से ऊपर नीचे हो रही थी।
मुझसे रहा नहीं गया, हाथ बढ़ा कर दोनों चूचियों को पकड़ लिया और जोर जोर से मसलने लगा।
जैसे जैसे वो झड़ने के करीब आ रही थी, मैंने अपनी रफ़्तार और बढ़ा दी, कमरे में पच पच की आवाज गूंज रही थी। जब उनकी साँस फूल गई तो भाभी अपनी कमर हिला कर, चूतड़ उठा उठा कर चुदा रही थी और बोले जा रही थी- अह्ह्ह आःह्ह्ह उन्ह्ह्हह
ऊओह ऊह हाआन हाआई मेरे अंश ! माअर गयये रीई जान चओदो रे चऊओदऊई ईई मीईईरीईइ माआअ,फट गयीई रीईई आज तो मेरी चूत अह्ह उहह्ह क्या जन्नत का मज़ाआअ दिखायाआ तुमने। मेरा तो दम निकाल दिया तुमने तो आज ! बड़ा जालिम है रे तेरा लौड़ा !
मैं भी बोल रहा था- ले मेरीई रानी, ले मेरा लौड़ा अपनी फ़ुद्दी में। बड़ा तड़पाया है तूने मुझे। ले ले ले मेरी भाभी यह लंड अब्ब तेरा ही है।
उन्होंने मुझे कस के पकड़ लिया और अपना पानी छोड़ दिया, मैं तेज़ी से उनको चोदे जा रहा था, अब मेरा भी पानी छुटने वाला था तो मैंने उनकी टांगों को बिल्कुल ऊपर कर दिया और बड़ी तेज़ी के साथ अपना सारा पानी उनकी चूत में छोड़ दिया और मैं हांफते हुए उनके वक्ष पर सर रख कर कस के चिपक कर लेट गया।
यह मेरी पहली चुदाई थी इसलिए मुझे काफी थकान महसूस हो रही थी। मैं भाभी के सीने पर सर रख कर सो गया। भाभी भी एक हाथ से मेरे सर को धीरे धीरे से सहलाते हुए दूसरे हाथ से मेरी पीठ सहला रही थी और मुझे पागलों की तरह किस कर रही थी।
इस तरह हम दोनों ने काफी चुदाई की जो अभी तक जारी है…
इस तरह चुदाई की मेरी पहली कहानी खत्म होती है। आपको कैसी लगी, मुझे जरूर बताना !

1 Comment

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