पहला नशा पहला मज़ा (Pahla Nasa Pahla Maja)

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मैने ईसे पहले कि कै सतोरिएस आप तक पहुनचा चुकि हून। येह मेरि फ़रिएनद निना कि त्रुए सतोरी है। उसि कि ज़ुबनि सुने।

हमरे मकन मेन कोइ ना कोइ किरयेदर रहा करता था। इस बार मकन के ऊपरि परत को पपा ने एक मदरसि को दिया था। वह रैलवय मैन गुअरद था। मुम्मी और पपा को उस्से बहुत सहनुभुति थि कयोनकि उसकि बिवि कि देअथ हो चुकि और उसने बछो कि वजह से दूसरि शदि नहि कि थि। उसकि केवल दो लदकियन थि। बदि लदकि 18 येअर कि सरिता थि और छोति लदकि 15 येअर कि निना थि। निना मेरि उमर कि इसलिये मेरि उस्से फ़रिएनदशिप हो गयि थि और निना कि तरह सरिता को मेन भि दिदि कहति थि। दोनो बहने खूबसुरत थि पर रनग कला था। जब उनके पपा बहर दुती पर होते तु दोनो नीचे हि रहति पर जब उनसले आ जते तु दोनो नीचे झनकति भि ना थि।

3 मोनथस हो चुके थे, मैन और निना एक हि सलस्स मैन थि। हुमदोनो साथ हि सचूल आते जाते थे। निना मुझसे ज़यदा जवन लगति थि। उसकि चूचियन भि मुझसे बदि थि। सचूल मेन जब लदके हमे छेदते थे तु मैन शरमा जति थि वहि निना चनचल हो जति थि और इथलने लगति थि। निना मुझे चलक नज़र आति थि, वह बनति सनवरति भि खूब थि। इस बीच उसके पपा आये तु दोनो का दिखना मुहाल हो गया। निना मुझसे एनगलिश कि बूक ले गयि थि, मैन उसे लेने के लिये ऊपर गयि। उनके कमरे कि एक खिदकि खुलि थि जो रासते मैन थि। मेरि नज़र उस्से अनदर चलि गयि तु अनदर का नज़रा देखकर दनग रह गयि, कलेजा धक-धक करने लगा। पूरि बोदी मैन सुर्रेनत बहने लगा। ऐसा ससेने देखकर मुझे वपस हो जना चहिये था पर मेरे पैर वहि जम गये। दोबरा अनदर देखा तु तीनो को बिना कपदे के देखकर सनसना गयि। बाप भि ननगा था और दोनो बेतिया भि ननगि थि। दोनो ननगि होकर बाप के अगल-बगल बैथकर अपनि एक एक चूचियोन को दबवा रहि थि। दोनो को सगे बाप से चूचियोन को दबवते देखकर मुझे अजीब तु लगा पर मज़ा भि आया।

फ़िलहल किसि को भि मेरे आने का पता नहि चला था। सगे बाप के साथ दोनो बहनो को गनदि हरकते करते देखकर मुझे अजीब सा मज़ा आया और मेरि चूत मैन सनसनहत होने लगि। मैन वपस आयि पर दोनो को ननगि चूचियोन को दबवते देखने मैन मज़ा आया था इसलिये फ़िर विनदोव पर जा अनदर देखा तु और मज़ा आया। रूम मैन छोति वलि निना बैथकर अपनि बदि बहन कि जवन कलि चूत पर अपनि जीभ चला रहि थि और बदि वलि सरिता अपनि बदि बदि चूचियोन को हाथ से उचकये थि जिसे उसका बाप अपने मुनह से चूस रहा था। निना बदे पयार से अपनि दिदि कि चूत को ऐसे चात रहि थि जैसे कुत्ता कुतिया कि चातता है। सरिता और निना कि मसति देखकर मेरा मन्न भि बेकरर हो गया। मेरि चूत मैन चीतियन रैनगने लगि। 15 साल कि हो चुकि थि, भले कभि चुदवया नहि था पर चुदै के बरे मैन जानति थि।

जब वह चूचि चूसता तु सरिता तदप कर कहति, “हये पपा ! अब मेरि शदि कर दिजिये। हये पपा आप चोद नहि पते तु किसि जवन लदके से हमको चुदवा दिजिये। अब उनगलि से मज़ा नहि आता।” “कया बतये बेति मेरा लुनद अब खदा नहि होता वरना हुम तुमको खूब चोदते” और एक निप्पले को अपने लिपस मैन ले चुभलने लगा और दूसरे हाथ से उसकि चूत फैलकर निना को चतवने लगा। इस मज़े को पा वह और भि बेचैन होकर बोलि, “हये पपा मर जौनगि। आप आग लगा देते हैन।” “घबरओ नहि बेति! आज रात किसि ना किसि को ज़रूर लयेनगे, आज रात किसि से तुम दोनो को चुदवयेनगे।” और उसके बाद उसने अपनि जवन लदकि कि चूत मैन अपना अनगूथा कचक से घुसेद दिया।

20-25 बार बदि लदकि कि चूत को उसने फ़िनगेर फ़ुसक किया तु वह एकदम से मसत होकर बोलि, “हये पपा!” उसने अपने अनगूथे (थुमब) को सक्क से बहर किया तु सरिता झुक कर अपनि चूत देखति बोलि, “निकला पपा।” छोति वलि निना जु मेरि सहेलि थि, जलदि से खदि हुयि और अपनि कलि रानो के बीच कि कलि चूत पर हाथ रखकर बोलि, “अब हुमको मज़ा दिजिये पपा।”

सरिता वहा से हथकर ननगि हि बेद पर लैत गयि। अब बाप के समने मसत होकर ननगि खदि छोति वलि निना कि चूत और चूचियन हुमको साफ़ दिख रहि थि। अनगूथे से जवन चूत को कच कच चुदवने के बाद सरिता तु झदकर बेद पर लैत गयि थि पर छोति वलि मैन अभि भरपूर मसति थि। यह सब देखने और सुन्ने से मेरे बदन मैन भि हलचल मच गयि थि। मेरि चूत के हूनथ भि फरफरने लगे थे। तभि निना कि हरकत ने और तदपा दिया। वह अपनि चूत को अपने हाथ से फैलकर बोलि, “चातो पपा! बदा मज़ा आता है। हुमको भि दिदि कि तरह चुदवकर मज़ा दो पपा।” अपनि छोति लदकि कि बात पर वह अपने मुनह को उसकि रानो के बीच ले गया और उसकि चूत को चात चात कर उसको मज़ा देने लगा। निना अपने हूनथो को भीचकर चूत कि फनक को थेक से फैलकर चूत को बाप कि जीभ पर रगदकर कह रहि थि, “हये पपा बहुत मज़ा आ रहा है। और छतो पपा। दिदि से चतवने मैन इतना मज़ा नहि आता जितना आप से। ओह पपा मैन भि दिदि के साथ रात मैन लदके से चुदवौनगि।” इस पर वह निना कि 15 साल कि गदरयि कलि चूत को तेज़ि से चातने लगा। वह जिस मसति से चतवा रहि थि उस्से मेरे पूरे बदन मैन आग लग गयि। मुझे यकीन हो गया था कि निना को अपने बाप के साथ बहुत मज़ा आ रहा है।

पहले जहा उनको ननगा देखकर आशचरया हुवा था वहि अब मेरा मन्न भि इस मज़े के लिये बेहाल हो गया था। मेरि सानसे भारि हो गयि थि और चूचियन हरद हो गयि थि। उसके बाप का झानतो से भरा लुनद हमे साफ़ दिख रहा था। वह अभि लूस था। समझ गयि कि वह चोदने लयक नहि है इसिलिये रात मैन किसि को लाकर अपनि लदकियोन को चुदवने को कह रहा है। अब तु मेरा मन्न भि उनके साथ शमिल होने को कर रहा था। तभि निना अपनि चूत से बाप का मुनह अलगकर बोलि, “पपा मेरि भि दिदि कि तरह उनगलि से चोदते हुवे थोदि चूचियन पिजिये।” “हान बेति उनगलि से चुदवकर अपना छेद फैलवलो जिस्से जो लदका तुमहरि दिदि को चोदे वह तुमको भि तैल लगकर चोद ले। अपनि छोत देखो कैसे मसत है।” “हान पपा।” वह चाति गयि चूत देखते बोलि।

एक अजीब सा नशा हुमको बेहोश किये जा रहा था। तभि वह बेद पर ननगि लेति अपनि बदि लदकि कि चूचियोन को पकदकर बोला, “उथो बेति तुम ज़रा निना कि चूचियन चूसो तु मैन इसकि उनगलि से चोद दून।” वह मुसकन के साथ बेद से उथि और एक अनगदयि लेकर बोलि,”पपा आज किसि को बुलकर हमलोगो को मज़ा दिलवैये। आप तु रोज़ हि कहते हैन।” “ज़रूर लयेनगे बेति।”

फ़िर बदि वलि छोति बहन कि कमर मैन हाथ दालकर झुकि और जीभ से उसकि चूचियन चतति हुयि बोलि, “चोदिये इसकि पपा।” इसपर उसने अपनि मिद्दले फ़िनगेर को कच से निना कि चूत मैन घुसेदा तु मैन मसत हो अपना हाथ पनती के अनदर ले जकर अपनि कुनवरि चूत मैन अपनि उनगलि दाल अनदर बहर करने लगि। वह पूरि फ़िनगेर को उसकि चूत मैन दालकर बोला, “देका सरिता इसकि चूत मैन आरम से पूरि उनगलि चलि गयि।” “हान पपा येह भि चुदवने लयक हो गयि है।” “हान तुमहरि तु बिना तैल के चुद जयेगि पर इसकि तैल लगकर चुदवना होगा।” और निना कि चूत मैन जु सकसक उनगलि दालने निकलने लगा तु निना आनख बनदकर बदि बहन कि तरह सिसकने लगि।

अब तु मैन एकदम गीलि गो गयि थि। कुछ दर बाद दोनो बहने अगल बैथकर अपने बाप के लुनद को चतने लगि। उसने मसति के साथ करीब 10 मिनुते तक दोनो को चतया और फ़िर वे कपदे पहन्ने लगे तु मैन चुपके से निचे खिसक आयि। किरयेदर कि इस हरकत को देखकर मेरे मन्न मैन वासना कि भूख पूरि तरह जग गयि। मैन बार दोनो बहनो को मज़ा लेने को सोचति और बाप को येह कहते सुनति कि घबरओ नहि आज रात किसि को बुलवकर चुदवा दूनगा। अब हमको भि चुदवने के शबद से पयार होता जा रहा था। अपनि पनती हतकर चूत देखा तु लगा कि सारा मज़ा इसि खरबुजे कि फानक मैन है।

कहवत सछ है कि जहन चाह वहन राह। मैने सोचा कि जब वह अपनि दोनो सगि लदकियोन को मज़ा दे सकता है तु मौका मिलने पर मुझे कयोन नहि। मैन तु उनदोनो से ज़यादा सुनदर हून। जब मैन भि सरिता और निना कि तरह उनसे मज़ा लेने लगूनगि तु वह मेरि भि किसि से चुदवा दैनगे। मैन येह सब सोचते उनसले के साथ मज़ा लेने का पलन बनने लगि। इस समय 2 पम हुवा था। मुझे एक रासता सूझा। मैन मुम्मी के पास गयि और बोलि, “मुम्मी उनसले आये हैन। निना को एनगलिश समझा रहे हैन मैन भि जौन?” भला इस काम के मुम्मी कयोन इनकार करतिन। हान कहने पर मैन एनगलिश कि नोते-बूक लेकर ऊपर गयि।

“सरिता दिदि !” “आओ।” बदि बहन ने अनदर बुलया। “दिदि निना कहन है?” “पपा के कमरे मैन होगि।” “उनसले भि हैन?” “हान जओ।”

तभि बगल के कमरे से निना आयि तु उसे देख मेरे बदन मैन बिजलि दौदि। मैने उस्से कहा, “उनसले से एनगलिश परहनि है।” यह बात कहते हुवे मेरि चूत फरक उथि थि। उनसले ने मेरि बात शयद सुन लि थि। वे रूम से बहर आ बोले “परहना है आओ आओ।”

मैने सर हिलकर हान किया। वह लुनगि बनियन मैन था। मैन उनकि दोनो लदकियोन से कै गुना अधिक सुनदर थि। वह अपनि लदकियोन से मज़ा लेता था तु मेरि जैसि लदकि से लिफ़त पाकर फ़ौरन तैययर हो जता। वह खिलदि था और मैन उसे लिफ़त देने जा रहि थि। “उनसले मेरि एनगलिश वेअक है। आप परहा दिया करेन।” मैने अपनि चूचियोन को उभारकर कहा। उसकि आनखेन मेरि चूचियोन पर हि जमि थि। मेरि हरकत पर उसके मुनह मैन पानि आ गया, वह बोला, “ थीक है, हम रहे तु आ जया करो एनगलिश सत्रोनग कर देनगे। आओ अनदर।”

मैन रूम मैन गयि। मेरे साथ निना भि थि। मैन सोच रहि थि कि निना के रहते वह पहलि बार कैसे हाथ लगयेगा। वैसे मैन तु दोनो बहनोन कि तरह दिल खोलकर नीचे ऊपर दोनो का मज़ा लेने को बेकरर थि। उनसले के साथ दोनो को जो मज़ा आया था वह मैन देख चुकि थि। मुझे तु बस केवल मज़ा चहिये था जवन या बूरहा कोइ भि हो।

वह मुझे सोफ़ा पर बिथकर निना से बोला, “बेति तुमहरि सहेलि को परहा दे तुम अनदर जओ।” यह तु उसने मेरे मन्न कि बात कहि थि। निना चलि गयि तु उसकि आनखेन मेरि चूचियोन पर तिक गयि जिस्से मुझे उम्मीद हो गयि। निना के जने के बाद वह मेरे सामने बैथकर मेरि चूचियोन को घूरते हुवे बोला, “निकलो कया परहोगि?”

उसकि बात पर मैने बूक उसके समे कर राअनो को फैलकर कहा,” उनसले इसका त्रनसलतिओन करवा दिजिये।” “हान लिखो” और वह फ़ौरन शुरु हो गया। उसने पास आ धिरे से मेरे बदन को छुवा तु बिजलि दौदि। मेरि फ़रोसक मैन चूचियन तेज़ि से उथने बैथने लगि। तभि लेफ़त हनद बूक देखने के बहने मेरि रान पर रख मुझे पगल कर दिया। वह मुझे परहते हुवे मेरि रान सहलने लगा। हमको मज़ा आया तु मैन उसे लिफ़त देने के लिये अपनि चूचियोन को उभार ललचयि मदभरि आनखोन से उसकि ऊर देख बोलि, “ओह्ह उनसले थकन महसूस हो रहि है।” मेरि बात सुन वह चलक समझ गया और मेरे गाल पर हाथ फ़ैर बोला, “थोदा आरम कर लो।” “पता नहि कयोन उनसले बदत तूत रहा है।” “कोइ बात नहि बेति सयनि हो गयि हो, ऐसा होता। लैत जओ तु बदन दबा दून।”

मैन तु मज़ा लेने के लिये हि आयि थि। अपनि ऊर से गरीन सिगनल दिखति फ़ौरन अपना हाथ चूत पर ले जा चद्दि (पनती) खुजलते हुवे उसको देखते हुवे कहा, “उनसले दरवज़ा बनद करके दबैयेगा।” वह मेरे अनदर कि बैचेनि को समझ गया। उसने एक थपकि मेरि चूचियोन पर दे मुझे मज़े से भरकर कहा, “उनसले से कयोन शरमति हो। बदि हो गयि हो, दबवकर मज़ा लिया करो।”

चूचियन दबने का इशरा कर तु एकदम बौखला दिया था। उसको फ़सने के लिये ज़यदा कोशिश नमहि करनि पदि। चूचियोन पर हाथ लगया तु तदप गयि। उसने उथकर दरवज़ा बनद किया और वपस आया तु मैन शरम भूलकर दोनो चूचियोन पर हाथ रखकर बोलि, “उनसले धीरे से दबैयेगा, दरद होगा।”

यह तु उस लौनदियबज़ के लिये मेरि ऊर से खुला इशरा था। वह मज़े से भर मेरे गालोन को अपने हाथ मैन ले बोला, “हय कितनि खूबसुरत हो। मज़ा अयेगा दबवने मैन।” इस पर मैन उसके साथ मज़ा लेने को बेकरार हो गयि और बोलि, “किसि को पता लग गया तु?” “कैसे पता लगेगा।हाथ हतओ देखो मसलवने मैन कितना मज़ा आता है। अभि तु थीक से खिलि भि नहि हो।” और गाल के हाथ को सरककर फ़रोसक के दोनो उभरोन पर लकर जो दबया तु मैन अपना सब कुछ भूलकर पीथ को सोफ़ा से तेक्कर चुपचप दबवने लगि। ऐसा लगा जैसे उसकि निना कि चूचियोन से ज़यदा मज़ा आ रहा हो। दबवते हि मुझे नशा सा हो गया। उसने दोनो को 10-15 बार मसला फ़िर मेरे गाल पर हाथ फैर मेरे लिपस को अपने लिपस के बीच ले दबा-दबकर चूसने लगा। मैन मसत हो कुनवरि चूत को रानो के बीच दबा सोफ़ा पर से चुतर उछलने लगि।

हूनथो को चुसवने मैन गज़ब का मज़ा आया। वह खिलदि था। नये माल को दीवना बनना उसे आता था। मैन चुप थि। हूनथ चुसवने से चूत कि खुजलि तेज़ हुयि। तभि उसने मेरे लिपस अलगकर मेरि दोनो चूचियन पकदि और तनि तनि घुनदियोन को जो मसला तु मैन औकि लदकियोन कि तरह बेशरम बन्ने को मजबूर हो गयि। मैन अध-खुलि आनखोन से उसे देखते बोलि, “हये उनसले मज़ा आ रहा है।” “तुमहरि घुनदि छोति है नहि तु और मज़ा आता।मेरि निना तुमहरि उमर कि है। उसके निप्पले देखा कितने बदे हैन।”

“ऊह उनसले मेरे निप्पले छोते कयोन हैन?” “मज़ा जो नहि लेति हो। किसि को पता नहि चलेगा दिल खोलकर मज़ा लो।” “उनसले बहुत मज़ा है।” “अभि तु कुछ नहि बात मनोगि तु बहुत आयेगा।” और निप्पले को चुतकि से मसल मुझे पगल करने लगा।

कुछ देर बाद वह पीछे हुवा और मेरि दोनो गोरि गोरि रानो को हाथोन मैन अलग अलग पकद कर झतके के चिपकि रानो को खोलकर मुझे आगे खीनचा तु मैन हानपति सि सोफ़ा पर चित्त हो गयि। उसने अपने सीने को मेरि कमर पर रखा और आगे कि ऊर झुक लेफ़त चूचि को मुनह मैन लेकर रिघत चूचि को हाथ से दबा दबा जो चूसना शुरु किया तु मैन मसत होकर उसके मुनह पर चूचियन दबति बोलि, “हये उनसले बहुत मज़ा है।” शयद मेरि ताज़ि चूचियन पीने से उसको भि नया मज़ा मिल रहा था। अब मैन भि सरिता और निना कि तरग ननगि होकर मज़ा लेने के लिये तरप उथि। चूचियोन को मुनह से पीकर तु उसने मुझे मसत कर दिया था। मैन दूसरि चूचि को उसके मुनह मैन थैलकर बोलि, “और पीजिये उनसले।”

दूसरि को 8-10 बार हि चूसा फ़िर पीचे हो मेरि केले के खमबे सि चिकनि रानो को चीरकर फ़रोसक को पैत पर रख मेरि रानो को सहलते जन्नत का दिदार करते बोला, “हयेतुमहरि निना से ज़यादा मज़ा दे रहि है। पैर ऐसे हि फजैलये रहना।” “जी उनसले।”

फ़िर तु मेरे मज़े को पनख लग गये। उसने अपने मुनह को दोनो सुर-सुरति तनगो के बीच बदा हाथो को ऊपर कर फ़रोसक के अनदर से मसत होकर जवनि कि बहर मैन दूबि दोनो ननगि चूचियोन को पकदकर दबते हुवे जु अपनि जीभ को मेरि पनती के ऊपर चला तु मैन फ़ौरन अपने आप चद्दि को हाथो से खिसका उसको अपनि गोरि गोरि मख्खन सि गुलबि चूत चतने लगि। उसकि जीभ मेरि चूत पर सानप सि चल रहि थि। उस्से ननगि चूत चतवते हुवे चूचियन मसलवने मैन गज़ब का मज़ा आ रहा था। मेरि राने फ़रोग कि तरह फैलि थि।

अब हमको मनपसनद मज़ा मिल रहा था। वह चूत के तिघत होले मैन तौनग फ़ुसक कर रहा था और मैन ऊह्ह आआह्हह्हह करति नीचे से चुतर उछल उछल हये उनसले कर रहि थि। वह बीच बीच मैन रुकता, मेरि चिकनि गुलबि चूत को पयार से देखता और फ़िर जीभ से चतते हुवे मुझे मज़े के सागर मैन दुबोने लगता। मेरि चूत गोरि थि इसलिये वह बदे पयार से चात रहा था। जो मज़ा देखकर आया था, उस्से कै गुना ज़यादा मज़ा अब आ रहा था। नै चूत चतकर उसका चेहरा भि दमक उथा था।

अब हमदोनो कि शरम और झिझक खतम हो गयि थि। उनसले के पास सचमुच एनगलिश कि अछि परहयि हो रहि थि। जब जीभ लाल गो गयि फानक पर चलति तु पूरा बदन झनझना उथता। 15 सला चूइत पर हलके से बाल थे। चूत चद्दि के बहर थि। वह 10 मिनुते तक कछे आम सि मेरि चूत चतता रहा और अमरूद सि चूचियन दबता रहा और मैन भि बिना लाज मज़ा लेति रहि। मज़ा कम होने के बजये बरहता हि जा रहा था। मैने जु हाथ से चूत को फैलया तु वह खुश होकर जीभ को चूत मैन घुसेदने लगा तु मैन कसमसकर बोलि, “हये उनसले खूब मज़ा आ रहा है।” “खूब मज़ा लो।” और मख्खन सि चूत को तौनग फ़ुसक करने लगा।

अब तु मेरा मन्न सोफ़े से उथने को नहि हो रहा था। बदन के कपदे बोझ लग रहे थे। मैन बेकररि के साथ बोलि, “उनसले ननगि करके दिदि कि तरह……।।”

यह सुन वह ज़रा चौनका पर मेरे तज़े माल मैन इतना मगन था कि समझ नहि पाया। मैन अपने हाथ से चूत फैलये थि। अब तु मेरा मन्न भि चुदवने को तरप उथा। तभि उसने चूत से जीभ हतयि और मेरे हूनत चूमकर बोला, “तुमहरि चूत तु मख्खन है। बदि तसती है।”

“हये उनसले हमको भि…।।” “कया? बोलो बेति शरमओ नहि।” “किसि से हमको भि चुदवा दिजिये।” और मैन उथकर बैथ गयि।

वह झरने के बजये और ललचा गया। मेरा बदन दहक रहा था और चेहरा खिल गया था। समझ गया कि मैन भि उसकि लदकियोन कि तरह मज़ा पाकर बहक गयि हून। मुसकान के साथ मेरे फानक को मसलते बोला, “चुदवा देनगे, पूरा मज़ा दिलवयेनगे पर पहले चुदवने लयक तु हो जओ। मेरि दोनो लदकियन चुदवा सकति हैन।”

“ऊह उनसले जलदि से मुझे भि चुदवने लयक किजिये ना। मैन भि निना के बरबर हून।”

“जलदि हि बदि कर दूनगा। ननगि हो एकदम।”

यह कह वह उथा और बहर जाने लगा तु मैन घबरकर बोलि, “उनसले ननगि तु हो रहि हून।” “कपदे उतरो ज़रा निना को बुला लये।”

“नहि उनसले हये।”

“निना रहेगि तु तुमको ज़यादा मज़ा आयेगा। तुम उस्से आपस मैन मज़ा लोगि तु जलदि बदि होगि। वह तु तुमहरि सहेलि है। तुम ननगि हो मैन उसे लेकर आता हून।”

मैन तु पहले हि यह सब दख चुकि थि। मैन आने वले मज़े को सोच बिना झिझक पूरे कपदे उतर ननगि हो गयि। मसलि गयि चूचियन और चति गयि चूत बहुत खूबसुरत लग रहि थि। अब यकीन था कि निना कि तरह खुलकर मुझे भि मज़ा देगा। तभि वह निना के साथ वपस आया। निना मुझे ननगि देख मुसकरति हुयि पास आयि और बोलि, “हये इतना शरमा कयोन रहि हो? मेरे पपा बहुत अचे हैन। हमलोगो को खूब मज़ा देते हैन। अब हम तुम आपस मैन करेनगे तु खूब मज़ा आयेगा।”

जब निना ने मेरि पीथ पर हाथ फ़ैर कर कहा तु मेरा मन्न उमनग से भर गया। तभि उसका बाप मेरि कमर मैन हाथ दालकर मेरि चूचि को चत्ते हुवे बोला, “हये निना देखो इसकि कितनि गोरि गोरि हैन।”

इसपर निना मेरे आगे बैथकर मेरि चूत को चूमकर बोलि, “हान पपा चूत भि अछि है।” “चातो बेति अपनि सहेलि कि, अब जो आयेगा उसको तुमदोनो कि कलि और इसकि गोरि चोदने मैन खूब मज़ा आयेगा।”

फ़िर वह मेरि चूचियन चूसते हुवे अपनि लदकि को मेरि चूत चतने लगा। मैन मसत थि। कुछ देर बाद वह मेरे पीछे आया अया और अपने मरियल लुनद को मेरि गानद से लगा दोनो चूचियोन को मसलने लगा। मैन इस मज़े को पा जवन हो गयि थि। तभि निना बोलि, “ओह्ह पपा बहुत तसते है इसकि चूत मैन ओह्ह पपा आप भि चातो ना।” उसकि बात सुन उनसले भि नीचे बैथे और मेरि चूत मैन जीभ दला तु निना मेरे पीछे जा मेरि गानद का छेद चतने लगि। मैन हवा मैन उद रहि थि। कुछ देर बाद वह अपनि उनगलि से मेरि चूत चोदने लगा तु मुझे नया मज़ा मिला।

उसने 60-70 बार फ़िनगेर फ़ुसक किया था कि मैन अपनि जवनि का पहला कुनवरा पनि बहने लगि जेसि दोनो बाप-बेति फ़ौरन जीभ से चतने लगे। दोनो ने एक एक बूनद पी लिया। वै दोनो अभि मेरा रस चत हि रहे थे कि बदि वलि सरिता भि रूम मैन आ गयि। उसके आने से ज़रा भि शरम नहि आयि। अब दोनो ने मुझे छोदा तु सरिता पास आ मेरि चूचियन पकद कर बोलि, “मज़ा आया?”

“हान दिदि।”

“अगर रात मैन पपा कोइ लदका लये तु तुम भि ऊपर आ जना तु तुमहरि भि तैल लगवकर चुदवा देनगे।”

मैन इसके बाद कपदे पहनकर नीचे आ गयि।

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1 Comment

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