चाची ने मुझे चुदवाया

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मैं उन दिनों अपने चाचा के यहां आई हुई थी। मैं एम ए की छात्रा थी। चाचा बिजनेस के सिलसिले में कुछ दिनों के लिये दिल्ली गये हुए थे। चाची घर पर ट्यूशन पढाती थी। चाची का नाम सुमन था। उनकी उम्र 35 वर्ष की थी। उसके पास कोलेज दो के छात्र पढने आते थे। रवि और सोनू नाम था उनका। दोनो ही 20 – 21 वर्ष के थे। मुझे पहले दिन से ही वो हाय हेल्लो करने लगे थे। उन दोनों से मेरी जल्दी ही दोस्ती हो गयी थी। ऊपर का कमरा खाली था सो सुमन उन्हे वहीं पढाया करती थी।
एक बार जब सुमन ट्यूशन पढा रही थी तब मैं किसी काम से ऊपर कमरे में गयी। जैसे ही मैं कमरे के पास पहुचीं तो मुझे सिसकारी की आवाज सुनायी पडी। मैं सावधान हो गयी। तभी मुझे फिर से हाऽऽय की आवाज सुनायी पडी। मैने धीरे से खिडकी से झांक कर देखा। वो लडके सुमन की चूंचियां दबा रहे थे। सुमन ने पेन्ट के ऊपर से ही एक का लन्ड पकड रखा था। सुमन बार बार आनन्द से सिसकारियां भर रही थी। मैं दबे पांव पीछे हट गयी और नीचे उतर आई।
मेरे सारे शरीर में सनसनी फ़ैल गयी थी। मैं अपने कमरे में आकर बिस्तर पर लेट गयी। मेरी सांसे तेज चल रही थी। मेरे मन में उत्तेजना भरने लगी थी। मुझसे रहा नहीं गया…… मैं फिर से दबे पांव ऊपर गई मैने फिर से झांक कर देखामुझे पसीना छूटने लग गया। कमरे में सभी नंगे थेरवि ने अपना लन्ड सुमन की चूत में डाल रखा थाऔर तबियत से चोद रहा था…… सोनू ने अपना लन्ड सुमन के मुँह में दे रखा थामैं फिर नीचे आ गयीमेरी चूत भी गीली हो चुकी थीमैं अपनी चूत दबा कर बैठ गयी। मैं भी जवान थीमेरे पास भी जवानी का पूरा खजाना था। मेरे मन में भी चुदवाने तेज इच्छा उठने लगी। मेरी चूंचियां कड़ी होने लगीजवानी का जोश हिलोरें मारने लगा।
मैं मन मार कर कमरे से बाहर निकल आईपास की दुकान से अपना मोबाईल रीचार्ज करवाने लगी। जब मैं वापस आई तो उनका कार्यक्रम समाप्त हो चुका था। रवि और सोनू जाने की तैयारी में थे। मुझे देख कर कर वो दोनों ही मुसकराये, मैने भी उन्हे तिरछी निगाहों से मुसकरा कर देखा। वो दोनो चले गये और मैं सुमन की किस्मत पर जल उठीजो कि दो जवान लण्डों की मालकिन थी। मेरे मन में हलचल हो रही थी। मन अशान्त था …… मुझसे सुमन की चुदाई बरदाश्त नही हो पा रही थी।
रात के करीब 10 बज रहे थे। मैने कमरे की लाईट बन्द कर दी और सोने के लिये लेट गयी। पर नींद कहां थी। रह रह कर सुमन की चुदाई की याद आ रही थी। मैने अपनी पेन्टी उतारी , रात को मैं ब्रा नहीं पहनती थी। मैने सोचा कि चूत में उंगली करके झड़ जाती हूं…… पर मुझे उसी समय बाहर कुछ आवाज आईमैने दरवाजे से झांक कर देखा तो रवि और सोनू सुमन के कमरे की तरफ़ जा रहे थे। मैने अपने कमरे के दरवाजे के छेद में आंखे गडा दी , यह दरवाजा चाचा के कमरे में खुलता था, और सुनने का प्रयास करने लगी। मुझे ये सुन कर हैरानी हुई कि सुमन उन दोनो के साथ मेरी चुदाई का प्रोग्राम बना रही थीपर कैसे…?
वे तीनों मेरे कमरे की ओर आने लगे। मैं भाग कर अपने बिस्तर पर आकर लेट गयी। मुझे लगा कि वो तीनों मेरे कमरे के बाहर आ गये है…… तभी मेरे कमरे का दरवाजा खुलामैने देखा सुमन पहले अन्दर आयीफिर दोनो उनके पीछे पीछे आये……। मैने सोने का बहाना किया। सोनू ने दरवाजा अन्दर से बन्द कर दिया। पर तीनों मेरे साथ क्या करेंगे …… क्या बलात्कारयानी मेरी चुदाईमेरा मन खुशी के मारे उछलने लगाबिना कुछ किये मन की मुराद पूरी हो जाये तोफिर ऊपर वाले का धन्यवाद करो। मेरा सोचना बिलकुल सही निकला। रवि ने लाईट जला दीमुझे देख कर उन दोनो के मुंह में पानी आ गया। मैने पेन्टी और ब्रा वैसे भी नहीं पहन रखी थी। स्कर्ट भी जांघों से उपर आ चुका था। अन्दर से मेरी चूत झांक रही थी।
रवि ने बिस्तर पर पास बैठ कर मेरी छोटी सी कमीज़ को ऊपर कर दिया। मेरे नंगी चूंचियां उसके सामने तनी हुयी खडी थी। मेरे शरीर में रोमांच भर आयामुझे लग रहा था कि मेरी चूंचियां पकड कर मसल देलेकिन उसने बडे प्यार से मेरे स्तन सहलायेमेरी नोकों को हौले हौले से पकड कर मसलते हुये घुमाया। इतने में सोनू ने मेरे स्कर्ट को ऊंचा करके मेरी चूत नंगी कर दी। अचानक मुझे मेरी चूत पर गीलापन लगा…… सोनू की जीभ से थूक मेरी चूत पर टपका कर उसे चाट लिया था…… मैं तड़प उठीपर मुझे ज्यादा इन्तजार नहीं करना पडा। सुमन ने मेरे दोनो हाथ ऊपर कस कर पकड़ लिये। सोनू ने मेरी टांगे चीर कर फ़ैला दी। और मेरी टांगों के बीच में आ गया। अब मुझे लग गया कि मैं चुदने वाली हूं……तो मैने नाटक शुरु कर दिया…… मैने जाग जाने का नाटक किया
अरे ये क्या…… छोडो मुझे……… चाची…”
चुप हो जाकुतियामजे ले अब…”
चाचीनहीं प्लीज़……”
इतने में सोनू का लन्ड मेरी चूत में घुस गया। मन में मस्ती छा गयी। चूत को लन्ड मिल गया थातेज गुदगुदी सी उठी।
सोनूये क्या कर दिया तूनेमुझे छोड दे……मत कर नामादरचोद…”
रीता रानी ऐसी मस्त जवान लड़की को तो चुदना ही पड़ता हैदेख क्य टाइट चूत हैअब हम तेरी बहन चोद देंगे।” सोनू मस्त हो कर बोला।
रवि मेरे चूंचकों को चूस रहा थासुमन ने खुद के कपड़े उतार फ़ेंकेवो पूरी नंगी हो गयी। हम सभी को पता था कि कार्यक्रम सफ़ल हो चुका है। सुमन ने रवि की पेन्ट और कमीज़ उतार कर उसे नन्गा कर दिया। सोनू पहले ही नंगा हो चुका था। चाची मुझे समझा रही थी
देख रीतालन्ड तो तेरी चूत में फ़िट हो ही गया हैअब मजा ले लेना
चाचीप्लीज़मत करो नादेखो मैं मर जाऊगीं…” मैने फिर नाटक किया। चाची ने मेरे होंठ चूमते हुये कहा
अच्छादो मिनट के बाद छोड देंगेमजा नहीं आयेतो नहीं सहीबस”
चाची समझ चुकी थीकि मै यूं ही ऊपर से कह रही हूं और वास्तव में मुझे मजा आ रहा है।
सोनू मत करो…… इसे अच्छा नहीं लग रहा हैचलो मेरी मां चोद दो…”
अरे ये क्या हो गयामैने तुरन्त पासा पलटा……
चाचीतुम बडी खराब होएक दम हरामी मां की लौड़ी”
मैने नीचे से सोनू को नीचे से चूतड़ उछाल कर एक तेज धक्का दिया। और रवि का लन्ड पकड कर अपने मुख में डाल दिया। मेरी फ़ुर्ती देख कर दोनों को मस्ती आ गयी। दोनो सिसकारियां भरने लगे। चाची ने रवि और सोनू को रोक दिया।
अब देखो कोई जबरदस्ती नहीं करना हैये मादरचोद तोरीता राज़ी है …”
सभी बिस्तर पर बैठ गयेमेरे बचे हुये शरीर के कपडे भी उतार दिये। फिर सुमन सभी को बताने लगी कि उन्हे क्या करना हैमैने अपनी बात रख दी,”पहले सोनू को मेरे पर चढने दोउसका लन्ड मेरी चूत में रहने दोफिर बात करो…”
चलो सोनू तुम रीता को चोद डालोरवि तुम मुझे चोदोफिर बदल लेंगे…”
सोनू मुझसे लिपट गयामुझे बुरी तरह से चूमने चाटने लगाउस ने मुझे तुरन्त मुझे घोड़ी बनायाऔर अपना कड़क लन्ड मेरी गान्ड पर मारने लगा। तो सोनू अब मेरी गान्ड चोदेगा। मेरी गान्ड में उसने ढेर सारा थूक लगाया और लन्ड को छेद पर रख कर अन्दर दबा कर घुसा दियाउसका लाल सुपाडा फ़क से अन्दर घुस गया। मैं आनन्द से निहाल हो उठीदूसरे धक्के में आधा लन्ड अन्दर थातीसरा धक्का लन्ड को पूरा जड़ तक ले गया…… गान्ड मैने कई बार चुदाई थीइसलिये मुझे इसमें बहुत मजा आता हैउसका गान्ड में फ़ंसा हुआ मोटा सा लन्ड मुझे बहुत ही आनन्द दे रहा था। सोनू अब धीरे धीरे धक्के तेज़ करने लगाउधर रवि और सुमन मेरे साथ ही आ गयेशायद रवि को मैं अधिक पसन्द आ रही थीरवि ने मेरी चूंचियां पकड कर मचकानी चालू कर दीसुमन ने भी अपनी कला दिखाने लगीउसने अपनी दो उंगलियों को मेरी चूत में घुसा दी। मेरे मुख से आनन्द की हंसी और सिस्कारियां निकलने लगी। सोनू की धक्के मारने की गति तेज हो गयी थीउसके मुख से आनन्द की सीत्कारें तेज हो उठी थी। मेरे चूतड अपने आप उछले जा रहे थे। मुझे ऐसे गान्ड मरवाने में बडा मजा आता था। सोनू के धक्के बढने लगेउसका शरीर अकडने लगा।
अचानक सुमन ने मेरी चूत से दोनों उंगलियां निकाल दी और सोनू के दोनों चूतडों को कस कस के दबाने लगी। तभी सोनू के लन्ड ने मेरी गान्ड के अन्दर ही अपना वीर्य तेजी से छोड दिया। सुमन उसके चूतडों को दबाती ही रही जब तक कि उसका पूरा वीर्य नहीं छूट गया। तब रवि ने उसकी जगह ले ली। रवि बिस्तर पर लेट गया उसका खडा लन्ड मेरी चूत को आमन्त्रण दे रहा था मैं रवि पर चढ गयी और उसके लन्ड को सीधे चूत पर टिका दियाऔर फिर हौले से लन्ड पर दबा दिया
आऽऽऽऽऽऽह …… चुद गयी रेचाची…”
चुद जारीतातेरी किस्मत अच्छी है कि पहली बार में ही तुझे दो दो लन्ड बिना कुछ किये ही मिल गये……चुद जा छिनाल अब…”
चाची …… आई लव यू…… आप दिल की बात जानती हैंआप बडी हरामी हैं…” मेरी बात सुन कर सुमन मुस्करा उठी
अब चुदने में मन लगारन्डीमजा आयेगा…”
हाय चाची …… चुद तो रही हू नादेखो ना कैसे मोटे तगडे जवान लन्ड हैंमेरी तो मां चोद देंगे ये…”
अब सोनू ने सुमन के उरोज पकड लियेऔर लन्ड सुमन की गान्ड में घुसाने लगावह फिर से तैयार हो चुका था। सुमन हंस कर बोली-“देखा सोनू को गान्ड मारने में माहिर है…… इसे सिर्फ़ गान्ड मारना ही अच्छा लगता है…”
मैं अब रवि पर लेट गयी थीरवि नीचे से चुदाई का मजा ले रहा था। मैं उपर से उसे जबर्दस्त झटकों से चोद रही थी। मेरी गान्ड से सोनू का वीर्य निकल कर उसके लन्ड को तर कर रहा था।
मेरे राजाहाय…… क्या लन्ड हैमेरी चूत फ़ाड देराजा… ” कहते हुये उसके खुले हुये मुख में मैने अपना मुख चिपका दियामेरे थूक से उसका चेहरा गीला हो गया थापर मैं उसे चाटे जा रही थी। मुझे कुछ भी होश नही था। मेरा पूरा जोर उसके लन्ड पर था। फ़च फ़च की मधुर आवाजे माहोल को और सेक्सी बना रही थी। चूत के धक्कों से फ़च फ़च कि आवाज के साथ वीर्य के छीटें भी उछल रहे थे। उधर सोनू सुमन की गान्ड चोदने में लगा था।
अचानक रवि ने अन्गडाई ली उसका लन्ड कडकने लगाबेहद टाइट हो गयाउसका चेहरा लाल हो गयादान्त भिंच गये……
मै गया…… रानी…… निकलाहाऽऽऽऽय्…… गया।”
मैने धक्कों की रफ़्तार बढा दीअपनी चूत टाइट कर ली……… और मेरा भी निकलने को तैयार हो गया। मैने चूत टाइट कर के दो धक्के खींच के मारे …… तो उसकी और मेरी उत्तेजना चरम सीमा को पार कर गयी-“राजा …… मैं तो पूरी चुद गयी………गयी मैं तो…… निकला मेराहाऽऽऽऽय्…”
उधर रवि को झटके लगने चालू हो गये थेउसका वीर्य झटके मार मार कर पिचकारी छोड रहा था। मैं भी झडने लगी थी…… हम दोनो ने एक दूसरे को कस कर पकड लिया। हमारा माल निकलता रहा। अब हम पूरे झड चुके थे। हम ऐसे ही पडे सुस्ताते रहेफिर में बिस्तर पर से उतर गयी।
सोनू भी झडने वाला था। उसका लन्ड सुमन की चूत चोद रहा था। मै और रवि ने तुरन्त उनकी मदद कीसुमन के चूचकों को मैने खींचना और मरोडना चालु कर दिया। रवि ने सोनू के चूतडों को जोर जोर से दबाने लगासुमन अचानक धीरे से चीख उठी… “रीतूछोड मेरी चूंची को …… मैं गयी…… हायबस कर सोनू…”
पर सोनू तो चरम सीमा पर पहुन्च गया थाचूतडों के दबाते ही उसका लन्ड बरस पडा…… सारा वीर्य सुमन की चूत में भरने लगा। मैने सोनू के चूतडों को थपथपायाऔर प्यार कर लिया
रवि, मैं, सुमन वहीं बिस्तर पर लेट गयेऔर बातें करने लगे। मैं बोली-“चाची…… आज तो कस कर चुद गयीथेन्क यू चाची॥”
मैने तुझे देख लिया थाफिर जब दूसरी बार आयी तो मैं समझ गयी कि तू चुदना चाहती है…”
चाऽऽऽचीजब मालूम था तो वहीं पकड कर क्यों नहीं चोद दिया…”
नहीं रीतू रानीबिना तडप केचुदाई की कोई कीमत नही होती है…”
नहीं चाची…… आप मुझे पकड के चुदवा देतीतो भी मुझे चुदना तो था ही ना॥”
और अब चुदने में ज्यादा मजा आया ना…”
आयहाय चाची………मन शान्त हो गयाचूत की खुजली मिट गयी…”

सोनू और रवि बिस्तर के एक कोने में नन्गे पडे ही खर्राटे भर रहे थेहम दोनो भी न जाने कब बातें करते करते सो गये

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