काजल की चुदासी जवानी

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हैलो दोस्तो, मेरा नाम आदर्श है, आज मैं आपको अपने जीवन की सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ।
मेरी उम्र 19 साल है मैं लखनऊ में रहता हूँ। यह बात जुलाई 2011 की है मेरा दाखिला 11वीं में हुआ था।
मैं पहले दिन स्कूल गया तो अचानक मेरी नजर एक लड़की पर गई। क्या खूबसूरत बला थी..!
वैसे ज्यादा लम्बी नहीं थी यही कोई 5 फुट की थी। एकदम गोरी.. पूरा शरीर जैसे साँचे में ढाला गया हो।
आँखें बिल्कुल स्याह काली, उम्र लगभग 19-20 की, जिसकी तरफ देख ले तो आदमी वहीं थम जाए।
मैं उसे देखते रह गया.. क्लास शुरू हुई तो पता चला कि वो मेरी क्लास में ही है।
एक दिन मैंने उससे पूछा- आपने अपना नाम नहीं बताया।

उसने कहा- काजल..
मैंने कहा- कितना प्यारा नाम है। मेरा नाम आदर्श है।
फिर उसने हाथ मिलाया… क्या मुलायम हाथ थे।
फिर मैंने उससे दोस्ती करने की कोशिश की और कुछ ही दिनों में उसने मुझसे दोस्ती कर ली।
हम दोनों की दोस्ती प्यार में कब बदल गई, पता ही नहीं चला।
एक शाम को उसने मुझे अपने घर बुलाया, मैं घर पहुँचा तो उसने जींस और टॉप पहना हुआ था, उसके कपड़े चुस्त थे जिसके कारण
उसके सारे उभार साफ झलक रहे थे।
उसने मुझे बिठाया और दो गिलास जूस लाई।
मैं जूस पी रहा था कि तभी उसका गिलास उसके वक्ष पर गिर गया, या पता नहीं उसने खुद गिरा लिया।
मैं डरते हुए अपने रूमाल से साफ करने लगा, तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और अपने वक्ष पर रगड़ने लगी।
मैं हतप्रभ था, वो मुझे चुम्बन करने लगी।
फिर उसने मेरी शर्ट के बटन खोल दिए मैं अब तक सब समझ चुका था और मैं भी पूरे जोश में आ गया।
फिर उसने मेरे और अपने सारे कपड़े उतार दिए।
मैं उसके संतरे जैसे मम्मों को और चूत चाटने लगा।
वो तड़प रही थी.. बोली- अब डाल दो… मत तड़पाओ।
फिर मैं धीरे-धीरे लंड को उसकी चूत पर मारने लगा.. जिससे काजल की बेचैनी बहुत ज्यादा बढ़ गई।
उसने कहा- अब देर नहीं, डू इट राईट नाउ।
मैंने धीरे-धीरे अपने लंड को उसकी चूत में प्रवेश करवा दिया।
क्योंकि हम दोनों ही प्रथम-सम्भोग करने वाले थे इसलिए ज्यादा कुछ पता नहीं था, पर पोर्न-मूवीज के कारण मैं थोड़ा बहुत ज्ञानी था,
तो उसी थ्योरी वाले ज्ञान को आज एप्लाई करने का समय आ गया था।

मैं पीछे कैसे हटता?
थोड़ा सा अन्दर डालकर मैंने हल्के-हल्के धक्के लगाने चालू किए।
अन्दर उसकी चूत का तापमान बहुत ज्यादा था, ऐसा लग रहा था कि मैंने अपने लंड को किसी रसदार अग्नितप्त भट्टी में डाल दिया
हो और कसावट इतनी जबरदस्त थी अगर इतना किसी के गले को कस दिया जाए तो एक मिनट में ही उस आदमी की दम घुटने से
मौत हो जाए।
मैं उसकी चूत की आन्तरिक रचना को साफ़ महसूस कर सकता था, हालांकि अभी लंड केवल दो इंच अन्दर गया था और मैं हल्के-हल्के
ही धक्के लगा रहा था।
अचानक मैंने जोर का धक्का लगाया और लंड 5 इंच तक अन्दर हो गया था, काजल अचानक बुरी तरह से चीखी और उसने मेरी पीठ
को जबरदस्त तरीके से कस लिया।
मुझे अपने लंड पर कुछ गर्माहट महसूस हुई, थोड़ी देर में मैंने देखा कि काजल का कुंवारापन चूत के रास्ते खून के साथ बहता हुआ
बाहर आ रहा है, काजल की आँखों से आँसू आ गए तो मैंने उसके उसकी गांड के सहारे उठाते हुए बिस्तर पर लिटा दिया।
लंड अभी अन्दर ही था और मैं काजल को होंठों पर चूमने लगा।
काजल के आँसू से गीले उसके होंठों से नमकीन सा स्वाद आ रहा था।
मैंने उसके हल्के-हल्के धक्के लगाना जारी रखा, थोड़ी देर बाद काजल भी अपनी गांड उठाकर प्रत्युत्तर देने लगी।
मैंने एक जोर का धक्का लगाया और मेरा लंड 6 इंच तक अन्दर चला गया।
हम दोनों के होंठ एक-दूसरे का रसपान कर रहे थे तो लंड चूत के साथ मजे कर रहा था।
अब मैंने भी धक्कों की गति बढ़ा दी, हर धक्के के साथ उतनी ही ताकत से काजल का भी जवाब आता, वो अपनी गांड उठा कर मजे ले
रही थी।

ऐसे ही एक धक्के का जवाब काजल दूसरे धक्के से देती और धक्के पर धक्का, धक्के पे धक्का।
इस धक्कमपेल से अचानक काजल की चूत में कसावट आ गई और मुझे लगने लगा कि अब तो लंका लुटने वाली है कि काजल की
जबरदस्त आनन्ददायक आवाज आई, उसका पूरा शरीर ढीला पड़ गया और मेरे लंड के पास बह कर उसकी जवानी का रस नीचे की
तरफ बहने लगा।
इस सबसे मेरा भी जोश बहुत बढ़ गया, 8-दस धक्कों के बाद मैं भी झड़ गया।
फिर काफी देर तक हम लेटे रहे। फिर मैं उठ कर जाने लगा तो उसने कहा- फिर आना।
तब से आज तक मैं उसी के साथ चुदाई करता हूँ।
कैसी लगी मेरी सत्य-कथा.. मुझे जरूर बताइएगा।

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