आंटी के साथ मेरी पहली चुदाई

Submit Your Story to Us!

ये स्टोरी आज से कुछ महिना पहले की हे बात एसी हे की में रोज़ जब भी घर से निकल क्र अपने जॉब पर जाता हूँ. मेरे घर के थोडा फासले पर एक स्कूल हे वही मेरा रोज़ आना जाना रहता हे और जेसे ही में स्कूल के पास पहोंचता हूँ तो एक आंटी अपने चाइल्ड को स्कूल ड्राप करने आती हे और रोज़ रोज़ मेरा और उनका फेस देखते थे और वो अक्सर मुझे देख क्र स्माइल भी देती थी. वो स्कूटी पे आती थी और जब वो गाडी खड़ी करके अपने बच्चे को स्कूल में ले जाती तो में वही पर खड़े हो कर उनका वेट करता और कई दिन एसे ही गुज़र गए और मुझे आंटी की गांड देखने में बहोत मज़ा आता था.

आंटी की गांड मस्त बड़ी थी थी और बूब्स भी बड़े बड़े थे. तो मेने उनको कई बार प्यासी नजरो से देखता था तो इसी लिए में उनको चोदने का प्लान बनाने लगा. और अब में रोज़ उनके आने से पहले ही स्कूल के पास पहोंच कर उनका वेट करता था और कई बार मेने उनसे बात करनी चाही लेकिन हिम्मत नहीं होती थी. फिर एक दिन में अच्छी तरह ड्रेसिंग मार के स्कूल के पास जाकर खड़ा हो गया और उनका वेट करने लगा. और जेसे ही आंटी आई तो मेने उनको घुर घुर कर देखने लगा वो अपने चाइल्ड को स्कूल में ड्राप करके वापस आई और अपनी स्कूटी स्टार्ट करने लगी लेकिन कई बार किक मारने के बाद भी स्टार्ट नहीं हो रही थी. फिर आंटी थक कर इधर उधर देखने लगी और फिर मुझे उन्होंने इशारा किया.
में: क्या हुआ आंटी…?
आंटी: पता नहीं. क्यू गाडी स्टार्ट नहीं हो रही हे ज़रा तुम देखो.
में: ओके और मेने अच्छी तरह गाड़ी के प्लग को साफ़ किया और फिर किक मारी चोक भी दिया मगर गाडी स्टार्ट नहीं हुई. फिर मेने पूछा आप कहा रहती हो वो बोली में केम्प में रहती हूँ. जो की काफी दूर हे तो मेने कहा आओ मेरा घर पास में ही हे आप वही रुक जाओ में आपकी गाडी गेरेज में ठीक करवाकर ला देता हूँ. तो वो बोली ठीक हे और फिर गाडी को साइड में खड़ी करके में आंटी को ले कर अपने घर ले आया. और अपनी मोम से मिलवाया की ये मेरे फ्रेंड की मोम हे जूठ बोल दिया और आंटी ने मुझे देख कर बस स्माइल दे कर रह गयी फिर में उनकी गाडी गेरेज में ले गया और उसने चेक किया और बताया की इंजिन में प्रॉब्लम हे आज नहीं हो पायेगा.
तो मेने आंटी को बताया घर जाकर. तो वो बोली ठीक हे तो फिर मोम ने कहा जा आंटी को उनके घर ड्राप कर दे. तो में अपनी बाइक पर आंटी को बिठाया और उनके घर की तरफ चल दिया. और रास्ते में आंटी बार बार अपने बूब्स मेरी पीठ पर टच कर रही थी. और मुझे बहोत मज़ा आ रहा था. घर पहोंच कर आंटी ने चाय ऑफर की तो में जानबुज कर नाटक करने लगा.

तो आंटी ने मेरा हाथ पकड़ कर अन्दर चलने को कहने लगी. एंटी का घर बहोत बड़ा और बहोत खुबसूरत था तो मेने तारीफ की तो उन्होंने थैंक्स कहा और किचन में चाय लेने चली गयी और में एक सोफे पर बेठ गया और जब आंटी चाय लेकर आई तो मेने पूछा घर में तुम अकेली रहती हो क्या..?
आंटी: हां एसे ही समजो.. मेरे हसबंड हर दुसरे दिन आउट औफ सिटी जाते हे वो एक कम्पनी चलाते हे और इसी वजह से वो अक्सर सिटी से बहार ही रहते हे.
और जब आंटी ये सब बोल रही थी मेरी नजर उनके बूब्स पर थी क्यूकी पहली बार बहोत पास से देख रहा था. जो की बिलकुल गोल गोल थे. और ये आंटी ने नोटिस कर लिया था. फिर वो स्माइल देते हुए बोली क्या देख रहे हो…? तो में सर्मिन्दा होकर मुस्किराने लगा. पर आंटी ने फिर पूछा क्या देख रहे थे. तो में बोला जो देख रहा था.
आंटी बोली छूना चाहोगे..? मेने खुस होकर उनकी जांग पर हाथ रख दिया. आंटी ने अपने लिप्स मेरे लिप्स पर रख दिया और हम समुच करने लगे. और में अपना हाथ अपने बूब्स पर रख कर जोर जोर से मसल ने लगा. और आंटी ने अपनी जीभ मेरे मुह के अन्दर तक चुस्वाने लगी. और मेरे लंड को मसलने लगी और मेरा लंड जो के ७.५ इंच का हे जो जो फुल जोस में आ गया और अब तक मेने आंटी के सारे कपडे रिमूव कर चूका था. वो बोली चलो बेडरूम में चलते हे और बेडरूम जाकर मुझे आंटी ने बोला जस्ट मिनट अ वेट में अभी आई और वो अपनी गांड मल्कती हुई किचन में चली गयी.
और चोकलेट ले आई और नुजे बब्गा करके मेरे लंड पर आधी गिराकर चूसने लगी याआआ येस्स्स्स बहुत मज़ा आ रहा था और फिर में उनके मुह में ही झड़ गया. और वो सब चाट गयी और फिर वो मुझे उठाकर एक लम्बी किस करते हुए बेड पर लेट गयी और टाँगे फेला कर अपनी चूत पर चोकलेट लगाकर मेरा सर अपनी चूत पर रख दिया और में खूब जोर जोर से चाटने लगा और उनकी जी पॉइंट को जुबान से मसलने लगा.
और वो भी अपनी गांड उठा उठा के चुस्वाने लगी और फिर झड गयी तो मेने भी उनका पूरा पानी चाट लिया फिर आंटी ने बोला प्लीज् अब लंड चूत में डाल दो. तो मेने अपने लंड को उनकी चूत पर रख कर गिसने लगा तो वो नागिन की तरह मचलने लगी और बोली अब डाल भी दो तो मेने लंड चूत में सटा कर एक झोरदार झटका मारा. और आंटी की चीख निकल गयी. आआआह्ह्ह्हह्ह आआअह्ह्ह्हह्ह मर गयी जरा धीरे से तेरा लंड हे हथोडा. बहोत तेज धक्का दे दिया. रे तूने और फिर में धक्के पूरी स्पीड में मारने लगा. और वो भी अब मजे ले कर अपनी गांड उछल उछल कर चुदवाने लगी और बोल भी रही थी. और तेज़ और तेज़ य्य्य्यीआ य्य्य्यीस कम ओंन फ़क में हार्ड यययइस एसी आवाज़े निकल रही थी. फिर उन्होंने मुझे निचे गिरा कर अपनी चूत मेरे लंड पर रख कर उछलने लगी और में उनके बूब्स जो बहोत मजे से झूल रहे थे पकड़ कर मसलने लगा.

और फिर उन्हें में डोग्गी स्टाइल में चोदने लगा. अब तक आंटी का दो बार पानी निकल चूका था. और अब में भी झड़ने वाला था तो आंटी को बोला तो वो हफ्ते हुए मेंरे लंड मुह में ले कर चूसने लगी और बोलती जा रही थी. ये लंड नहीं हथोडा हे अन्दर सब दिवार तोड़ दी इसने और में उनके मुह में झड गया और आंटी ने चाट चाट कर चमका दिया तो ये थी मेरी सबसे यादगार चुदाई.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*